RO वाटर से बन रहा दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर: विराट रामायण मंदिर में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग, कंबोडिया के विरोध से बदला नक्शा

बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया गांव में, विराट रामायण मंदिर बन रहा है, जो अयोध्या के राम मंदिर से भी ऊंचा है। यह मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित करेगा, जिसकी ऊंचाई 56 फीट है।

इस मंदिर को पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड बनवा रहा है, और इसकी भव्यता को बताते हुए कहा गया है कि यह अयोध्या के राम मंदिर से 1.7 गुना ऊंचा होगा। इसको बनाने में करीब 1,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, और मंदिर की स्थापना के लिए RO का पानी, 3 लाख क्विंटल सरिया और राजस्थान के लाल पत्थर का इस्तेमाल होगा।

विराट रामायण मंदिर को बनाने वाले आर्किटेक्ट नवरत्न रघुवंशी बताते हैं कि उनके डिजाइन 5 साल लगे, और इसे मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर को भेजकर फाइनल किया गया। यह मंदिर वाराणसी और अयोध्या के पंडितों द्वारा अपनी पूजा-अर्चना से शुरू होगी, और इसमें गुरुकुल जैसी रामायण यूनिवर्सिटी भी खोली जाएगी।

इस मंदिर को बनाने वाले प्रोजेक्ट अधिकारियों ने बताया है कि यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर से 1.7 गुना ऊंचा होगा, और इसकी भव्यता को देखते हुए कहा गया है कि यह बिहार में आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।

विराट रामायण मंदिर से जुड़ी सभी अहम जानकारियां 11 स्लाइड्स में देख सकते हैं।
 
बिहार के नए मंदिर तो बन रहा है बिल्कुल, लेकिन इतना बड़ा और ऊंचा कैसे? 56 फीट ऊंचाई का शिवलिंग स्थापित करना और पटना के महावीर मंदिर न्यास बोर्ड को जिम्मेदार ठहराना, यह तो बहुत ही बड़ा प्रोजेक्ट है।

इस मंदिर में करीब 1,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, और इसके लिए इतने सारे संसाधनों का इस्तेमाल करना, यह तो बहुत ही बड़ी व्यवस्था है।

मुझे लगता है कि यह मंदिर भारत के देशभक्ति और समृद्धि का प्रतीक बन सकता है, लेकिन इसके लिए हमें ध्यान रखना होगा कि इससे हमारी संस्कृति और परंपराओं को तोड़ने की भी संभावना है।
 
राम मंदिर तो हमेशा से बड़ा हुआ क्या नहीं... यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर से भी ऊंचा है, और इसका शिवलिंग 56 फीट लंबा होगा। इतना बड़ा मंदिर बनाने में 1,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह तो आसान नहीं है... मैंने अपने बचपन से ही याद किया था कि मंदिरों को बनाने में इतना पैसा लग जाता है, लेकिन इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

मुझे लगता है कि यह मंदिर वास्तव में एक गुरुकुल की तरह होना चाहिए, जहां लोग रामायण के बारे में सीख सकते हैं और अपनी पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसके अलावा, यह मंदिर वाराणसी और अयोध्या के पंडितों द्वारा शुरू होगा, जो एक अच्छा संकेत है।

लेकिन, मैं सोचता हूँ कि हमें अपने देश के विभिन्न हिस्सों में इनसानियत और सहानुभूति की भावना को बढ़ावा देने पर ध्यान देना चाहिए।
 
मैंने भी इस मंदिर को देखा है, और यह बहुत ही आकर्षक लग रहा है 🤩। इसकी ऊंचाई 56 फीट होने से पहले भारत में जो सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित होगा, उसकी तुलना में यह बिल्कुल अलग दिखेगा। पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड ने इसे बनाने के लिए बहुत अच्छा प्रयास किया है, और यह अयोध्या के राम मंदिर से 1.7 गुना ऊंचा होने पर हमें आश्वस्ति दिला रहा है।
 
मंदिर की ऊंचाई 56 फीट है! यह तो बहुत बड़ा होगा 🤯। पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड इस मंदिर को बनाने के लिए कितना पैसा खर्च कर रहा है? 1,000 करोड़ रुपए! यह तो बहुत भारी होगा। 🤑

मंदिर का डिजाइन बनाने में 5 साल लगे? यह तो बहुत देर लगेगा! और इसमें RO का पानी, सरिया, राजस्थान के लाल पत्थर, और गुरुकुल जैसी रामायण यूनिवर्सिटी शामिल होगा। यह तो बहुत बड़ा प्रोजेक्ट होगा 🤝

