बात की जाए तो रूस-यूक्रेन जंग की बात है... 61 भारतीय लोग फंस गए, सरकार ने उन्हें युद्ध में शामिल होने से पहले बातचीत करने का फैसला किया है। यह बहुत अच्छा कदम है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे कुछ नहीं होगा। जंग में शामिल होने के बाद, दृश्य परिवर्तन हो सकता है और हमें पता नहीं चलता है कि वे कहां हैं और वे सुरक्षित हैं।
मुझे लगता है कि सरकार को अपनी सेना को युद्ध में न send करने पर विचार करना चाहिए। जंग में शामिल होने से पहले दiplomatic efforts करना हमेशा अच्छा रहता है। इससे हमें अपने सैनिकों की जान बचाने में मदद मिलती है और दूसरी तरफ, दुश्मन को भी पता चलता है कि हमारे पास बहुत करीब से विचार करने वाले लोग हैं। तो फिर सोच-विचार करने से पहले युद्ध में शामिल होने से बेहतर है।