संविधान में बदलाव, नेताओं का घट रहा विश्वास: सार्वजनिक शिकायतों की खुलकर बात
देशभर 56 फीसदी लोगों ने अपनी राय देने पर कहा है कि संविधान में बड़े बदलाव की जरूरत है, जबकि 40 फीसदी लोगों ने सरकार की प्रतिक्रिया कमजोर बताई। गणतंत्र दिवस पर हमने एक ऑनलाइन सर्वे आयोजित किया, जिसमें लोगों को संविधान और नागरिक अधिकारों के बारे में अपनी राय देने का अवसर दिया गया। इस सर्वे में 90 फीसदी लोगों ने अदालतें और मीडिया को संविधान की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार बताया।
लेकिन, सरकार और नेताओं पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। सर्वे में 44 फीसदी लोगों ने कहा है कि नेताओं का संविधानिक मूल्यों में विश्वास घट रहा है। इसके अलावा, 40 फीसदी लोगों ने बताया है कि सरकार की प्रतिक्रिया नागरिक अधिकारों के हनन पर कमजोर होती जा रही है।
इस सर्वे से यह पता चलता है कि संविधान और नागरिक अधिकारों के बारे में लोगों की शिकायतें और आकांक्षाएं बहुत ज्यादा हैं। हमें सोचकर दिलचस्प है कि आगे क्या बदलाव आयेगा, और हमें नागरिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए लड़ने में कैसे सहयोग कर सकते हैं।
सर्वे के प्रमुख परिणाम
* 56 फीसदी लोग: संविधान में बड़े बदलाव की जरूरत है
* 40 फीसदी लोग: सरकार की प्रतिक्रिया नागरिक अधिकारों के हनन पर कमजोर
* 90 फीसदी लोग: अदालतें और मीडिया संविधान की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार
* 44 फीसदी लोग: नेताओं का संविधानिक मूल्यों में विश्वास घट रहा है
देशभर 56 फीसदी लोगों ने अपनी राय देने पर कहा है कि संविधान में बड़े बदलाव की जरूरत है, जबकि 40 फीसदी लोगों ने सरकार की प्रतिक्रिया कमजोर बताई। गणतंत्र दिवस पर हमने एक ऑनलाइन सर्वे आयोजित किया, जिसमें लोगों को संविधान और नागरिक अधिकारों के बारे में अपनी राय देने का अवसर दिया गया। इस सर्वे में 90 फीसदी लोगों ने अदालतें और मीडिया को संविधान की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार बताया।
लेकिन, सरकार और नेताओं पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। सर्वे में 44 फीसदी लोगों ने कहा है कि नेताओं का संविधानिक मूल्यों में विश्वास घट रहा है। इसके अलावा, 40 फीसदी लोगों ने बताया है कि सरकार की प्रतिक्रिया नागरिक अधिकारों के हनन पर कमजोर होती जा रही है।
इस सर्वे से यह पता चलता है कि संविधान और नागरिक अधिकारों के बारे में लोगों की शिकायतें और आकांक्षाएं बहुत ज्यादा हैं। हमें सोचकर दिलचस्प है कि आगे क्या बदलाव आयेगा, और हमें नागरिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए लड़ने में कैसे सहयोग कर सकते हैं।
सर्वे के प्रमुख परिणाम
* 56 फीसदी लोग: संविधान में बड़े बदलाव की जरूरत है
* 40 फीसदी लोग: सरकार की प्रतिक्रिया नागरिक अधिकारों के हनन पर कमजोर
* 90 फीसदी लोग: अदालतें और मीडिया संविधान की रक्षा के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार
* 44 फीसदी लोग: नेताओं का संविधानिक मूल्यों में विश्वास घट रहा है