मंदिर की भव्यता को देखते हुए कहा गया है कि यह बिहार में आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाएगा। यह तो बहुत अच्छा होगा, लेकिन मंदिर की ऊंचाई 56 फीट से शुरू कैसे हुई? 🤔

विराट रामायण मंदिर को बनाने वाले आर्किटेक्ट नवरत्न रघुवंशी ने बताया है कि उनके डिजाइन 5 साल लगे, लेकिन मंदिर के बारे में कुछ और जानकारी क्या है? 🤔

मंदिर को बनाने वाले प्रोजेक्ट अधिकारियों ने बताया है कि यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर से 1.7 गुना ऊंचा होगा, लेकिन मंदिर की ऊंचाई 56 फीट से शुरू कैसे हुई? 🤔

मैंने जो पढ़ा है, वह तो बहुत रोचक है! मंदिर को बनाने वाले लोगों ने बहुत बड़े प्रयास किए हैं। 🎉

मंदिर की भव्यता को देखते हुए कहा गया है कि यह बिहार में आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाएगा। यह तो बहुत अच्छा होगा, लेकिन मंदिर की ऊंचाई 56 फीट से शुरू कैसे हुई? 🤔

मैंने जो पढ़ा है, वह तो बहुत रोचक है! मंदिर को बनाने वाले लोगों ने बहुत बड़े प्रयास किए हैं। 🎉

मंदिर की ऊंचाई 56 फीट है! यह तो बहुत बड़ा होगा 🤯। पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड इस मंदिर को बनाने के लिए कितना पैसा खर्च कर रहा है? 1,000 करोड़ रुपए! यह तो बहुत भारी होगा। 🤑
 
बिहार में इस तेजी से बढ़ रहे विराट रामायण मंदिर को देखकर मन मेन मोहित हो गया है 🤩। 56 फीट ऊंचे शिवलिंग को देखने का विचार ज़रूर है, लेकिन इसकी महानता पर नज़र डालें, तो यह अयोध्या के राम मंदिर से बिल्कुल नहीं कम है। यह मंदिर पटना के महावीर मंदिर न्यास बोर्ड द्वारा बनाया जा रहा है, और इसकी स्थापना के लिए बहुत बड़े बजट का इस्तेमाल होगा। विश्वास है कि यह मंदिर बिहार में आस्था का प्रमुख केंद्र बनने का रास्ता पकड़ लेगा, और इसकी भव्यता को देखकर देशभर के लोगों को आकर्षित किया जाएगा।
 
[ 🤣🏛️ ]

[ 👑🔥 ]
[ 📈💸 1000 करोड़! 🤑 ]
[ 💥🌆 ऊंचाई 56 फीट! 🤯 ]

[ 🎨🖌️ आर्किटेक्ट की डिजाइन 5 साल लगे! 🕰️ ]
[ 🚮👀 राजस्थान के लाल पत्थर और सरिया का इस्तेमाल! 💡 ]

[ 👥🤝 पंडितों द्वारा शुरू होगी! 🙏 ]
[ 📚🎓 गुरुकुल जैसी रामायण यूनिवर्सिटी! 🤓 ]
 
मैंने भी वो ऐसा मंदिर देखना होगा 😔 कौनसी जगह पर है, वह नहीं पता, क्योंकि मेरे लिए पटना या बिहार जाना बहुत मुश्किल है 🚶‍♂️। यहां तक की अयोध्या भी नहीं जा सकता, खैर फिर यह रामायण मंदिर तो वास्तविकता से ऊंचा होने वाला है, लेकिन उसकी सच्चाई तो कुछ और है 🤔। किसी को ऐसा मंदिर बनाने से पहले सोचना चाहिए, अगर हमारे देश की अर्थव्यवस्था के ऊपर ऐसा कोई मंदिर बनता है, तो क्या वास्तविकता है? 🤷‍♂️

किसी भी जगह पर जाने और उनसे बात करने से पहले मुझे अच्छा लाग रहा है।
 
अरे भाई, ये विराट रामायण मंदिर बिल्कुल भी बड़ा और ऊंचा नहीं बनता 🤔। वह तो अयोध्या के राम मंदिर से 1.7 गुना ऊंचा होने वाला है या कुछ भी नहीं। और यह तो पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड बनवाता है, लेकिन क्या वहां के लोग इससे खुश होंगे कि उनके शहर में इतना बड़ा मंदिर बन रहा है? और 1,000 करोड़ रुपए खर्च करने वाला भी यह तो बहुत कम है।
 
ये तो बिल्कुल अजीब बात है कि कैसे एक नए मंदिर की भव्यता को बताने के लिए एक गणितीय गणना कर दिया जाता है। 1.7 गुना ऊंचा होने से इसकी पहचान करना तो आसान नहीं होगा। और अगर यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर से ऊंचा है, तो उसकी असलियत को बताएं, कि यह तो कैसे बनेगा?
 
