RO वाटर से बन रहा दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर: विराट रामायण मंदिर में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग, कंबोडिया के विरोध से बदला नक्शा

बिहार के मोतिहारी जिले में हाल ही में चर्चा में आने वाला कैथवलिया गांव अपने ऐतिहासिक संदेश को फिर से दिलाने के लिए एक नया युग देने वाला दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित कर रहा है। यहां की रचना 'विराट रामायण मंदिर' अयोध्या के राम मंदिर से भी ऊंचाई में है, जो 161 फीट की है।

इस शिवलिंग की ऊंचाई 56 फीट है और इसमें 270 फीट की ऊंचाई का परिसर बन रहा है। इस मंदिर का निर्माण पटना के महावीर मंदिर न्यास बोर्ड द्वारा किया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञों ने अपनी कुशलता से शिलान्यास किया है।

विराट रामायण मंदिर को बनाने में करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें शुरुआत में इस्कान मंदिर की तरह सालाना सब्सक्रिप्शन मॉडल लागू किया जाएगा।
 
मुझे लगता है कि यहां को बहुत बड़ा प्रयास किया गया है, विराट रामायण मंदिर न्यूनतम यादों से भरा हुआ है। यह देखना रोचक होगा कि इसे बनाने की प्रक्रिया में कितना समय लगेगा और इसके बाद यहां कैसे पूजा-अर्चना होगी। क्या इससे लोगों को अपने परिवार और समुदाय से जुड़ने का मौका मिलेगा? मैं इस निर्माण की पूर्ति के बाद यहां आने की तैयारी करूंगा।
 
इस दुनिया में बहुत सारे ऐसे स्थल हैं जहां ऐतिहासिक महत्व है, और यहाँ कैथवलिया गांव विराट रामायण मंदिर बनाने की योजना में है। मुझे लगता है कि भारतीय संस्कृति को दुनिया के सामने दिखाने की जरूरत है, और यहाँ की बनाई गई शिवलिंग और इसके आसपास का विराट रामायण मंदिर एक अच्छा अवसर है। लेकिन, मुझे लगता है कि इस मंदिर को बनाने के लिए खर्च इतना ज्यादा है, और यहाँ पर पैसों से पहले हमें अपनी संस्कृति को बचाना चाहिए। 🤔🏯
 
भारत की पुरातत्व संपदा तो बस निकलने दी है... 56 फीट का शिवलिंग, 270 फीट का परिसर, और 1,000 करोड़ रुपये का खर्च... तो इसका मकसद क्या? सिर्फ सोशल मीडिया पर ट्रेंड बनाने के लिए है? या फिर हमारी पुरातत्व संपदा को बेचने के लिए सरकार को कहीं जाना पड़ रहा है? 🤔😒
 
मैं तो पूछता हूँ, बिहार के मोतिहारी में ऐसा विशाल शिवलिंग लगाने का क्या मकसद? कि वहां भी लोग देखें और सोचें कि अयोध्या का राम मंदिर न छोटा है? 🤣 और फिर इसे एक युग का शुरुआत होने वाला बात कह रहे हैं? क्या यह देश में कोई नया स्ट्रीट फेस हो रहा है जहां लोग खुद को बड़ा बनाने की कोशिश करेंगे। 🤦‍♂️
 
बड़ा शिवलिंग 🤯, बहुत ऊंचा! पर, ये देखो, 1,000 करोड़ रुपये में मंदिर बनाना तो बहुत ही बड़ा खर्च है, चाहिए पैसे तो कहीं से।
 
मैंने भी पढ़ा है कि ये पूरा सिर्फ 1,000 करोड़ में बनाया जाएगा, तो यह बहुत बड़ी बात होगी, अगर सही मायने में ठीक से समझ लें, तो यह शिवलिंग कैसे बनेगा ? और इसमें कितनी प्रकार की चीज़ें होंगी जिनसे लोग आकर्षित होंगे, मुझे लगता है कि यह बहुत रोचक स्थान होगा, तो अगर दिल्ली में भी ऐसा ही शिवलिंग बनाया जाए तो वहां के यात्रियों को कितना खुशी होगी,
 
मुझे लगता है कि बिल्कुल भी इसका प्रदर्शन करना चाहिए 🤔। यह शिवलिंग निर्माण पर बहुत पैसा खर्च कर रहा है, लेकिन मैं सोचता हूँ कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हमें अन्य जगहों पर कम महत्व देना चाहिए। ये जिला इतनी विविधता से भरपूर है कि किसी एक जगह पर इतना पैसा निकालना बिल्कुल सही नहीं है।
 
मुझे यह बात पसंद नहीं आती, जब देश के पास इतने बड़े और ऐतिहासिक मंदिर हैं तो फिर भी युवा पीढ़ी को विशेष रूप से शिक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए... 🤔

लेकिन, यह बात सच है कि मोतिहारी जिले के कैथवलिया गांव में ऐसा शिवलिंग स्थापित करने का प्रयास करना अच्छा है, लेकिन मुझे लगता है कि इसका क्या उद्देश्य है? और यह तो एक महंगी बात है... 1,000 करोड़ रुपये! 😱

मैं समझता हूँ कि युवाओं को अपने देश और संस्कृति को बचाने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन इससे पहले कि वे ऐसी महंगी चीजें करें, उन्हें शिक्षा, रोजगार और मुद्रीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए... 🤓
 
मुझे यह बात बहुत अजीब लग रही है कि क्यों हम ऐसे बड़े पैमाने पर शिवलिंग बनाते हैं और उन्हें इतनी ज्यादा महत्व देते हैं। मेरा विचार है कि इनमें से अधिकांश शिवलिंग बनाए जाने का मकसद हमारी आत्मा को शांत करने के लिए नहीं बल्कि हमारे समाज को इकट्ठा करने के लिए है। लोग इनमें इतना रुचि लेकर एक-दूसरे के साथ मिल जाते हैं।
 
ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਘਟਨਾ ਡਰਵਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਕਿ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਸਮਾਜਿਕ ਅਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਪਰਿਵੇਸ਼ਣ ਦੀ ਤੁਲਨਾ 'ਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਐਟਰੈਕਟ ਮਨੱੁਖੀ ਜਾਂ ਧਾਰਮਿਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾ ਦੇ ਚਿੰਹੋ ਦੇ ਬਣ ਗਏ ਹਨ।
 
अगर हमारे पास यहां पर 56 फीट ऊंचाई का दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है, तो इसकी सुरक्षा और रखरखाव के लिए सरकार को भी विशेष ध्यान देना चाहिए 🤔
 
अरे, तो यह वीराट रामायण मंदिर बिहार के मोतिहारी जिले में बन रहा है 🤯। मैंने वहां के कैथवलिया गांव की यात्रा की थी, वहां की दूरी से राम मंदिर के पास भी लगता है। यहां पर एक नई दुनिया बन रही है, जहां ऐतिहासिक संदेश को फिर से दिलाने के लिए बड़े-बड़े शिवलिंग और भव्य मंदिर बन रहे हैं। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा विचार है, ताकि लोगों को अपनी परंपराओं और संस्कृति को देखने का मौका मिले। लेकिन, यह तो बड़े-बड़े निर्माण पर ध्यान देना ही, चाहे वह शिवलिंग या मंदिर हो।
 
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