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शुक्रवार को दिल्ली में स्थित राजघाट पर भारतीय प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के घर पर फव्वारा चालू होने लगा जिससे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीन दिन पहले ही जल संसाधन विभाग को बताया था।
 
बेटा, यह तो एक बड़ी बात है 🤔। फव्वारा चालू होने लगने से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर संदेह आ रहा है। लेकिन जब हम पूरे देश में पानी की समस्या को देखते हैं, तो यह समझना ज़रूरी है कि हमारे शहरों और गाँवों में पानी की आपूर्ति कैसे होती है। दिल्ली में फव्वारा चालू होने से हमें सोच विचार करना पड़ेगा कि हम अपने पार्कों, बाग़, और खेल क्षेत्रों में पानी कैसे लाएंगे। यह तो एक अच्छी बात नहीं है, जब तक हम अपने घरों और दुकानों को साफ नहीं कर सकते हैं।
 
मुझे लगा कि यह कुछ ऐसा है जिस पर हमें पूरी तरह से ध्यान देना चाहिए। मोदीजी के घर पर फव्वारा चालू होने से कोई भी बड़ा मतलब नहीं निकल रहा है। लेकिन यह बात तो हमें हमेशा याद रखनी चाहिए कि पानी हमारा सबसे प्यारा और मूल्यवान संसाधन है और हमें इसे बहुत सावधानी से संभालना होगा। मुझे लगा कि इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है, लेकिन शायद यह एक छोटा सा संकेत है कि हमें जल संचयन और जल संरक्षण की ओर देखना चाहिए। तो फव्वारे को रोकने के अलावा, हमें अपने पास उपलब्ध जल संसाधनों को बेहतर तरीके से उपयोग करने का प्रयास करना चाहिए।
 
क्या बात है! इस तरह फव्वारा चालू होने लगने से पहले मुझे पता नहीं था कि खलील कौन है! 😅 प्रधानमन्त्री के घर पर भी फव्वारा चलना तो समझ में आता है, लेकिन ऐसे में स्थानीय लोगों की बात नहीं माननी चाहिए। अगर अरविंद केजरीवाल ने तीन दिन पहले जल संसाधन विभाग को बताया था, तो फव्वारे को और भी तेज कर दिया जाना चाहिए, नहीं तो खलील क्यों रह गई? 🤔 प्रधानमन्त्री के घर पर फव्वारे से दिल्ली में गर्मी का मौसम तोड़ने की कोशिश करनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत अजीब है 🤔। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के घर पर फव्वारा चालू होने लगने से तो कुछ समझ में आता है, लेकिन राजघाट पर भी? यह सुनकर लगता है कि कोई मजाक हो रहा है। 🤣

लेकिन अगर हम गंभीरता के साथ देखें, तो यह एक बड़ी चिंता है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले ही जल संसाधन विभाग से बताया था, लेकिन अब यह दिखाई दे रहा है कि क्या उनके पास कोई विकल्प नहीं था। 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि सरकारें अक्सर ऐसी बातें करती हैं जो हमेशा से ही बनती रहीं। मैं उम्मीद करता हूँ कि जल संसाधन विभाग इस समस्या का समाधान निकालेगा। 💧
 
तो यार, यह तो एक अच्छा सबक है कि जितना हम अपने घर की सफाई करते हैं उतना ही हम अपने देश की सफाई कर पाते हैं। नरेंद्र मोदी जी के घर में फव्वारा चालू होने से पहले भी अरविंद केजरीवाल ने जल संसाधन विभाग को बताया था, लेकिन क्या कोई सुनने आया? यह तो दिखाता है कि अगर हम अपने आसपास की चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं तो कुछ भी अच्छा निर्धारित नहीं होता।

अब मोदी जी के घर में फव्वारा चालू होने से लोगों में खुशी हो रही है, लेकिन यह तो एक छोटी सी बात है। हमें अपने देश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार। अगर हम इनमें सुधार करते हैं तो ही हम अपने देश को सचमुच बेहतर बना सकते हैं।
 
बिल्कुल बुरा लग रहा है यह, प्रधानमन्त्री की गड़भड़ी, क्यों नहीं सुना कि फव्वारा चालू होने लगा तो? 🤔 केजरीवाल जी ने जरूर बात कही होगी लेकिन क्या उन्हें पता था कि ऐसा कुछ होने वाला है? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि इस मामले में अधिकारियों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि यह एक बड़ी समस्या है। और प्रधानमन्त्री जी को भी अपने घर पर सुरक्षा व्यवस्था देखनी चाहिए। 💡

