रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड की जिंदगी में बहुत केऑस है: उसका कमरा कबाड़खाना है, एक सामान जगह पर नहीं रखता, परेशान हूं, क्या करूं

"रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड की जिंदगी में बहुत केऑस है, उसका कमरा कबाड़खाना है, एक सामान जगह पर नहीं रखता, परेशान हूं, क्या करूं।

मैं पिछले एक साल से एक लड़के के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में हूं। शुरू में तो प्यार का खुमार था, इसलिए उसकी कुछ बहुत प्रॉब्लमैटिक आदतों को मैंने इग्नोर किया। लेकिन वो आदतें अब परेशान करने लगी हैं।

उसके कमरे से लेकर जिंदगी तक में भयानक केऑस है। उसका कोई सामान जगह पर नहीं रहता। पूरा कमरा कबाड़खाना बना रहता है। वो अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स खुद ही रखकर घंटों ढूंढता रहता है। किचन में एक कप चाय बनाता है और पूरा किचन बिखरा देता है।

मैंने कई बार कहा, झगड़ा भी किया, लेकिन कोई असर नहीं। सुनने में बात मामूली लगती है, लेकिन अब मुझे लगने लगा है कि ये आदत डील-ब्रेकर है। मैं क्या करूं, उसे कैसे समझाऊं?

रिलेशनशिप के शुरुआती दिनों में इमोशंस ज्यादा हावी होते हैं, तो लोग पार्टनर के व्यवहार को नजरअंदाज कर देते हैं। इसे ‘हनीमून फेज’ कहते हैं।

समय के साथ जिम्मेदारियां बढ़ती हैं, तब वही आदतें मानसिक तनाव का कारण बनने लगती हैं। यह बदलाव असामान्य नहीं है। इस तरह के व्यवहार से परेशानी और असहजता महसूस होना स्वाभाविक है। लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उस असहजता को पहचानना क्योंकि लंबे समय तक असहजता में रहना एंग्जाइटी, चिड़चिड़ेपन का कारण बन सकता है।

आप जिस समस्या का जिक्र कर रही हैं, वह सुनने में वाकई मामूली लग सकती है। लेकिन साइकोलॉजी में यह केवल अव्यवस्था नहीं है, यह मेंटल केऑस (मस्तिष्क में बिखराव) का भी संकेत हो सकता है।

जब एक व्यक्ति का केऑस दूसरे की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तब वह रिश्ता डील-ब्रेकर जैसा महसूस होने लगता है। समस्या जहां से शुरू होती है, वहीं से ठीक भी होती है।

किसी भी आदत को बदलने की पहली और सबसे जरूरी शर्त होती है- उस आदत को स्वीकार करना। लेकिन यह काम कोई दूसरा व्यक्ति नहीं करवा सकता है। जिसके साथ यह समस्या है, उसे खुद ही समस्या को स्वीकार करना होगा और उसे बदलने के लिए कदम बढ़ाना होगा।

आप उसे बार-बार समझा सकती हैं, लड़ सकती हैं, नाराज हो सकती हैं। लेकिन अगर उसके अंदर यह एहसास नहीं है कि “मेरी इस आदत से मेरी जिंदगी और रिश्ते दोनों प्रभावित हो रहे हैं,” तो कोई भी बदलाव कभी टिकाऊ नहीं होगा। यह बात आपको बहुत साफ तौर पर समझनी होगी कि आप किसी को बदल नहीं सकतीं। आप सिर्फ एक रास्ता दिखा सकती हैं, हाथ पकड़ सकती हैं, चलना उसे खुद होगा।

आपकी थकान जायज है। अक्सर ऐसे रिश्तों में ऐसा होता है कि एक पार्टनर मैनेजर की भूमिका में आ जाता है। वह सबकुछ संभाल रहा होता है, हर बात याद दिला रहा होता है। कुछ दिन बाद यह भूमिका थकाने लगती है। आप सिर्फ उसकी गर्लफ्रेंड नहीं रह जातीं, बल्कि उसकी लाइफ की ‘मैनेजर’ बन जाती हैं, जो उसके फैलाए केऑस को समेट रही होती है।

यह थकान जायज है। यह चिड़चिड़ाहट भी जायज है।

जब घर या कमरा बिखरा रहता है, तो वो सिर्फ आंखों को नहीं चुभता, बल्कि दिमाग पर भी बोझ डालता है। आपको रोज तनाव होता है, काम करने का मन नहीं करता और इसका असर ये होता है कि रिश्ते में प्यार की जगह झगड़े बढ़ जाते हैं।

