राजस्थान-MP के 37 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे: 8 दिसंबर से और बढ़ेगी ठिठुरन; उत्तराखंड-हिमाचल में बर्फबारी का अलर्ट, केदारनाथ में -14° पारा

राजस्थान में कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है, जहां कई शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। जयपुर में इस सीजन पहली बार तापमान 9.2 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि सबसे ठंडा इलाका सीकर का फतेहपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री दर्ज हुआ। इससे फसलों को नुकसान हो रहा है और पाला पड़ने से खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं।

मध्य प्रदेश में भी तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया, जिससे राज्य में ठिठुरन और बढ़ेगी। भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री, इंदौर में 11 डिग्री और ग्वालियर में 7.5 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्यों से सर्द हवाएं आ रही हैं और इससे राज्य में 7 और 8 दिसंबर को ठिठुरन बढ़ेगी।

उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, जहां कई इलाकों में तापमान माइनस 14 डिग्री और बद्रीनाथ में -11 डिग्री दर्ज किया गया। पिथौरागढ़ और चमोली में नदी-नाले जम गए हैं, जबकि मौसम विभाग ने अनुसार, राज्य में रविवार से मौसम बदलेगा और कई जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।

हरियाणा में भी सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट लगातार जारी है। नारनौल राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। हिसार में 3.7 डिग्री, करनाल में 7.0 डिग्री और अंबाला में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
 
राजस्थान में कड़ाके की सर्दी बहुत ज्यादा हो रही है 🥶, याद आ गया है जब मैं बच्चा था, राजस्थान में सर्दियों का तापमान कम होता था और हम अपने घरों से बाहर निकलते नहीं थे। अब तो तापमान 10 डिग्री से भी नीचे जा रहा है और फसलें खराब हो रही हैं। इससे किसानों की परेशानी हो रही है।

याद आ गया है जब हमारे पास खेतों में ओस की बूंदें नहीं थीं, अब तो यही समस्या है। मध्य प्रदेश और हरियाणा में भी ठिठुरन और बढ़ रहा है, याद आ गया है जब हमारे पास ऐसी घटनाएं होने की संभावना नहीं थी।
 
यह तो बिल्कुल सही है कि राजस्थान में कड़के की सर्दी शुरू हो गई है, और इससे फसलों पर नुकसान हो रहा है। पलटवार की क्रिया से खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं, जिससे गांव-गाँव में किसान का दुख होता दिखाई दे रहा है 🤔। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान इतना नीचे गया कि लोगों को अपनी जीवनशैली में बदलाव करना पड़ा है। उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, जहां पिथौरागढ़ और चमोली में नदी-नाले जम गए हैं। यह तो एक बड़ी समस्या है कि हमारे देश में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए सरकार को मजबूत कदम उठाने होंगे।
 
ब्रिटी😒 तापमान 10 डिगरी से नीचे 😨 कैसे जा सकता है? राजस्थान में कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है, यह बिल्कुल ठीक नहीं है ❄️। फसलों को नुकसान हो रहा है और पाला पड़ने से खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं 😩। मध्य प्रदेश में भी ठिठुरन और बढ़ेगा 🤯, भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री और इंदौर में 11 डिग्री दर्ज हुआ। उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, जहां कई इलाकों में तापमान माइनस 14 डिग्री और बद्रीनाथ में -11 डिग्री दर्ज किया गया। राजस्थान और मध्य प्रदेश में ठंड के दौर को तेज करने की जरूरत है ❤️
 
🌡️😬 राजस्थान की कड़ाके सर्दी शुरू हो गई है! ❄️🌨️ जयपुर में पहली बार 9.2 डिग्री सेल्सियस, तो सीकर का फतेहपुर सबसे ठंडा इलाका रहा 😅। फसलों को नुकसान होता है और ओस की बूंदें जमने लगी हैं 🌪️। मध्य प्रदेश में भी तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया, यह ठिठुरन और बढ़ेगा 😬। उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, -11 डिग्री दर्ज किया गया 🤯। हरियाणा में भी सर्द हवाएं चल रही हैं, नारनौल में सबसे ठंडा स्थान रहा 😊
 
बहुत ठंड लग रही है इस सीजन 🥶। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी बहुत गंभीर हो गई है, जहां फसलों को नुकसान हो रहा है। मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में भी तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। इसे देखकर हमें पाला करना चाहिए कि इससे खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भीषण सर्दी पड़ रही है, जहां कई इलाकों में तापमान माइनस 14 डिग्री दर्ज किया गया है। हमें अपनी सुरक्षा और समार्थ्य के लिए तैयार रहना चाहिए। 🌡️
 
राजस्थान में कड़ाके की सर्दी कैसे आ गई, ये देखकर शर्मिंदगी होती है कि फसलों को इतना नुकसान पहुंचा गया है। ठंड से पाले गए खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं, यह तो बहुत बड़ा दुष्चक्र है। पार्टी की राजनीति और पापी पुलिस की प्यादे इन फसलों की जिंदगी में अहम भूमिका निभाते हैं ... 😔
 
ज़रूर, यह तो फसलों के लिए बहुत बड़ी समस्या हो गई है 🌾️। मैंने अपने घर के बाहर जाकर देखा, तो पाला पड़ने से ओस की बूंदें जम रही थीं। इससे यार्ड की सबकुछ फूल खिल नहीं रहे हैं। शायद हमें अब फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ कराना चाहिए। मेरे दादाजी कहते हैं, "नीलगिरी पर बारिश तब होती है जब तापमान 10 डिग्री से नीचे जाता है।" शायद इसका एक समान तरीका हो सकता है।
 
