पंजाब के जालंधर में रहने वाले एक युवक मनदीप ने अपने रिश्तेदारों और परिवार को अंतिम फोटी दिखाकर अपना सफर समाप्त करने की तैयारी की।
मानिदीप 3 साल बाद मेरे हाथों में आ गया।
रूस-यूक्रेन युद्ध में उसकी गोली लगने के बाद मौत हो गई। मनदीप ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभवों को साझा किया, लेकिन जब तक उसके दोस्तों और परिवार को पता नहीं चला तो वह उसकी किसी भी जानकारी को बताने में विफल रहे।
रूस में मनदीप ने सेना में भर्ती होने का फैसला किया, लेकिन उसे एक एजेंट द्वारा धोखा दिया गया। एजेंट ने उसे बताया कि वह वॉर फ्रंट पर नहीं जाएगा, बल्कि सेना के लिए खाना तैयार करना और हथियार ट्रकों में लोड करना होगा।
जब मनदीप ने एजेंट की बात मानी और भर्ती हुई, तो उसने अपने दोस्तों से अलग होना शुरू कर दिया। उसके दोस्त ने काम छोड़ दिया, लेकिन मनदीप ने अभी भी अपनी जगह बनाई। इस पर एजेंट ने धमकी दी और मनदीप को पीटा।
धोखे से भर्ती होने के बाद, मनदीप का अनुभव हालात की गंभीरता को दिखाया। उसके दोस्तों में से एक भी वापस लौट गया, और मनदीप ने अपनी जगह बनाए रखी।
यहां पर मनदीप अपनी कहानी ने बताई कि उसे रूसी सेना में भर्ती होने का फैसला करने के बाद, उसे पता चल गया कि वह वास्तव में जहाज युद्ध क्षेत्रों पर चल रहे थे।
रूसी सेना ने मनदीप को पीटा। इस पर उसने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू कर दिया।
इस बीच, उसके परिवार के सदस्यों को पता चल गया था, लेकिन जब तक मनदीप की किसी भी जानकारी नहीं हुई थी, तभी उनका यह पूरी तरह से सच नहीं समझा गया।
पुलिस ने पंचायत क्षेत्र में व्याप्त संगठन 'डोंकरों-एजेंट' को रोकने का फैसला किया था।
गोराया स्थित गांव में भी एक युवक समरप्रीत सिंह अपने परिवार को वीडियो कॉल करके कह रहा था।
मानिदीप 3 साल बाद मेरे हाथों में आ गया।
रूस-यूक्रेन युद्ध में उसकी गोली लगने के बाद मौत हो गई। मनदीप ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभवों को साझा किया, लेकिन जब तक उसके दोस्तों और परिवार को पता नहीं चला तो वह उसकी किसी भी जानकारी को बताने में विफल रहे।
रूस में मनदीप ने सेना में भर्ती होने का फैसला किया, लेकिन उसे एक एजेंट द्वारा धोखा दिया गया। एजेंट ने उसे बताया कि वह वॉर फ्रंट पर नहीं जाएगा, बल्कि सेना के लिए खाना तैयार करना और हथियार ट्रकों में लोड करना होगा।
जब मनदीप ने एजेंट की बात मानी और भर्ती हुई, तो उसने अपने दोस्तों से अलग होना शुरू कर दिया। उसके दोस्त ने काम छोड़ दिया, लेकिन मनदीप ने अभी भी अपनी जगह बनाई। इस पर एजेंट ने धमकी दी और मनदीप को पीटा।
धोखे से भर्ती होने के बाद, मनदीप का अनुभव हालात की गंभीरता को दिखाया। उसके दोस्तों में से एक भी वापस लौट गया, और मनदीप ने अपनी जगह बनाए रखी।
यहां पर मनदीप अपनी कहानी ने बताई कि उसे रूसी सेना में भर्ती होने का फैसला करने के बाद, उसे पता चल गया कि वह वास्तव में जहाज युद्ध क्षेत्रों पर चल रहे थे।
रूसी सेना ने मनदीप को पीटा। इस पर उसने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू कर दिया।
इस बीच, उसके परिवार के सदस्यों को पता चल गया था, लेकिन जब तक मनदीप की किसी भी जानकारी नहीं हुई थी, तभी उनका यह पूरी तरह से सच नहीं समझा गया।
पुलिस ने पंचायत क्षेत्र में व्याप्त संगठन 'डोंकरों-एजेंट' को रोकने का फैसला किया था।
गोराया स्थित गांव में भी एक युवक समरप्रीत सिंह अपने परिवार को वीडियो कॉल करके कह रहा था।