साइकोलॉजी कहती है कि अव्यवस्था से एंग्जाइटी बढ़ती है, नींद खराब होती है और आत्मविश्वास भी कम होता है।

आपको साफ कहना होगा कि मैं इस तरह नहीं रह सकती। यह लाइन डराने के लिए नहीं, खुद को बचाने के लिए खींची जाती है। अगर आप यह लाइन नहीं खींचेंगी, तो अंदर–ही–अंदर आपका गुस्सा, आपकी निराशा बढ़ती जाएगी।

मदद ऑफर करें, लेकिन जिम्मेदारी को बोझ न लें।

समय के साथ बदलाव होता है, तो हमें अपने व्यवहार में भी बदलाव देखना चाहिए। हमें सीखने की इच्छा रखनी चाहिए और खुद को बदलने की कोशिश करनी चाहिए।

खुद को मत भूलिए। रिश्ते में रहते हुए कई बार हम खुद से यह सवाल पूछना भूल जाते हैं- क्या मैं यहां मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस कर रही हूं? क्या मेरी जरूरतों को गंभीरता से लिया जा रहा है? क्या यह रिश्ता मुझे सुकून देता है या सिर्फ थकान?

अगर हर कोशिश के बाद भी वह रियलाइज नहीं कर रहा है, न एक्शन ले रहा है, न मदद लेने को तैयार है, तो आप वयस्क हैं और ये सोचने में सक्षम हैं कि आपके लिए क्या सही है और क्या नहीं सही है।

हर इंसान अपनी जिंदगी के लिए खुद जिम्मेदार होता है। आप किसी को बदल नहीं सकतीं, किसी को सुधार नहीं सकतीं, जब तक वह खुद इसके लिए तैयार न हो। अगर वह रियलाइजेशन का पहला कदम लेता है, तो आप दूसरे कदम में साथ चल सकती हैं। अगर वह पहला कदम ही नहीं लेता, तो खुद को दोष मत दीजिए। कभी-कभी सबसे हेल्दी फैसला प्यार के बावजूद खुद को चुनना होता है।
 
वाह, यह लड़का तो सीखने की जरूरत है या नहीं?! उसके कमरे में गंदगी बढ़ जाती है, और फिर वो खुद को पूरा कमरा कबाडखाना बना देता है! यह लड़का तो खुद को साफ रखने की जरूरत है। और फिर वो खुद परेशान कर रहा है? लगता है वह अपने जीवन को भी एक कबाडखाना बना दिया है।

मुझे लगता है कि यह लड़का अभी सीखने का समय है। उसके पास उसे बदलने की जरूरत है, और खुद पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। लेकिन वाह, यह लड़का तो खुद को भूल गया है! उसके जीवन में इतनी गंदगी बढ़ गई है कि अब वह खुद को नहीं पहचान पाया है।

मुझे लगता है कि सबसे पहले, उसे अपने जीवन को साफ करने की जरूरत है। अपने कमरे में साफ-सुथरा रखने की जरूरत है, और खुद को अच्छी तरह से परखने की जरूरत है। फिर, जब वह खुद को समझ जाए, तो उसके पास उसे बदलने की जरूरत होगी।
 
रिलेशनशिप में इतना केऑस है तो ऐसा समझना जरूरी है कि यह उसकी आदतों से शुरू हुआ और अगर वह आदत बदलने की तैयारी करे तो सब ठीक होगा। लेकिन अगर वह नहीं बदलेगा, तो उसे समझाना भी पर्याप्त नहीं है।
 
😩 ये रिलेशनशिप में जाना तो एक बहुत बड़ा संकट है! 🤯 जैसे तुम्हारे लिव-इन रिलेशनशिप में उस लड़के की आदतें तुम्हारे दिमाग पर बोझ डाल रही हैं, वैसे ही तुम्हारा मानसिक स्वास्थ्य भी खराब होने लगता है! 😴 क्या ये रिश्ता टिकाऊ है? 🤔
 
मुझे यह सोच में परेशानी है कि रिश्तों में हम तो प्रेम और समझदारी की बात करते हैं, लेकिन जब व्यवहार स्थिर नहीं होता है, तो क्या करें? मेरे दोस्त के साथ जिंदगी में ऐसी समस्याएं आई हैं। वह उसके कमरे में बहुत कबाड़ रखकर रहता है और हमारा घर पूरा इस तरह से बिखरा हुआ है। मुझे लगता है कि उसे अपने व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए।
 
