राहुल बोले- दिल्ली के प्रदूषण पर मोदी जी चुप क्यों: मांएं मुझसे कहती हैं- बच्चे जहरीली हवा में बड़े हो रहे, संसद में चर्चा हो

🤔 मुझे लगता है कि राहुल जी ने बातचीत करने के लिए अच्छा तरीका ढूंढ लिया है। सरकार द्वारा उठाए गए कुछ विषय, तो वास्तव में चिंताजनक हैं। मुझे लगता है कि बच्चों के भविष्य पर हमारी सरकार का ध्यान बिल्कुल जरूरी है, खासकर जब वह हमारे देश के भविष्य को लेकर बहुत बड़ी निर्णय लेती है। 🌎 प्रदूषण की समस्या तो सबसे पहले अपने घरों में साफ-सफाई और पर्यावरण की जिम्मेदारी समझने से ही हल हो सकती है, न कि सरकार द्वारा एक बार कोई निर्णय लेकर हल करने का।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है ! प्रदूषण की बात करते हुए, राहुल जी ने सच कहा है। हमारे देश में इतना सा प्रदूषण है, यह तो बच्चों के लिए भी खतरनाक है। उनका भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा ?

लेकिन, मोदी जी के खिलाफ आरोप लगाना थोड़ा ज्यादा है न ? क्या वे ही प्रदूषण पर ध्यान नहीं देते ? हमें अपने सरकार से उम्मीद करनी चाहिए कि वे हमारे भविष्य को सुरक्षित बनाने की कोशिश करें।
 
मुझे लगता है कि यह बातचीत थोड़ी भी गंभीर नहीं है, और हमें प्रदूषण पर सोचने में अधिक समय देना चाहिए। राहुल जी ने सही कहा, हमारे बच्चों का भविष्य कैसा होगा अगर हम अपने वातावरण को साफ नहीं रखते। लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि सरकार के पास सड़क मोटरिंग, उद्योगों से जुड़ी प्रदूषण की समस्याओं को हल करने के लिए बहुत सारे तरीके हैं।

हमें अपने देश की हर समस्या पर एक-एक बिंदु को देखने की जरूरत है, और यह समझने की जरूरत है कि हमें कैसे एक साथ मिलकर इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। तो फिर, यह बातचीत निश्चित रूप से चिंताजनक है, लेकिन हमें इसके पीछे की जड़ों पर ध्यान देने की जरूरत है। 💚
 
नेताजी, राहुल जी, वीडियो देखा तो बहुत हैरान रह गया, लगता है सरकार सच से परेशान हो गई है। प्रदूषण बात करते हुए, मुझे लगता है कि इससे पहले बच्चों की भविष्य की चिंता करनी चाहिए थी, जैसे कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य आदि। प्रदूषण एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन बीजेपी सरकार पर यह आरोप लगाना सही नहीं लगता। तो देखो वीडियो, क्या सच्चाई कह रहा है? 🤔
 
भाइयों की, यह तो बहुत ही गंभीर मुद्दा है। प्रदूषण एक बड़ा संघर्ष है, जिस पर हमें सबके सहमत होने चाहिए। राहुल जी ने बातचीत का वीडियो शेयर किया, तो ये अच्छी बात है। लेकिन मोदी सरकार की ओर से देखा जाए, तो यह सच है कि बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत सोचना पड़ रहा है।

मेरी राय में, हमें प्रदूषण के बारे में अधिक जागरूकता फैलानी चाहिए। सरकार भी इसके बारे में कुछ कदम उठानी चाहिए, तो एक स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके। लेकिन हमें अपनी जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए और अपने घरों में कम प्लास्टिक का इस्तेमाल करना, पेड़ लगाने, साफ-सफाई करना शुरू कर देना होगा।
 
बात तो है कि राहुल गांधी ने प्रदूषण पर बातचीत का वीडियो शेयर किया, लेकिन मुझे लगता है कि यह वीडियो सच्चाई से अलग है। मोदी सरकार ने बच्चों के भविष्य को लेकर क्या डराई है? क्या यह सच नहीं है कि सरकार को प्रदूषण पर ध्यान देने के लिए मजबूर करने की जरूरत है? लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ और भी हो सकता है। शायद सरकार को प्रदूषण पर ध्यान देने से उनके खिलाफ लगने वाले आरोपों को रोकने की जरूरत है?
 
Back
Top