रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड की लेटलतीफी से परेशान हूं: देर से आएगा, फिर सॉरी बोल देगा, लेकिन बिहेवियर नहीं बदलता, मैं क्या करूं

आपका पार्टनर लगातार लेटता है, आप साठिया बोल देता है लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आ रहा।

यह आपकी जिम्मेदारी नहीं है कि इसे ठीक करें, क्योंकि कारण चाहे जो हो, ये बताते हैं कि समस्या सतह पर है।

इसे स्टेप बाय स्टेप समझते हैं, इसके लिए पहले इमोशनल नहीं, स्ट्रक्चर्ड बातचीत करें। पार्टनर से “तुम हमेशा लेट होते हो, मुझे लगता है कि मेरा समय और मेरी तैयारी मायने नहीं रखती।” कहने की चाहिए।

स्पष्ट सीमा तय करें, अगर मूवी 6 बजे की है, तो बताएं कि मैं 6 बजे निकल जाऊंगी। मैं बार-बार इंतजार नहीं करूंगी। ये बाउंड्री सेट करने से वो सीखेगा।

लेकिन अगर वह लगातार इसे हल्के में लेता है, अपनी आदतों को डिफेंड करता है, बातचीत अवॉइड करता है और काउंसलिंग के लिए तैयार नहीं होता, तो आपको इस बारे में सोचने की जरूरत है।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही सही बात कही गई है... 😒 अगर कोई लगातार लेटता है, तो समझने के बजाय चिंतित होना और सोच करना ज्यादा अच्छा है। मैंने भी ऐसे कई दोस्तों को देखा है जिन्हें पता नहीं चलता कि उनका व्यवहार कैसे प्रभावित करता है... शायद वो भी इसी बात सोच रहे होंगे।
 
Wow 🤯, यह बहुत जरूरी है कि आप अपने प्रियजन के साथ ईमोशनल न होकर स्ट्रक्चर्ड रूप से बातचीत करें। और तय करें कि आपको क्या मान्यता देनी चाहिए और क्या नहीं। अगर वह लगातार लेटता है तो आपको अपने समय को समझौता करने की जरूरत नहीं है।
 
मेरी बात यह है कि अगर पार्टनर की आदतें और स्वभाव में परिवर्तन होना चाहते हैं, तो स्थिरता और स्पष्टता की जरूरत है। हमेशा एक ही व्यवहार करना आसान नहीं है, लेकिन अगर आपको लगता है कि यह बदलाव हासिल करना जरूरी है, तो जिम्मेदारी से बातचीत करनी चाहिए। पार्टनर को अपनी आदतों को पहचानने और स्वीकारने की जरूरत है, और हमें स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करनी चाहिए। लेकिन अगर वे इस बात में सहयोग नहीं करते हैं, तो यह समस्या के अंतिम समाधान नहीं है। 👍
 
मेरी राय है कि अगर तुम्हारा पार्टनर लगातार लेटता है, तो सबसे पहले तुम्हें यह समझने की जरूरत है कि उसकी आदतों में बदलाव आ रहा है या नहीं।

मैंने देखा है कि जैसे ही हमारे पार्टनर स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करते हैं, वे तेजी से लेटने लगते हैं। इसलिए, अगर वह स्थायी परिवर्तन नहीं कर रहा है, तो आपको अपनी सीमाओं को साफ़ दिखाने की जरूरत है।

मैं समझता हूं कि यह मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर तुम्हारा पार्टनर अवकाश करता है और फिर भी लेटता है, तो आपको सोचने की जरूरत है। क्या यह आपके जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति देगा?
 
बिल्कुल सही कहा गया है, पार्टनर के व्यवहार में बदलाव आने की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। सबसे पहले स्पष्ट सीमाएं तय करनी चाहिए, जैसे कि अगर कोई बातचीत हो रही है तो हमेशा इमोशनल न होकर स्ट्रक्चर्ड तरीके से बोलें।

तो अगर मूवी 6 बजे की है, तो मैं बताऊंगा कि मैं 6 बजे निकल जाऊंगा, लेकिन अगर वह लगातार इसे हल्के में लेता है और अपनी आदतों को डिफेंड करता है, तो मुझे सोचने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
 
मैंने एक दोस्त के साथ ऐसा ही अनुभव था। हमारा रिश्ता गुस्सा और आलस्य से भरा रहता था, लेकिन मैं कभी भी उसके व्यवहार पर ध्यान नहीं देती, बस अपने आप को पागलपन में डूबते हुए देखती।