राजस्थान के लोग तो अब पलक झपकने दें! कड़ाके की सर्दी कहीं भी ना आ रही, जैसे राहत मिल गई है 🤗 यह ठंड लगने से फसलों को नुकसान होता है, कि नहीं। और इसके अलावा ओस की बूंदें जमने लगी हैं तो खेतों में क्या करें? 🌾 मध्य प्रदेश के लोग भी ठिठुरन में फंस गए, यह 10 डिग्री से नीचे जैसे राहत मिल गई है! 🤯 और उत्तराखंड के लोग तो खूब ठंड लग रही है, -11 डिग्री तक गिर गया है! ❄️ हरियाणा के लोग भी सर्द हवाएं चल रही हैं, तापमान में गिरावट जारी है। 🤔
 
बता दो, राजस्थान में कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई, लेकिन अभी भी खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं? यह तो एक अच्छा मौका है सबको घरों से बाहर निकलकर स्केचिंग करें, या फिर शॉपिंग करे। 📺😏

और उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, लेकिन वहाँ के लोग अभी भी गांवों में रहते हैं और सड़कों पर निकलकर ठिकाना नहीं बताते। यह तो उनकी विरासत है! 😂

मध्य प्रदेश में भी ठिठुरन आ रहा है, लेकिन वहाँ के लोग अभी भी खेतों में काम करते हैं और फसलों को संभालने के लिए तैयार हैं। यह तो उनकी दिलदारियां है! ❤️

लेकिन सबसे अच्छा यह है कि सर्दी के दौरान बैठकर पनीर पराठा बनाने का मौका मिलता है, और फिर अपने दोस्तों से साझा करना। 😊👍
 
अरे ये तो बहुत ठंड है! मैंने जयपुर जैसे शहरों में कभी नहीं जाया है, लेकिन इतना ठंडा लग रहा है। मेरे घर का दीवारों पर लगा एक छोटा सा पंखू तो बर्फ से ढक गया। मैंने अपने भाई के खिलाफ फिर से कहा है कि वह अपनी गर्मियों की लेटिटनस टॉप चाहिए, नहीं तो वह ठंड में कुछ नहीं कर पायेगा।

मध्य प्रदेश में इतना ठंडा होना अच्छा नहीं है, खेतों में ओस की बूंदें जमने से फसलों पर नुकसान होगा। और उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, मैंने अपने दोस्त को फोन किया है और कहा है कि वह जल्दी से वहां जाए, वहाँ बहुत ठंड है।

मुझे लगता है कि पाला पड़ने से खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं। और इसी तरह राज्य में ठिठुरन और बढ़ेगा।
 
सर्दी की वाहिनी चल रही है, लेकिन यह पूरे उत्तर भारत में देखने को मिल रही है। राजस्थान में कड़के की सर्दी तेज़ हो गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं। मध्य प्रदेश और हरियाणा में भी ठिठुरन बढ़ रहा है, तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, कई इलाकों में तापमान माइनस 14 डिग्री दर्ज किया गया है।

यह ठिठुरन और बढ़ना पूरे देश को अपनी ओर ले जा रहा है। मौसम विभाग ने अनुसार, पहाड़ी राज्यों से सर्द हवाएं आ रही हैं और 7-8 दिसंबर तक ठिठुरन बढ़ेगा। हमें अब अपनी फसलों की देखभाल करनी होगी और खेतों में जल संचयन करना होगा।

मुझे लगता है कि सर्दी की वाहिनी को देखने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमें अपने घरों को गर्म बनाना होगा, खेतों में जल संचयन करना होगा और फसलों की देखभाल करनी होगी।
 
बात कुछ खास नहीं है, राजस्थान में कड़ाके की सर्दी आ गई है और यह तो हमेशा से होने वाली बात है। लेकिन क्या इसे लेकर सरकार और मौसम विभाग को यही कहीं नहीं था? पिछले सीजन भी ठंड की बात करते थे, लेकिन कभी निरंतर नहीं। अब तो फसलों को नुकसान हो रहा है और ओस की बूंदें जम गए हैं, लेकिन इसके साथ-साथ पाला पड़ने वाले खेत भी हैं।

मध्य प्रदेश में भी ठिठुरन आ गई है, लेकिन यह तो पहले ही जानते थे। और क्या ये पूरे देश के लिए अच्छी बात है? पहाड़ी राज्यों से सर्द हवाएं आ रही हैं और इससे कई जिलों में ठिठुरन बढ़ेगा, लेकिन इसके लिए तैयार नहीं थे।

उत्तराखंड में भीषण सर्दी पड़ रही है, यह तो अच्छा है कि ये पहले से ही जानते थे। और हरियाणा में भी सर्द हवाएं चल रही हैं, लेकिन इसके बाद क्या हुआ? तापमान में गिरावट लगातार जारी है, लेकिन सरकार को यह नोटिस नहीं लगा।
 
सवेरे तो राजस्थान का तापमान 9.2 डिगरी बेकार, यह ठंड लग रही है न? जयपुर में पहली बार इतनी ठंड हो रही है। लेकिन मुझे लगता है कि इस सर्दी से फसलों पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा। ओस की बूंदें जमने लगी हैं और खेतों में क्या हुआ?
 
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