'पति बिना तलाक के दूसरी महिला से करने जा रहा शादी', PAK में बैठी पत्नी ने PM मोदी से लगाई गुहार

अरे भारतीय अधिकारियों से निकिता को मदद करें, नहीं तो पाकिस्तान जा देनी पड़ेगी।

पाकिस्तान में रहने वाली निकिता ने अपने पति विक्रम के लिए गुहार लगाई है, जो इंदौर में रह रहे हैं। उनकी शादी 26 जनवरी 2020 को कराची में हुई थी, लेकिन बाद में विक्रम ने उसे छोड़ दिया और नहीं आए। अब निकिता को पता चला है कि उसके पति भारत में रहने वाली एक युवती से तलाक के बिना शादी करने जा रहे हैं।

निकिता ने अपनी शिकायत दर्ज की है, लेकिन दंपति के बीच समझौता नहीं हो सका। सिंधी पंच मध्यस्थता केंद्र ने पति विक्रम और कथित मंगेतर को नोटिस जारी कर समझौता वार्ता आयोजित की, लेकिन वह भी असफल रही।

अब निकिता ने एक वीडियो संदेश जारी किया है और प्रधानमंत्री, गृह मंत्रालय और उच्च अधिकारियों से मदद की अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके पति को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पाकिस्तान डिपोर्ट किया जाए ताकि मामला कराची अदालत में सुना जा सके और उन्हें न्याय मिल सके।

इस मामले ने गैर-भारतीय नागरिकों के वैवाहिक विवाद, वीज़ा नियमों और क्षेत्राधिकार को लेकर प्रशासनिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
 
अरे, ये तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है 🤕। निकिता जी की स्थिति बहुत ही दर्दनाक है, उनके पति ने उन्हें इतना भाईचारा नहीं किया। अगर सरकार वास्तव में उसकी मदद करना चाहती है तो जरूर करें। लेकिन दिल्ली स्थितीय अधिकारियों की तरह पाकिस्तान के अधिकारियों की भी तरह समझदारी और सहयोग की जरूरत है। इसके अलावा, यह मामला हमें सोचने पर मजबूर कर रहा है कि हमारी नागरिकता और वीज़ा नियम कितने सख्त हैं।
 
अरे यार, यह तो क्या बात है! पाकिस्तान जाने के बजाय निकिता को अपने पति को पकड़ने की कोशिश कर लें 🤣। लेकिन सीरियस तो है, मैंने देखा है कि यह कानूनी प्रक्रियाओं का रास्ता भूलकर भाग निकल जाते हैं। उन्हें वाकई मदद की ज़रूरत है, लेकिन इसके लिए तय कर लेना चाहिए कि कानून का रास्ता तय क्यों ना? 👊
 
अरे यह तो बहुत दुखद स्थिति है 🤕 निकिता की बात समझनी चाहिए, वह पति विक्रम से बिल्कुल सहमत नहीं है, और पाकिस्तान भेजने का फैसला कर लेना ठीक नहीं है। मुझे लगता है कि सरकार को इस मामले में ध्यान देना चाहिए, और निकिता की मदद करनी चाहिए। उसके पति विक्रम से समझौता कर लेना जरूरी नहीं है, वह तो अपने कानूनी अधिकारों का प्रयोग कर सकता है और निकिता की बात माननी चाहिए।
 
अरे यह तो बहुत दुखद स्थिति है निकिता की, उनके पति ने इतनी बिना सोचे समझे शादी छोड़ दी और अब वह क्या करेगी? मुझे लगता है कि सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, उन्हें पाकिस्तान भेजने से पहले एक आखिरी सावधानी से सोच लेनी चाहिए। शायद उन्हें पाकिस्तान के नियमों को समझने का समय मिल जाए और वह विक्रम को वापस करने के लिए तैयार हो जाए। हमें अपने देश की नागरिकों की सुरक्षा के लिए एकजुट रहना चाहिए और उन्हें सही रास्ते पर लाने की कोशिश करनी चाहिए।
 
अरे यह तो बहुत दुखद स्थिति है 🤕, निकिता जी की बात सुनकर ये एहसास होता है कि हमारे पास वीज़ा नियमों में भ्रम होने के कारण गरीब लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शादी के बंधन में अकेलापन और धोखाधड़ी की बात यह तो हमारे समाज की गहराई को दर्शाती है 😔

