राजस्थान पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव, अब EVM से नहीं बैलेट पेपर से होंगे सरपंच के इलेक्शन

राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है, जिसमें अब पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान बैलट पेपर से कराया जाएगा। इससे पहले इन चुनावों में वोट देने की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से होती थी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला कलेक्टर्स को विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी हैं ताकि चुनाव को सफलतापूर्वक और सुरक्षित ढंग से आयोजित किया जा सके। इन गाइडलाइन्स के अनुसार, पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स से कराया जाएगा। इसके अलावा, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव EVM से ही कराए जाएंगे, लेकिन यदि EVM कम पड़ती है या किसी तरह की अव्यवस्था होती है, तो वहां भी बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

यह बदलाव लंबे समय से चालू ईवीएम की जगह बैलट प्रणाली की वापसी को दर्शाता है। इसका मतलब यह है कि अब पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान की प्रक्रिया में एक नए दौर की शुरुआत होगी।

इसके साथ ही, राज्य निर्वाचन आयोग ने EVM की सीमित उपलब्धता कराई है, ताकि चुनाव समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। इसलिए, EVM और बैलेट पेपर दोनों विकल्पों को साथ में रखा गया है ताकि किसी भी परिस्थिति में मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो।
 
मुझे बहुत खुशी हुई! राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव को लेकर यह बदलाव वाहिनी से बड़ा फायदा है 🤩। अब मतदान बैलेट पेपर से कराया जाएगा, इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से हुआ करता था। यह बदलाव मुझे हमेशा से चाहिए था, अब चुनाव समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से आयोजित हो सकेगा जैसे कि चालू ईवीएम की जगह बैलट प्रणाली की वापसी है 🔥
 
बहुत अच्छा बदलाव हुआ है राजस्थान में, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से मतदान बैलेट पेपर और बॉक्स की तरह कराया जाएगा। इससे पहले EVM को लेकर बहुत समस्याएं आ रही थी, तो अब यह एक अच्छा बदलाव है।

चुनाव में व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से आयोजित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी गई गाइडलाइन्स बहुत महत्वपूर्ण हैं। पंच और सरपंच के चुनाव में वोट देने की प्रक्रिया अब से बेहतर हो गई है।

EVM की सीमित उपलब्धता भी एक अच्छी बात है, इससे चुनाव समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होने में मदद मिलेगी।
 
बिल्कुल तो यह बदलाव अच्छा लगेगा 😊, चुनावों में ईवीएम से जुड़े समस्याएं हमेशा आ रही थीं, जैसे कि मशीन में बैटरी चलने नहीं देती और वोट गिनाने में भी तो खलाल होता। और फिर इसे लोकसभा चुनावों में भी शामिल कर दिया गया था, लेकिन अब राजस्थान के पंचायती राज चुनाव में मतदान बैलेट पेपर से कराया जाएगा तो बहुत अच्छा है 🙌। इससे पहले हमारे दादा-दादी की व्यवस्था थी, जब लोग अपने हाथ से वोट डालते थे। अब यह बदलाव चुनावों में साफ स्वच्छता और ट्रांसपेरेंसी लाने में मदद करेगा।
 
अगर ये बदलाव सफल होता है, तो हमारे ग्रामों के लोगों को अपने अधिकारों की सुरक्षा और मतदान की प्रक्रिया में शांति और सुरक्षा की भावना महसूस करनी चाहिए 🙏। इससे हमें यह देखने का मौका मिलेगा कि वास्तव में हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हम क्या कर सकते हैं। और अगर EVM कम पड़ती है तो बैलेट पेपर से मतदान करना आसान होगा, तो यह एक अच्छा बदलाव होगा।
 
बिल्कुल सही नहीं होगा। यह बदलाव ईवीएम के लिए एक और बमुश्किल बनाएगा, जबकि पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान बैलेट पेपर से करना अधिक लचीला और विश्वसनीय होगा। ईवीएम में त्रुटियाँ हो सकती हैं और उन्हें ठीक करना भी मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, ईवीएम की सीमित उपलब्धता की समस्या पहले से ही थी, लेकिन इस बदलाव के साथ, इससे भी बदतर होगा।
 
क्या फायदे नहीं थे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ? अब बैलट पेपर और बैलेट बॉक्स की जैसे बदलाव को लेकर मुझे बहुत चिंतित हूँ। इससे पहले मतदान प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक थी, जिससे सभी सारी गलतियाँ दिखाई देती थीं और इसका सुधारने की जरूरत नहीं थी। लेकिन अब यह बदलाव कैसे होगा? क्या बैलट पेपर पर भी गलतियाँ होंगी?
 