फिर एक दिन, मैंने उसे यह बात कहने का फैसला किया, “तुम हमेशा लेट होते हो, मुझे लगता है कि मेरा समय और मेरी तैयारी मायने नहीं रखती।”

उसके प्रतिक्रिया से, मुझे एहसास हुआ कि मैंने अपनी भावनाओं को बाहर निकालने की जरूरत थी, लेकिन फिर भी मैं उसके व्यवहार पर कोई बदलाव देखने की उम्मीद नहीं कर सकती।

अब जब मैं अपने रिश्तों से जुड़ी बातें सोचता हूँ, तो मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे लिए स्पष्ट सीमाएँ बनाने की जरूरत है।
 
ਜੀ ਬਤ, ਇਹ ਸਾਰਾ ਨਵੇਂ ਯੁੱਗ ਖ਼ਰਾਬ ਖ਼ਬਰਾਂ ਨਾਲ ਭਰਿਆ ਹੋਇਆ ਦਿੱਸ ਰਿਹਾ ਹੈ... 🤕

ਜਦੋਂ ਅਪਣੇ ਪਾਰਟਨਰ ਨਾਲ ਬੇਮੁਖ਼ ਸਵੱਛ-ਸੁੱਧ ਕੰਮ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਜਗਤ ਨੂੰ ਇਹ ਡਰ ਲਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਪ੍ਰਭਾਵ ਦੀ ਬੁਰਾਈ ਵਧ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਹੋਵੇ... 🚨

ਅਜਿਹੀ ਸਥਿਤੀ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰਨ ਦਾ ਭੈੜਾਅ ਮਹਿਸੂਸ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਪਰ ਇਹ ਗੱਲ ਬਹੁਤ ਡਰਾਉਣੀ ਵੀ ਹੈ... 😨

ਜਦੋਂ ਕੋਈ ਲੋਕ ਕੁਝ ਭੁਲੇਖੇ ਸਮਝ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਚਾਹੇ ਉਸ ਦੀ ਮੌਜ ਅਜਿਹੇ ਲੋਕਾਂ ਵਾਸਤੇ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ, ਪਰ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰਨ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ... 💬
 
मुझे लगता है कि सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि दोनों पक्षों की भावनाएं ठीक से न निकलें। तो अगर मैं लगातार साठिया बोलता हूं, तो उसके पास अपनी आदतों और व्यवहार को बदलने का मौका नहीं मिलता।

लेकिन अगर हम पहले स्ट्रक्चर्ड बातचीत करते हैं, तो भी चीजें हल्की-फुल्की नहीं हो सकती। पार्टनर को यह समझना होगा कि उसके व्यवहार से मेरी भावनाएं परेशान होती हैं।

मैं समझता हूं, समस्या सतह पर है, लेकिन यहां भी एक सीमा तय करनी होगी। अगर वह नहीं सीखेगा, तो हमें इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि आगे क्या करें।
 
[प्यूज्ड फेस 🤦‍♂️]

[मूवी 6 बजे की बात करते हुए, साथ में एक लेटने वाला मैन गेमिंग कर रहा है ⏰😴]

[दो लोग बैठकर बातचीत करते हैं, एक दूसरे को इंटरसेप्ट करने की कोशिश कर रहा है, साथ में एक "अनुमति" कार्ड उठाने वाला कार्ड है 🗣️]

[एक लड़का अपने दोस्त को लेटते हुए देखता है, फिर उसकी आँखों में "क्या तुम्हारे पास ब्रेक स्टॉप है? 🤔]
 
🤔 यह तो वास्तविक जीवन की समस्याएं हैं जिन्हें हम सभी से मिलती-जुलती देख सकते हैं। अगर ऐसा पार्टनर है तो समझदारी और सीमाएँ तय करना जरूरी है। लेकिन जब वे समस्या को हल्के में लेते हैं तो यह बहुत दर्दनाक भी हो सकता है। 💔
 
मुझे लगता है कि जीवन में समस्याओं को हल करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम अपने पार्टनर को नियंत्रित नहीं करते, बल्कि हम अपने खुद के व्यवहार और सीमाओं को समझाते। अगर हमारा पार्टनर लगातार लेटता है, तो हमें सुनने की जरूरत है लेकिन साथ ही, हमें स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करनी चाहिए। अगर वह इमोशनल होता है और बातचीत को हल्के में लेता है, तो हमें दूसरों की जरूरतों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन अगर यह स्पष्ट नहीं होता, तो हमें अपने खुद के मूल्यों और जरूरतों को समझने की जरूरत है और दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए 🤔💬
 