पाकिस्तान जाने की बात करना तो परेशान कर देती है, लेकिन फिर भी हमें उसकी मदद करनी चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निकिता जी को उनके अधिकार मिलें, और उनके पति को उनकी गलतियों के लिए सजा मिले। हमें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए, ताकि ऐसी स्थितियां कभी भी पुनर्जन्म न लें। 🙏
 
जीवन में जो भी होता है वह सब अच्छा नहीं होता, पर फिर भी हमें आगे बढ़ना होता है और अपने जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश करनी होती है।
 
अरे, ये तो बहुत गंभीर स्थिति है निकिता जी की। इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने पास का व्यक्ति भेज देंगे। उनकी मदद कैसे कर सकते हैं? सबसे पहले, हमें यह समझना चाहिए कि तलाक के बिना शादी करना एक गंभीर मुद्दा है। इसमें परिवार, समाज और कानून सबको प्रभावित करता है।

हमें सोच-समझकर यहां तक कि अपने देश के नियमों को भी समझना चाहिए। वीज़ा नियमों में बदलाव लाना एक जटिल मुद्दा है, लेकिन हमें ऐसे मामलों में मदद करनी चाहिए जहां कानून का पालन हो।
 
अरे, यह तो बहुत ही दुखद स्थिति है निकिता की। उसके पति का ऐसा करार फांलना और पाकिस्तान जाने की बात तो मन जीत नहीं सकती। लेकिन हमें लगता है कि सरकारी पक्ष यह देखकर चिंतित होगा। उन्हें पता होना चाहिए कि ये मामला न केवल निकिता के जीवन पर बल्कि पाकिस्तान से वापस आने वाली कई भारतीय महिलाओं के लिए खतरा भी बन सकता है।

सिंधी पंच मध्यस्थता केंद्र को समझौता वार्ता आयोजित करने में विफल रहना एक बड़ा नुकसान है। अब यह तो निकिता के लिए केवल अदालत में मामला सुनना और न्याय पाना ही बचा रह गया है। हमें आशा है कि सरकार तुरंत इस मामले में कार्रवाई करेगी।
 
अरे, यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है 🤕 निकिता जी की स्थिति। पाकिस्तान में रहने वाली लड़की के साथ शादी करने की बात सुनकर मुझे अच्छी नहीं लगती। क्योंकि वह अभी भारत में रहती है और उसका पति इंदौर में रहता है, तो यह समझौता वार्ता बहुत ही जटिल हो गई है।

मुझे लगता है कि सरकार से मदद लेना एक अच्छा विचार है, परंतु पाकिस्तान में रहने वाली लड़की की भारतीयता और उसके पति की तलाक की समस्या को देखकर मुझे लगता है कि इस मामले को बहुत सावधानी से हल करना चाहिए।

कुछ लोग कहते हैं कि पाकिस्तान जाने से पहले लड़की को अपने पति के साथ शादी करने से बचना चाहिए, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक आसान समाधान नहीं है। क्योंकि वह अभी भारत में रहती है और उसका पति इंदौर में रहता है, तो इससे बहुत सारे समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

मुझे लगता है कि इस मामले को हल करने के लिए हमें अपने नागरिक अधिकारों और वीज़ा नियमों पर अच्छी तरह से जानना चाहिए।
 
ਮुझे ਇਹ ਸੁਣਨ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗੱਲ ਨਹੀਂ, ਪਰ ਜੋ ਸੱਚ ਤਾਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਉਸ 'ਤੇ ਵਿਚਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਮੈਨੂੰ ਖੁਸ਼ੀ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ।

ਪਰ, ਅਰੇ ਜਦੋਂ ਕਿ ਸਾਡੇ ਆਪਣੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਦੀ ਹਾਲਤ 'ਚ ਉਦੇਸ਼ ਵਧੇਰੇ ਅਮਲੀ ਪਾਏ ਜਾਣ, ਤਾਂ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਦੇ ਖ਼ਿਆਲ 'ਚ ਗੁਜ਼ਰਦਾ ਹੋਵੇ, ਉਹ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਨਹੀਂ।
 
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