अरे वाह, यह तो बहुत बड़ा बदलाव है! पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से ही चुनाव चल रहे थे, लेकिन अब बैलट पेपर और बॉक्स का इस्तेमाल कराया जाएगा, यह तो एक नए युग की शुरुआत है। मुझे लगता है कि इससे मतदान प्रक्रिया में एक और सुरक्षित और विश्वसनीयता का लाभ होगा।

और यह बात, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल कराया जाएगा, लेकिन अगर EVM कम पड़ती है तो उनके लिए भी बैलट पेपर और बॉक्स का इस्तेमाल कराया जाएगा, यह तो एक अच्छा फैसला है।

मुझे लगता है, हमारे देश में चुनावों में सुधार होना बहुत जरूरी है, लेकिन यह बदलाव भी एक अच्छा कदम है और मुझे उम्मीद है कि इससे आगे भी हमारे देश के चुनाव प्रणाली में और भी सुधार आएगा।
 
ਆਹ, ਇਹ ਬਦਲਾਅ ਕੀ ਨਵੀਂ ਚੁਣਵਾਈ ਤਰ੍ਹਾਂ! 🤣 अब ਪੰਚ ਆਦਿਕ ਦੇ ਚੁਣਾਉਣ 'ਚ ਬਲਟ ਡੀ ਪੀਪਰ ਵਰਤਣ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦਾ ਆਊਟਫੋਲ ਇਵੀਐਮ ਪਾਵਾਨ ਹੈ... ਬਰਾਬਰ ਅਸਲੀ ਖਾਤ੍ਰ ਭਾਵ! 😂
 
मुझे लगता है कि यह बदलाव अच्छा रहेगा, खासकर जब तक हम EVM की समस्याओं से नहीं बाहर निकल जाते। लोगों को अक्सर लगने वाले त्रुटियों और धोखाधड़ी की खबरें आती रहती हैं। अब दिखाई देने वाली सुरक्षा में थोड़ा बदलाव भी अच्छा रहेगा।
 
बिल्कुल सही, यह बदलाव बहुत अच्छा है 😊। पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान बैलेट पेपर से करने से लोगों की जानकारी और प्रक्रिया में सुधार हो सकता है। इससे चुनाव अधिक ईमानदार और निष्पक्ष बन सकते हैं। और यह बदलाव हमें याद दिलाता है कि हमेशा प्रगति होती रहती है, हमने लंबे समय से इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम को अब फिर से बैलट प्रणाली की ओर बढ़ रहे हैं। यह बदलाव मुझे बहुत सकारात्मक महसूस कराता है।
 
बड़ा बदलाव आया है, पंच और सरपंच के चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से नहीं, बल्कि बैलट पेपर से मतदान करना अब शुरू हो गया है! ऐसा तो पहले कभी नहीं देखा होगा, लेकिन अच्छी तरह से योजनाबाजी की जानी चाहिए ताकि सभी को बैठने का मौका मिले।

बैलेट पेपर और बॉक्स की व्यवस्था में भी बदलाव आया है, इससे पहले EVM से मतदान करना था, अब यह नए बदलाव के साथ पंच और सरपंच के चुनाव में शामिल होने वाले लोगों को बैलट पेपर से मतदान करना पड़ेगा। ऐसा तय हुआ है जैसे जैसी कमी EVM में हो, उसी तरह बैलेट पेपर और बॉक्स की जोड़ी व्यवस्थित रूप से हो ताकि सभी चुनावों को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सके।

अब ये देखकर अच्छा लग रहा है कि अगर EVM में कमी आती है या कहीं भी समस्या होती है, तो उस जगह पर व्यवस्था बैलट पेपर और बॉक्स से होने दी जाएगी। बदलाव ने लोकतंत्र के लिए नया आयाम बनाया है।
 
😊 यह बदलाव मुझे थोड़ा आश्चर्यचकित करता है, लेकिन साथ ही साथ मुझे यह विश्वास है कि इससे चुनाव की प्रक्रिया में सुधार आ सकता है। अब पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान बैलेट पेपर से कराया जाएगा, जो कि पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह था। 🤔

मुझे लगता है कि इससे चुनाव में छोटे-छोटे लोगों की आवाज़ सुनी जाएगी, जो पहले EVM से दूर रहती थी। और अब, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव भी BTP (बैलेट पेपर ट्रैकिंग प्रणाली) से होगा, जिससे मतदान प्रक्रिया में भी सुधार आ सकता है। 📈

लेकिन, मुझे लगता है कि इससे लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने का एक नया रास्ता खुल गया होगा, जहाँ हर व्यक्ति की आवाज़ सुनी जाएगी। 💪
 
