यह लेख रूसी LNG और पाइपलाइन गैस के आयात पर यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में है।
इस समझौते के तहत, 2026 के अंत तक रूसी LNG का आयात बंद कर दिया जाएगा, जबकि 2027 के पहले तिथि तक रूसी पाइपलाइन गैस पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। हालांकि, अगर किसी देश को सर्दियों से पहले गैर-रूसी गैस से भंडारण भरने में कठिनाई आती है, तो अंतिम समयसीमा को 1 नवंबर 2027 तक बढ़ाया जा सकता है।
यूरोपीय संघ की कुल गैस आपूर्ति में रूस की हिस्सेदारी 2022 से पहले 40% थी, लेकिन 2025 तक यह लगभग 13% रह गई है। इसके बावजूद, कुछ देश अभी भी रूस से तेल, एलएनजी और पाइपलाइन गैस खरीद रहे हैं, जिससे यूक्रेन को समर्थन देने और रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव डालने के प्रयास कमजोर पड़ रहे हैं।
यूरोपीय आयोग ने यह घोषणा की है कि वह अगले महीने रूसी ऊर्जा पर 1.4 बिलियन यूरो खर्च करने वाले पांच सबसे बड़े आयातकों में से तीनों ने भी रूसी गैस और एलएनजी से बचने की घोषणा की है।
यूक्रेन और उसके समर्थकों ने इस समझौते पर व्यापक आलोचना की है। यूक्रेन ने कहा है कि यह समझौता रूस के खिलाफ हिंसा में एक महत्वपूर्ण दौरा है, लेकिन इससे उनके लिए आर्थिक और सामाजिक प्रभाव भी हो सकते हैं।
इस समझौते के फैसले ने विश्व बाजार में गैस की आपूर्ति पर एक बड़ा प्रभाव डाला है, जिससे रूसी अर्थव्यवस्था और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव पड़ सकता है।
इस समझौते के तहत, 2026 के अंत तक रूसी LNG का आयात बंद कर दिया जाएगा, जबकि 2027 के पहले तिथि तक रूसी पाइपलाइन गैस पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। हालांकि, अगर किसी देश को सर्दियों से पहले गैर-रूसी गैस से भंडारण भरने में कठिनाई आती है, तो अंतिम समयसीमा को 1 नवंबर 2027 तक बढ़ाया जा सकता है।
यूरोपीय संघ की कुल गैस आपूर्ति में रूस की हिस्सेदारी 2022 से पहले 40% थी, लेकिन 2025 तक यह लगभग 13% रह गई है। इसके बावजूद, कुछ देश अभी भी रूस से तेल, एलएनजी और पाइपलाइन गैस खरीद रहे हैं, जिससे यूक्रेन को समर्थन देने और रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव डालने के प्रयास कमजोर पड़ रहे हैं।
यूरोपीय आयोग ने यह घोषणा की है कि वह अगले महीने रूसी ऊर्जा पर 1.4 बिलियन यूरो खर्च करने वाले पांच सबसे बड़े आयातकों में से तीनों ने भी रूसी गैस और एलएनजी से बचने की घोषणा की है।
यूक्रेन और उसके समर्थकों ने इस समझौते पर व्यापक आलोचना की है। यूक्रेन ने कहा है कि यह समझौता रूस के खिलाफ हिंसा में एक महत्वपूर्ण दौरा है, लेकिन इससे उनके लिए आर्थिक और सामाजिक प्रभाव भी हो सकते हैं।
इस समझौते के फैसले ने विश्व बाजार में गैस की आपूर्ति पर एक बड़ा प्रभाव डाला है, जिससे रूसी अर्थव्यवस्था और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव पड़ सकता है।