उस रिश्ते में जो आदमी केऑस भरा हुआ है वो दूर कर लेना होगा। अगर वह तैयार नहीं है तो तुम्हें थोड़ा समय लगेगा, फिर उसे समझाना पड़ेगा और लड़ना पड़ेगा। लेकिन अगर हम अपने आप को बचाना चाहती हैं तो हम बिल्कुल ऐसा नहीं कर सकती। प्यार में जिंदगी की जिम्मेदारियां और निर्णय लेने की शक्ति कम हो जाती है। तुम्हें खुद को याद दिलाना होगा। उसकी आदतों से नफरत करनी है नहीं तो फिर कहाँ से रुकेगी।
 
अगर तुम्हें ऐसी स्थिति हुई है जैसे वो लड़का कमरे में कबाड़खाना बनाता है और तुम्हारी जगह नहीं रखता, तो तुम क्यों रुककर देखती हो? पहले तुम्हें खुद से पूछना चाहिए कि मैं इतनी परेशान क्यों हूँ। शायद वह आदत तो फिर से लागू नहीं है और उसके जीवन में बिगड़ गई है।
 
मेरी राय है कि जिंदगी में तुम्हारा साथी हर दिन नई समस्याएं लेकर आएगा। ये किसी भी तरीके से व्यथाजनक नहीं है। बस इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि तुम्हारे साथी के केऑस में सुधार करने के लिए तुमने जितनी मेहनत की है, उसे खुद ही समझो और समाप्त करो। तुम बहुत थकान हो रही हो, तो अगर वो तुम्हारा प्राथमिक संसाधन नहीं है, तो बिल्कुल ठीक है कि तुम व्यक्तिगत रूप से खुद को बचाओ और अपनी जिंदगी में सुधार करो।
 
उस व्यक्ति की आदतें बहुत भयानक हैं! मुझे लगता है कि वह अपने कमरे में एक कबाड़खाना बना रह गया है 🤣। कोई सामान जगह पर नहीं रखता, पूरा कमरा बिखरा रहता है। और फिर भी वह लड़का विवाद करने में इतना सक्षम है! 😒 क्या वह समझता है? मुझे लगता है कि हमें उसे समझाने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपने आप को बचाने की जरूरत है। अगर वह बदलने को तैयार नहीं है, तो खुद को भी समझाएं। लेकिन अगर आप ऐसा करने के लिए मजबूर हैं, तो शायद आपको थोड़ा सा समर्थन चाहिए 🤗
 
मेरी नानी की जिंदगी में ऐसी ही समस्या थी, जब वह बच्ची थी। उसके भाई बहुत दीवाना थे, और वह उनकी हर बात समझ नहीं पाती थी। वो खुद से कह रही थी कि “मैं इसे तुम्हारी जिम्मेदारी नहीं लूंगी, मैं अपने खाली हाथों से चली जाऊंगी।” लेकिन उसके भाई दीवानापन कम नहीं करते, बस और बस। उसकी नानी बहुत समझदार थी, उसने कहा “तुम्हें कोई बदलाव करना होगा, तो मैं तुम्हारे साथ नहीं।”

मुझे लगता है कि जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमें अपनी खुद की जिम्मेदारियां समझनी पड़ती हैं। नौकरी, घर, पार्टनर्स – सब मिलाकर एक खुद की जिंदगी बनती है।
 
मुझे ये संवाद बहुत मुश्किल लग रहा है 🤯। जैसे मैं अपने दोस्तों की समस्याओं को समझता हूँ, लेकिन वास्तविकता कितनी तीव्र होती है। यह याद रखना जरूरी है कि हर संकट का समाधान खुद के प्रयासों में होना चाहिए। कुछ भी बदलने की पहल को करने के लिए हमें अपने मित्र को खुद मजबूर करना होगा। तो जरूर एक रास्ता दिखाना और साथ हाथ पकड़ना, लेकिन बदलाव उनकी जिम्मेदारी ही होना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि ऐसे रिश्तों में रहना थोड़ा सा भी नहीं चलता। जब तुम्हारा साथी स्वास्थ्य की बात कर रहा हो तो तुम्हें जरूर सुनना चाहिए, लेकिन अगर वह इस बात पर विश्वास नहीं करता है, तो तुम्हें समझना भी चाहिए कि उसके मन में एक बड़ा बदलाव आ गया है। तुम अक्सर खुद अपनी सीमाओं को फीका देख रही हो और अगर वह भी तुम्हारी जरूरतों को नहीं समझता, तो तुम्हें यह पता चलना चाहिए कि वह तुम्हारे लिए सही नहीं है।
 
