आपका पार्टनर लगातार लेटता है, आप साठिया बोल देता है लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आ रहा।
यह आपकी जिम्मेदारी नहीं है कि इसे ठीक करें, क्योंकि कारण चाहे जो हो, ये बताते हैं कि समस्या सतह पर है।
इसे स्टेप बाय स्टेप समझते हैं, इसके लिए पहले इमोशनल नहीं, स्ट्रक्चर्ड बातचीत करें। पार्टनर से “तुम हमेशा लेट होते हो, मुझे लगता है कि मेरा समय और मेरी तैयारी मायने नहीं रखती।” कहने की चाहिए।
स्पष्ट सीमा तय करें, अगर मूवी 6 बजे की है, तो बताएं कि मैं 6 बजे निकल जाऊंगी। मैं बार-बार इंतजार नहीं करूंगी। ये बाउंड्री सेट करने से वो सीखेगा।
लेकिन अगर वह लगातार इसे हल्के में लेता है, अपनी आदतों को डिफेंड करता है, बातचीत अवॉइड करता है और काउंसलिंग के लिए तैयार नहीं होता, तो आपको इस बारे में सोचने की जरूरत है।
यह आपकी जिम्मेदारी नहीं है कि इसे ठीक करें, क्योंकि कारण चाहे जो हो, ये बताते हैं कि समस्या सतह पर है।
इसे स्टेप बाय स्टेप समझते हैं, इसके लिए पहले इमोशनल नहीं, स्ट्रक्चर्ड बातचीत करें। पार्टनर से “तुम हमेशा लेट होते हो, मुझे लगता है कि मेरा समय और मेरी तैयारी मायने नहीं रखती।” कहने की चाहिए।
स्पष्ट सीमा तय करें, अगर मूवी 6 बजे की है, तो बताएं कि मैं 6 बजे निकल जाऊंगी। मैं बार-बार इंतजार नहीं करूंगी। ये बाउंड्री सेट करने से वो सीखेगा।
लेकिन अगर वह लगातार इसे हल्के में लेता है, अपनी आदतों को डिफेंड करता है, बातचीत अवॉइड करता है और काउंसलिंग के लिए तैयार नहीं होता, तो आपको इस बारे में सोचने की जरूरत है।