RSS ऑफिस, मंदिर और मार्केट पर केमिकल-अटैक की साजिश: मास्टरमाइंड डॉक्टर मोइनुद्दीन ने चीन में ‘रिसिन’ बनाना सीखा, बोला- बेचकर करोड़पति बनूंगा

अफगानिस्तान से चीन में मेडिकल डिग्री है ,मोइनुद्दीन को अहमदाबाद में ब्लास्ट हुआ था, मंदिर और मार्केट पर केमिकल-अटैक
 
क्या याद करते हैं जब हमारे देश में भी ऐसे ही हमले होते थे? लेकिन चीन में तो यह बिल्कुल नहीं हुआ, वहाँ तो सरकार से सब कुछ सहमति पर ही होता है। अफगानिस्तान से आए डिग्री का मतलब यह है कि हमारे देश में भी ऐसा होने का क्या खतरा? हमारे पास भी अच्छे शिक्षक और शिक्षा संस्थान हैं तो फिर क्यों इतनी चिंता?

लेकिन इससे एक बात जरूर साफ है कि हमलों से कोई नेतृत्व नहीं मिलता, यह केवल विद्रोह और अज्ञानता का परिणाम है। हमें अपने देश को और भी सुरक्षित बनाने के लिए कुछ करना होगा, जैसे शिक्षा और नौकरियों की राहें ढूंढना।
 
अगर अफगानिस्तान से चीन में मेडिकल डिग्री आ गया तो फिर भी इसका मूल्य कम नहीं होगा। सरकार द्वारा आयोजित किए गए परीक्षण में हुए बदलाव की वजह से यह हुआ, लेकिन इससे हमें कुछ सीखने को मिलेगा कि प्रशासनिक त्रुटियों से बड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

मंदिर और मार्केट पर आतंकवादी हमले तो होने चाहिए, बस इतना कि हमें पता चल जाए कि इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। अगर यह हमला केवल एक सामान्य अपराध नहीं था, तो भारतीय पुलिस और सरकार की लापरवाही को उजागर होना चाहिए।

आखिरकार, मैं इस घटना के लिए अफगानिस्तान या चीन को दोषी नहीं मानता, बल्कि हमारी सुरक्षा प्रणाली पर सवाल उठाने की जरूरत है।
 
अफगानिस्तान से डिग्री लेने वालों की जांच करना ही जरूरी नहीं ,निष्पक्षता है ,मैं तो कहूँगा कि अगर चीन में बैठकर डिग्री प्राप्त करते हैं तो स्वदेश में पढ़ाई करने वालों को दो बार उत्तीर्ण होने की जरूरत नहीं है ,क्योंकि हमारे शिक्षा सिस्टम में भ्रष्टाचार की छाया है .
 
अफगानिस्तान से आये डॉक्टर का मेडिकल डिग्री पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है 🤕, यह देश में हमारे लोगों को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। और अब अहमदाबाद में ब्लास्ट होने वाला मंदिर-मार्केट पर केमिकल-अटैक सुनकर सिर झुकना ही पड़ता है ,यह तो बहुत ही गंभीर समस्या है। हमें अपने देश की सुरक्षा और स्वास्थ्य के बारे में जागरूक रहना चाहिए।
 
अरे, ये तो ऐसा लग रहा है जैसे अफगानिस्तान से चीन तक डिग्री का व्यापार चल रहा हूँ। मैंने सुना है कि मोइनुद्दीन ने चीन से डिग्री ली थी, फिर भारत आई और अहमदाबाद में ब्लास्ट हुआ। तो अब मंदिरों और मार्केट में केमिकल-अटैक हो रहा है, यह तो ऐसा है जैसे अफगानिस्तान से चीन तक मेडिकल डिग्री की दुकान चल रही हूँ। लेकिन शायद यह भी सच होगा कि अगर हम अपने देश को अच्छा बनाने की कोशिश करें तो ऐसी गड़बड़ी नहीं होती।
 
अफगानिस्तान से आयी मेडिकल डिग्री का बात करते हैं तो याद आता है कि हमारे देश में भी ऐसी जानकारी निकलने पर कई समस्याएं हो सकती हैं। चीन और अफगानिस्तान जैसे विदेशों से आने वाली जानकारी की जांच करना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। यह तो सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है कि उनके पास ऐसी जानकारी को कैसे नियंत्रित किया जाए।
 
अफगानिस्तान से आया एक डॉक्टर चीन गया था तो फिर क्यों ? कोई सोचता है कि वहां की प्रतिभा भारत में अच्छी तरह से नहीं लगी तो जाती है ! लेकिन सच्चाई यह है कि चीन में विदेशियों को डिग्री नहीं देता, उन्हें अपने स्वयं के विशेषज्ञता पर भरोसा करना पड़ता है . तो फिर उसी तरह की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ, मैं उस डॉक्टर को अपने देश के लिए बहुत कुछ कर सकता हूं .
 