😕 इस तरह के रिश्तों में जीने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर यही स्थिति आपसे गुजर रही है तो शायद वो कुछ भी सही नहीं है। उस व्यक्ति को अपने आदतों को समझना चाहिए, लेकिन फिर भी अगर वह उनका सम्मान करने में असमर्थ है तो आपको स्वयं अपने ख्यालों को समझना होगा। आपसे जो पेश आएगा, वो जरूरी नहीं है।
 
तुम्हारी जिंदगी में इतना केऑस है, यह तो स्वाभाविक ही, लेकिन जब वह भी परेशान कर देता, तो तुम क्या समझाएंगी? मैंने एक बार भी ऐसा नहीं किया। तुम्हें उसे समझाना होगा कि उसकी आदतें तुम्हारी जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। लेकिन अगर वह इसे नहीं स्वीकार करेगा, तो क्या कर सकती है? शायद मैंने अपने रिश्ते को भी इतनी जल्दी समझदारी से समाप्त कर दिया होगा। 🤔
 
मेरी बहुत सारी यादें मुझे वापस ले आईं जब मैंने पढ़ा कि एक लड़की ने अपने जीवनसाथी के कमरे को कबाड़खाना बना दिया था। याद है कि मेरी बहन जब भी किसी के घर गई, तो हमेशा उसकी देखभाल करती थी। लेकिन एक बार मैंने खुद अपने फ्रेंड्स के कमरे में साफ-सफाई न करने दी, तो उनकी बहुत परेशानी हुई। मुझे लगता है कि यह लड़की की आदतों का एक बड़ा कारण था, लेकिन जिम्मेदारी और खुद की जगह रखने की बात मुझे लगती है।
 
मैं समझ गया हूँ, रिश्तों में जिंदगी में बहुत कोस होते हैं। मेरी तो लगती है कि स्वीकार करना सबसे जरूरी बात है, फिर बदलने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन अगर वह रियलाइजेशन नहीं कर रहा है, तो खुद को भी सुरक्षित महसूस करना चाहिए।

कबारे में घर और कमरा बिखरा रहता है, तो यह तनाव बढ़ाता है। मैंने कभी ऐसा नहीं कर पाया, लेकिन मेरी दोस्त ने ऐसा किया है और वह भी थक गई। अब मुझे लगता है कि अगर आप स्वीकार कर लेते हैं कि आपको इस तरह का स्थिति नहीं सहन करना चाहिए, तो फिर खुद को बचाने की कोशिश करें।
 
अगर वह लड़का अपनी आदतों से मिलने के लिए तैयार नहीं है तो हमें उसके साथ रहना समाप्त करना ही ठीक होगा।

उसके फॉलोअर्स को यह जरूर समझना होगा कि उनके रिश्तों में भी ऐसे केऑस हो सकते हैं।
 
मेरे दोस्त, जो लोग अपने रिश्तों में इन समस्याओं से गुजर रहे हैं, उन्हें बस एक बात समझानी होगी - उस व्यक्ति को खुद ही समस्या को स्वीकार करना होगा, और उसके बदलने के लिए कदम उठाना होगा। अगर हम बार-बार समझा सकते हैं, लड़ सकते हैं, नाराज हो सकते हैं, तो भी अगर वह अंदर एहसास नहीं करेगा, तो कोई भी बदलाव टिकाऊ नहीं रहेगा। हम सिर्फ एक रास्ता दिखा सकते हैं, हाथ पकड़ सकते हैं, लेकिन उसके पास जाना उसकी जिम्मेदारी है।
 
अगर तुमारी रिलेशनशिप में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जैसे मैंने देखा है, तो मेरी बात सुनो। सबसे पहले, तुम्हें समझना होगा कि यह समस्या तुम्हारे रिश्ते के लिए नहीं बल्कि तुम्हारे खुद के लिए है। तुम अपने जीवन को इस तरह नहीं चाहती कि वह एक कबाड़खाना बन जाए।

तुम्हें समझना होगा कि अगर तुमारा भागीदार बदलाव लेने के लिए तैयार नहीं है, तो तुम अपने आप को फिर से बनाने की जरूरत है। तुम्हें खुद पर ध्यान देना होगा और अपने जीवन को इस तरह से सुधारना होगा कि वह किसी भी तरह से प्रभावित न हो।
 
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