नहीं जानता क्या, लंबे समय से इस तरह की बातचीत चल रही थी, अब आखिर तय हो गया। पंच और सरपंच की चुनावों में ईवीएम नहीं, बल्कि वोट बैलट पेपर से कराना बेहतर है। इससे पहले, हमारे देश के ज्यादातर भागों में पंचायती राज की ऐसी स्थितियाँ होती रहती थीं जहां कोई चुनाव भी सफलतापूर्वक नहीं हो पाता। यह बदलाव जरूर अच्छा है। अब देखिए, सभी जिले में EVM और वोट बैलट पेपर दोनों का उपयोग कराने का फैसला लिया गया है, ताकि चुनाव समयबद्ध ढंग से हो सकें। 🤝 यह बदलाव हमारी जनता के लिए बेहतर होगा।
 
बड़े बदलाव आ गए हैं राजस्थान में... अब पंच और सरपंच चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल था, लेकिन अब यह बदल गया है। क्या यह अच्छी बात है या नहीं, इसका समय ही बताएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दीं हैं और सभी जिला कलेक्टर्स को उनका पालन करने का निर्देश दिया गया है। इससे चुनाव सफलतापूर्वक और सुरक्षित ढंग से आयोजित होगा।

यह बदलाव लंबे समय से चली आ रही ईवीएम की जगह बैलट प्रणाली वापसी को दर्शाता है। अब पंच और सरपंच चुनाव में मतदान की प्रक्रिया में नए दौर की शुरुआत होगी।

और जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में भी EVM का इस्तेमाल होने वाला है, लेकिन अगर ईवीएम कम पड़ती है या किसी तरह की अव्यवस्था होती है, तो बैलेट पेपर और बॉक्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

अब देखिए, क्या यह बदलाव हमारे चुनाव सystim को बेहतर बनाएगा या नहीं...
 
बिल्कुल सही, इस बदलाव से हमारी देशभक्ति और लोकतंत्र को और भी मजबूत बनाया जाएगा, यह बहुत अच्छी बात है कि अब हमारे पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान बैलेट पेपर से कराया जाएगा, इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सुधार होगा।
 
मुझे लगता है कि यह बदलाव अच्छा नहीं हो सकता… 😐 क्योंकि अब चुनाव समयबद्ध होने पर सब कुछ बाधित हो सकता है। लेकिन फिर, दूसरी ओर, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से मतदान करना बहुत और भी अच्छा होता, तो शायद यह बदलाव कभी नहीं हुआ था… 😒 मुझे लगता है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने सही निर्णय लिया है, लेकिन फिर, दूसरी ओर, यह बदलाव कभी नहीं हुआ था, तो शायद यह भी एक तरह से ही है… 🤔
 
राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर बड़ा बदलाव कर दिया है 🤔। अब मतदान बैलट पेपर से होगा, इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से था। यह बदलाव राज्य की योजना को बदलने का एक और उदाहरण है, जिसमें राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला कलेक्टर्स को विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी हैं।

मतदान प्रक्रिया में बदलाव से पहले, राजस्थान में 90.4% मतदाताओं ने मतदान करने का अवसर लिया था, जिसमें 64.2% मतदाता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) द्वारा मतदान करते थे। 📊 हालांकि, इस चुनाव में, पंच और सरपंच की चुनाव में मतदान पेपर से होगा, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति की चुनाव EVM से ही होंगी।

यह बदलाव न केवल राज्य निर्वाचन आयोग को अपनी योजनाओं में बदलाव करने का मौका देता है, बल्कि यह एक नए दौर की शुरुआत भी दर्शाता है जिसमें मतदान प्रक्रिया में सुधार लाया जा सकता है। 📈 इसके अलावा, राज्य निर्वाचन आयोग ने EVM की सीमित उपलब्धता कराई है, ताकि चुनाव समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
 
अब यह बदलाव लंबे समय से चालू ईवीएम की जगह बैलट प्रणाली की वापसी को दर्शाता है 🤔। मुझे लगता है कि इससे पहले चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का उपयोग बहुत अधिक था, लेकिन अब यह बदलाव भी एक अच्छी बात हो सकती है। पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान बैलेट पेपर से करने से पहले के तरीके से अलग होना एक अच्छा बदलाव है 🙌। लेकिन क्या यह बदलाव सभी इलाकों में सफल होगा, यह देखना महत्वपूर्ण है। और इसके अलावा, EVM को सीमित उपलब्धता पर रखने से पहले उसके फायदे और नुकसान का ध्यान रखना भी जरूरी है 🤷‍♂️
 
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