चार मासूमों की हत्या करने वाली साइको किलर पूनम ने जीवन भर अपने परिवार और दोस्तों के लिए नकली होने का खेल चलाया। उसकी शिक्षा में तेजी थी, उसने एमए की डिग्री पूरी की और शिक्षक बनना चाहती थी। लेकिन उसके जीवन में ऐसा कुछ भी नहीं था जिससे वह वास्तविकता से अलग हो सके।
पूनम की मां सुनीता ने कहा, "मेरी बेटी शादी की थी, लेकिन उसके शादी के दिन से ही उसकी हरकतें अजीब थीं। उसने आत्महत्या करने का भी प्रयास किया। हमने उसे इलाज करवाया, लेकिन फिर वह हरकतें करती रही।"
उस समय मेरे मन में यह सवाल उठता है कि पूनम ने इतने सालों तक अपने परिवार और दोस्तों को नकली होने का खेल कब शुरू किया। उसकी हत्याओं के बाद वह कैसे विश्वास खो देती है?
पूनम ने 2019 में अपनी बहन शादी की थी। लेकिन बाद में उसकी स्थिति बदलती चली गई। पूनम अजीब हरकत करने लगी और उसने कई बार आत्महत्या करने का भी प्रयास किया। उसके ससुराल में पड़ोस में किसी युवक की मौत हुई थी। पूनम कहती थी कि उस युवक का साया उस पर आ गया।
पूनम ने अपनी हत्याओं को इसलिए नहीं रोका क्योंकि उसने विश्वास खो दिया, बल्कि वह अपने जीवन में स्थिति को सही नहीं समझ पाई। उसके जीवन में एक ही मोड़ था जिसने उसे हत्याओं की ओर ले गया।
पूनम की हत्याओं के बाद वह कैसे विश्वास खो देती है? उसके परिवार और दोस्तों ने पूरी मेहनत कर रही थी कि पूनम को जेल भेजा जाए, लेकिन जब उसने अपनी हत्याओं को स्वीकार कर लिया, तो सब कुछ बदल गया।
उस समय मेरे मन में यह सवाल उठता है कि पूनम ने इतने सालों तक अपने परिवार और दोस्तों को नकली होने का खेल कब शुरू किया। उसकी हत्याओं के बाद वह कैसे विश्वास खो देती है?
पूनम की मां सुनीता ने कहा, "मेरी बेटी शादी की थी, लेकिन उसके शादी के दिन से ही उसकी हरकतें अजीब थीं। उसने आत्महत्या करने का भी प्रयास किया। हमने उसे इलाज करवाया, लेकिन फिर वह हरकतें करती रही।"
उस समय मेरे मन में यह सवाल उठता है कि पूनम ने इतने सालों तक अपने परिवार और दोस्तों को नकली होने का खेल कब शुरू किया। उसकी हत्याओं के बाद वह कैसे विश्वास खो देती है?
पूनम ने 2019 में अपनी बहन शादी की थी। लेकिन बाद में उसकी स्थिति बदलती चली गई। पूनम अजीब हरकत करने लगी और उसने कई बार आत्महत्या करने का भी प्रयास किया। उसके ससुराल में पड़ोस में किसी युवक की मौत हुई थी। पूनम कहती थी कि उस युवक का साया उस पर आ गया।
पूनम ने अपनी हत्याओं को इसलिए नहीं रोका क्योंकि उसने विश्वास खो दिया, बल्कि वह अपने जीवन में स्थिति को सही नहीं समझ पाई। उसके जीवन में एक ही मोड़ था जिसने उसे हत्याओं की ओर ले गया।
पूनम की हत्याओं के बाद वह कैसे विश्वास खो देती है? उसके परिवार और दोस्तों ने पूरी मेहनत कर रही थी कि पूनम को जेल भेजा जाए, लेकिन जब उसने अपनी हत्याओं को स्वीकार कर लिया, तो सब कुछ बदल गया।
उस समय मेरे मन में यह सवाल उठता है कि पूनम ने इतने सालों तक अपने परिवार और दोस्तों को नकली होने का खेल कब शुरू किया। उसकी हत्याओं के बाद वह कैसे विश्वास खो देती है?