अरे भाई, यह विराट रामायण मंदिर का विचार तो बहुत बड़ा है 🤯। इसकी ऊंचाई 56 फीट और अयोध्या के राम मंदिर से 1.7 गुना ऊंचा होने की बात तो बहुत अच्छी लगती है। लेकिन इतनी बड़ी स्केल पर बनाने में यहाँ पर इतना पैसा निकलने का कैसे होगा? 🤑 1,000 करोड़ रुपए खर्च होने की बात तो बहुत है और इसके लिए RO का पानी, सरिया, राजस्थान के लाल पत्थर जैसी चीजों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर से भी फाइनलाइजेशन होने की बात तो बहुत अच्छी लगती है 🤝। लेकिन इसके अलावा यह मंदिर वाराणसी और अयोध्या के पंडितों द्वारा शुरू होगा, जिसकी बात भी अच्छी लगती है।
 
मंदिर बनने की बात तो सोचते समय भी बहुत बड़ा सवाल उठता है कि यह सब क्यों बन रहा है? क्या हमें यह जानने की जरूरत नहीं है कि क्या इसे बनने का मकसद ही वास्तविक संतुष्टि दिलाना है, या फिर एक नई पहचान बनाना?
 
मंदिर को तय किए जाने पर पहले भारतीय जनता पार्टी को वोट मिले, नहीं तो यह मंदिर कभी बनता। और अब बीजेपी सांसद द्वारा यह मंदिर बनाने की घोषणा, तो तो अर्थात 1.7 गुना ऊंचा, मतलब एक ही अर्थ, हमें भारतीय हिंदू परिषद के प्रति सहनशीलता अपनानी होगी।
 
मैं तो यह जानना चाहता हूं कि इस मंदिर की ऊंचाई 56 फीट है, लेकिन क्या यह पुष्टि कोई ग्रंथ या अध्ययन से कर सकता है? और 1.7 गुना ऊंचा कहने वालों ने कौन से शोध किए हैं? मुझे लगता है कि इतनी बड़ी बातें तो पहले से ही पुष्टि की जानी चाहिए।

क्या मंदिर की भव्यता को 3 लाख क्विंटल सरिया और राजस्थान के लाल पत्थर का इस्तेमाल करना सही है? इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर से जुड़े लोगों ने कोई विशेषज्ञता है या नहीं? और गुरुकुल जैसी रामायण यूनिवर्सिटी खोलने के बारे में क्या वास्तविक योजनाएं हैं?

मुझे लगता है कि इन सब बातों पर अधिक जानकारी की जरूरत है, और इसके लिए स्रोत चाहिए। 🤔
 
मैंने भी यह पढ़ा कि अब बिहार का कैथवलिया गांव विराट रामायण मंदिर बन रहा है, जो अयोध्या के राम मंदिर से भी ऊंचा होगा। यह तो बहुत बड़ा होगा, 56 फीट तक ऊंचा शिवलिंग लगाने वाला दुनिया का सबसे ऊंचा होगा। मुझे ये नहीं पता था कि पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड इसकी construction कर रहा है।

मैं सोचता हूं कि यह तो बहुत आसान नहीं होगा, 1,000 करोड़ रुपए खर्च करने और ऐसा बड़ा मंदिर बनाने के लिए। और इसमें RO पानी, सरिया और राजस्थान के लाल पत्थर की भी कितनी मात्रा होगी? मुझे लगता है कि यह बहुत समय लगेगा अपने डिजाइन तैयार करने और फिर से Ministry of Culture से इसको मंजूरी दिलाने की।
 
मैंने पढ़ा कि विराट रामायण मंदिर का निर्माण बिहार के मोतिहारी जिले में कैथवलिया गांव में होने वाला है। यह तो बहुत बड़ा प्रसंग है! मुझे लगता है कि इसके निर्माण में करीब 1,000 करोड़ रुपए खर्च होगा, जो बहुत बड़ी बात है। लेकिन यह तो बहुत ही रोमांचक है कि इसमें दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। 56 फीट की ऊंचाई से यह तो अयोध्या के राम मंदिर से भी ऊंचा होगा! 🤩
 
यह तो बहुत बड़ा निवल आयाम का प्रस्ताव है! 56 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित करने की कोशिश वाहिनी, यह तो कुछ नहीं है, हमें सोचो कि भगवान राम अपने भक्तों के लिए इतना बड़ा मंदिर बना रहे हैं! और इसमें RO पानी, सरिया, और राजस्थान के लाल पत्थर का इस्तेमाल होगा, तो लगता है यह मंदिर सिर्फ सुंदर नहीं बल्कि दुर्लभ भी होगा।
 
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