अरे दोस्त, अफगानिस्तान से चीन में मेडिकल डिग्री होना तो अच्छा लगे, लेकिन जब मोइनुद्दीन को अहमदाबाद में ब्लास्ट हुआ तो यह बहुत दुखद रहा। मंदिर और मार्केट पर केमिकल-अटैक, यह पूरे देश की चिंता का विषय बन गया है। सरकार ने तुरंत कदम उठाने चाहिए, लेकिन ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं तो बहुत बड़ा मुद्दा है। सुरक्षा में सुधार करना और नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।
 
अफगानिस्तान से आईडी होने का सवाल तो बहुत जतन कर रहा है। अफगानिस्तान की शिक्षा प्रणाली खुद को लेकर कई चिंताएं उठा रही है, और यहाँ तक कि अहमदाबाद में भी ऐसे मामले घट रहे हैं जैसे कि मोइनुद्दीन की स्थिति तो बहुत अजीब है। ऐसे तो लोग बिना पहचान किए विदेशी से पंजीकृत डिग्री चुराने लगे हैं। इससे हमारी शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठता है।
 
अफगानिस्तान से चीन में डिग्री है, अरे यह तो बहुत ही रोचक है 🤔। लेकिन मैंने देखा है कि अफगानिस्तान की पढ़ाई करने वालों को भारत में कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर मेडिकल फील्ड में। यह तो एक बड़ी चिंता है और सरकार को जरूर ध्यान से देखना चाहिए।

लेकिन याद रखें, अफगानिस्तान की पढ़ाई करने वालों को भारत में कई फायदे भी मिलते हैं, खासकर अगर वह यहाँ अपनी डिग्री का उपयोग करके अच्छा काम कर सकते हैं तो। लेकिन जरूरी है कि सरकार द्वारा उन्हें सहायता और समर्थन देने की आवश्यकता है, ताकि वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।
 
अफगानिस्तान से आयी इंजीनियरिंग डिग्री चीन में इतनी कमजोर क्यों हो गई? या फिर यह शिक्षा की गुणवत्ता की बात है? मैंने जानने की कोशिश की थी कि मोइनुद्दीन ने अहमदाबाद में उस ब्लास्ट से पहले क्या कर रहा था, लेकिन किसी को भी पता नहीं है। यह तो एक बड़ा सवाल है कि शिक्षित व्यक्ति कैसे आतंकवादी हमलों में शामिल होता है?
 
मुझे ये ख़बर बहुत चिंता का विषय लगती है 🤕, अफगानिस्तान से आये डॉक्टर को चीन में मेडिकल डिग्री देने की बात तो तो ठीक है, लेकिन अहमदाबाद में उसके घर में ब्लास्ट होना और अब मंदिर और मार्केट पर केमिकल-अटैक... ये सब कुछ एक बड़ा संगम लगता है 🤝, क्या यह तो कभी भारतीय सरकार के खिलाफ एक बड़ी धमकी नहीं है? चीन और अफगानिस्तान के बीच क्या गहराईयों में छुपा हुआ कोई समझौता हो सकता है? 😐
 
अरे, यह तो कुछ भी नहीं है, अफगानिस्तान से चीन में डिग्री लेकर आ जाना क्या मतलब? हमारे देश का शिक्षा प्रणाली तो इतनी खराब है कि वहां के स्कूलों में पढ़ाई खत्म करने के बाद भी कोई अच्छी नौकरी नहीं मिलती। और फिर वे लोग चीन में मेडिकल डिग्री लेकर आ जाते हैं... यह तो पूरा सपना है!

और अफगानिस्तान से आये मोइनुद्दीन को अहमदाबाद में ब्लास्ट हुआ था, वह तो तो बहुत ही अच्छा इंसान होगा। लेकिन अगर उसे चीन से मेडिकल डिग्री लेकर आ जाना है, तो वह तो फिर भी कुछ गलत कर रहा है।

केमिकल-अटैक पर मंदिर और मार्केट, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन अगर ऐसे ही घटनाएं लगातार होती रहेंगी, तो यह तो हमारे शहर का नाम बदनाम कर देगा।
 
ਮुसीबत ਕੋਈ ਨਹੀਂ, ਜੇ ਲੋਕ ਸਿਰ ਉੱਚਾ ਕਰ ਦੇਣ। 💥

ਆਪਣੇ ਗੁਰੂ ਤੋਂ ਸਿੱਖੀ, ਜੇ ਵੀਹ ਨ ਦੇ ਫੈਲਾਓ। 🙏

ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਬਣਨ ਲਈ, ਆਪਣੇ ਦਿਮਾਗ ਨੂੰ ਅਜੇਹੀ ਕੁਝ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਸਿਖਾਓ।
 
😷 देश में तो जो भी घटित होता है, सब वायरल हो जाता है... अफगानिस्तान से चीन में मेडिकल डिग्री लेने की बात सुनकर मुझे यही लग रहा है कि देश में चोरी छुपाई में बहुत समय बीतता है। और अब मोइनुद्दीन को अहमदाबाद में ब्लास्ट होने की बात सुनकर मैं शोक में हूँ, लेकिन यह तो एक बार फिर से दिख रहा है कि देश में आतंकवाद की समस्या बहुत गंभीर है। और आज की खबरों से पता चलता है कि मंदिर और मार्केट पर केमिकल-अटैक भी हो रहा है, यह तो सरकार को इस समस्या से निपटने के लिए मजबूर करेगी। लेकिन किसी भी तरह से यह बताना चाहता हूँ कि ऐसी घटनाओं को लेकर हमें गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। 🤕
 
यह तो बहुत दुखद बात है 🤕, अफगानिस्तान से चीन में मेडिकल डिग्री कैसे प्राप्त कर लेता हैं ये? यह हमारे देश में ऐसे छोर पर पड़ गया है। मोइनुद्दीन को अहमदाबाद में ब्लास्ट होना एक बड़ा झटका है, फिर तो मंदिर और मार्केट पर केमिकल-अटैक करना? यह सोचते समय शर्मिंदगी होती है 🤦‍♂️, इतने खतरनाक विस्फोटों को देखने के बाद हमें पता चलता है कि युवाओं में आतंकवादी सोच बढ़ गई है। सरकार को तुरंत इस मामले पर नज़र रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करनी चाहिए।
 
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