फव्वारा चालू होने लगने के बाद से लोगों में चिंता बढ़ गई है, और यह एक बड़ा सवाल उठाता है कि सरकार कैसे निगरानी रखती है? 🕵️‍♂️

केजरीवाल जी ने जरूर बोल दिया, लेकिन अब समय आ गया है कि हर किसी पर जवाबदेही डाली जाए। #जलसंसाधन #प्रधानमंत्री #अधिकारियोंकुजिम्मेदारी
 
अरे ये तो बहुत अजीब बात है 🤔, प्रधानमंत्री के घर पर फव्वारा चालू करने से मुख्यमंत्री को पता चल गया है कि उनके लिए पीने की पानी की सुविधा तैयार नहीं है? यह तो सचमुच एक बड़ा दुर्भाग्य है 🤕। और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जल संसाधन विभाग से जितनी तेजी से बात की, उसका फायदा किसे मिल रहा है? यह एक बड़ा सवाल है और हमें इसके पीछे कारण को समझना चाहिए।
 
अरे, यह तो खुशियों की बात नहीं है, प्रधानमन्त्री के घर पर फव्वारा चालू होना? क्या ये जानने के लिए भी सिर्फ मुझ को ही शामिल करना था? 🤔

मुख्यमंत्री ने तीन दिन पहले ही जल संसाधन विभाग को बताया था, लेकिन लगता है कि उनकी बातें मानी नहीं गईं। यह तो मेरे लिए भी एक बड़ा झगड़ा है, और मुझे लगता है कि इससे कुछ गंभीर समस्या भी निकल सकती है।

मैंने सोचा था कि जल संसाधन विभाग ने अच्छी तरह से प्लानिंग नहीं की, या फिर मुख्यमंत्री की बातों में ध्यान नहीं दिया गया। और अब प्रधानमन्त्री के घर पर फव्वारा चालू होना, यह तो एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
 
क्या क्या हुआ? फव्वारा चालू होने लगने को स्ट्रीट्स में लोगों को यह जानकारी तीन दिन पहले मिल गई थी, तो क्यों नहीं बताया गया? मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को जरूर बुलाया था, लेकिन सरकार को यह तय करने में कितना समय लगा? 🤔

मुझे लगता है कि इससे एक बड़ा मुद्दा उभर रहा है, चाहे वह सिंचाई या जल संकट हो, तो हमारी सरकार को जल संसाधनों की प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। लोगों को अपने घरों में बार-बार पानी निकालना पड़ रहा है, इससे परिवारों का बजट भी खराब होता जा रहा है... 🤷‍♀️

मुझे उम्मीद है कि जल संसाधन विभाग इस मामले को गंभीरता से लेगा और हमारे राजधानी की सिंचाई समस्या को हल करने के लिए कड़ी मेहनत करेगा। 🌟
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही अजीब बात है, लेकिन मैं समझ नहीं पा रहा हूँ। पहले तो कहा जा रहा है कि फव्वारा चालू होने से मुख्यमंत्री ने खुशी से घोषणा की, लेकिन तीन दिन पहले उन्होंने बातचीत में यही बताया था। अब तो मुझे लगता है कि शायद यह सब एक बड़ा प्रयास है, परंतु क्या इसे कोई खेल का हिस्सा बनाने का इरादा है? 🤔

मैं दिल्ली में रहने वालों को समझ नहीं पा रहा हूँ, शायद यहाँ जीवन बहुत सस्ता है और सब कुछ खुशियों से भरा हुआ है। लेकिन जब बात आती है तो सब ठीक नहीं होता। 🙄
 
मुझे लगता है कि यह बहुत अजीब है, क्योंकि प्रधानमन्त्री के घर में फव्वारा तोड़ देने के बाद भी वहां से पानी नहीं निकल रहा है। क्या यह एक बड़ा जोखिम है या कुछ और हो सकता है? मैं समझता हूं कि जल संसाधन विभाग ने बहुत सावधानी बरती, लेकिन ऐसे में तीन दिन पहले से बताने के लिए मुझे लगता है कुछ नहीं हो रहा था।

मैं सोचता हूं कि यह एक बड़ा मौका है कि हम जल संसाधनों की समस्या को हल करें, लेकिन अगर फव्वारा तोड़ने के बाद भी पानी नहीं निकल रहा है, तो यह बहुत चिंताजनक है। मुझे उम्मीद है कि जल संसाधन विभाग और अन्य अधिकारी जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगे।
 
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