क्या ये सचमुच सही है? मेरे दोस्त की पत्नी हमेशा पीछे रहती है और वह साठिया बोलती है, लेकिन व्यवहार में बदलाव नहीं आ रहा। मुझे लगता है कि यह दिखाता है कि मैं तो खुद गलत हूँ।

मैंने ऐसा एक मित्र देखा है, जिसकी पत्नी हमेशा उसके साथ रहती है। वह बोलती है लेकिन व्यवहार में बदलाव नहीं आ रहा। यह क्यों होता है? क्या यह तो पुरुषों की समस्या है?

मुझे लगता है कि सबसे पहले दोनों को इमोशनल न होना चाहिए। उन्हें स्ट्रक्चर्ड बातचीत करनी चाहिए और अपने व्यवहार के बारे में बात करनी चाहिए। अगर एक तो वह कुछ कहे तो दूसरा तो सुने।

लेकिन अगर वे दोनों लगातार इसे हल्के में लेते हैं और अपनी आदतों को डिफेंड करते हैं, तो शायद यह समस्या जारी रहेगी। मुझे लगता है कि ऐसे मामलों में हमें सोचने की जरूरत है।
 
मेरा पति लगातार लेटता है, मैं साठिया बोलती हूँ लेकिन उसका व्यवहार बदल नहीं रहा। 🤔👫

मुझे लगता है कि जब भी मैं अपने अनुभवों को बताती हूँ, तो वह मुस्कराता है और मेरी बात सुनने की कोशिश नहीं करता। 😒🤷‍♂️

मुझे लगता है कि सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम दोनों एक-दूसरे को समझें और स्पष्ट सीमाएँ निर्धारित करें। अगर मेरी बात नहीं सुनी जाती, तो मैं अपने समय को बचाने के लिए उसके साथ कुछ भी नहीं करना। 🕰️🚫

लेकिन जब भी वह मुझसे बात करने के लिए तैयार होता है और हम दोनों एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते हैं, तो शायद समस्या हल हो जाए। 💬🙏

मुझे लगता है कि सबसे जरूरी बात यह है कि हम दोनों एक-दूसरे को महत्व दें और स्पष्ट रूप से कहें। अगर वह मेरी बात नहीं सुनता, तो मैं समझ गई। 🤷‍♀️👩
 
मुझे लगता है कि अगर दोस्त ने अपने व्यवहार में बदलाव आने की उम्मीद की है, तो उस पर भरोसा करना गलत है। हमें खुद सीखने और सोच-समझकर काम करने की जरूरत है। अगर दोस्त माफी मांगता है और बदलाव लाने की चाह करता है, तो समझदारी से बातचीत करें। लेकिन अगर वह अपनी आदतों को बनाए रखने की इज्जत नहीं करता, तो हमें समझने की जरूरत है कि क्या हमारी जिंदगी में उसकी चीजों से स्वस्थ रिश्ता बनाने का तरीका है।
 
अरे, यह देखकर मुझे बहुत दुःख हुआ, प्यारे साथी का व्यवहार सचमुच गंभीर समस्या है 🤕। तुमने कहा, 'यह आपकी जिम्मेदारी नहीं है' लेकिन मुझे लगता है कि जब तक हमारे पास कोई समाधान नहीं है, तब तक यह समस्या जारी रहेगी।

तो फिर, कैसे स्टेप बाय स्टेप समझें? सबसे पहले, मैं दूसरे व्यक्ति से ईमानदारी से बात करनी चाहूंगी, 'तुम हमेशा लेट होते हो, मुझे लगता है कि मेरा समय और मेरी तैयारी मायने नहीं रखती।' यह जरूरी है कि मैं अपनी भावनाओं को साझा करूं।

और फिर, स्पष्ट सीमा निकालना चाहिए। अगर हमारी मूवी 6 बजे की है, तो मैं बताऊंगी कि मैं 6 बजे निकल जाऊंगी, नहीं इंतजार करूंगी। यह बाउंड्री सेट करने से दूसरा व्यक्ति समझेगा। लेकिन अगर वह इसे हल्के में लेता है और आदतों को डिफेंड करता है, तो मुझे लगता है कि हमारे रिश्ते की समाप्ति पर सोचना होगा।
 
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