संदेशखाली मामले में मुख्य गवाह की कार का एक्सीडेंट: कोर्ट जाते वक्त ट्रक ने टक्कर मारी, बेटे-ड्राइवर की मौत; परिवार बोला- ये सुनियोजित हमला

संदेशखाली मामले के मुख्य गवाह भोला नाथ घोष की कार एक्सीडेंट में उनके छोटे बेटे सत्यजीत घोष (32) और कार ड्राइवर साहनूर मोल्ला (27) की मौत हो गई। घटना नॉर्थ 24 परगना जिले के बासंती हाईवे पर बयरामारी पेट्रोल पंप के पास हुई थी। घोष ने बताया कि उनकी कार का ट्रक पीछे से मारा था, जबकि पुलिस का कहना है कि ट्रक और कार आमने-सामने से टक्कर मारता था।
 
मैंने यह सुनकर बहुत दुखी महसूस किया तो क्या करूँगा? पुलिस ने कहा है कि ट्रक और कार आमने-सामने से टक्कर मारता था, लेकिन मेरी बुद्धि नहीं समझ पा रही कि इसका मतलब क्या है? मैंने भी अपनी कोई कार कभी ऐसी हालात में नहीं देखी है जब वह आमने-सामने से टक्कर कर ले। और फिर बोले कि कार ड्राइवर की मौत क्यों हुई? क्या वो भी पुलिस ने कहीं गलती की थी? मेरी बहन की एक दोस्त का भाई था, वह तो बहुत सावधानी से दौड़ता था। लेकिन फिर यह हुआ। मैंने जो सोचा वह भी सही नहीं था, बस सोचकर मुझे दर्द हुआ।
 
बस तो यह तो बहुत बड़ा दुर्घटना हुआ, दोनों की जान गई। मुझे लगता है कि पुलिस वालों को अधिक स्पष्टीकरण देने की जरूरत है, जैसे क्या घटित हुआ था और कार ड्राइवर को उनकी टाक पर ध्यान नहीं था। यह एक बड़ा रहस्य है कि किसने पहले से ही कार चलाई थी। मुझे लगता है कि पुलिस वालों को इस जांच में और चीजें खोलकर देखनी चाहिए।
 
बिल्कुल फायदेमंद, अब देश भर में बियरामारी पेट्रोल पंप लग जाएंगे। तो लोग आर्थिक रूप से अच्छा नहीं होंगे, बस दुःख का गुरूर मिलेगा। मुझे लगता है कि ट्रक ड्राइवर ने भी अपना फैसला लिया था, जैसे कि कार ड्राइवर। तो हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत नहीं है कि पुलिस हर बार ऐसा कह दे।
 
मैंने देखा है कि ये घटनाएं नियमित रूप से होती रहती हैं... वाहनों की बेचैनी से तो हमें नहीं बचाया जा सकता... मुझे लगता है कि सरकार और पुलिस को एकजुट होकर इस समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन यह सवाल उठता है कि वाहनों को इतनी तेजी से चलाने की अनुमति मिल रही है? शायद हमें अपने राजधानी में या फिर दूसरे शहरों में धुंधली लाइट्स और पैदल यात्रियों के सामने जाने वाली वाहनों को समझने की जरूरत है।
 
मैं तो बहुत दुखी हूँ यह जानकर, जैसे भाई वाली बातें ही नहीं होती। पुलिस बता रही है कि कार और ट्रक आमने-सामने से टक्कर मारते, लेकिन फिर भी तो एक दूसरे को मारने के लिए इतना जोश आ गया? यह बहुत बड़ा सवाल है क्या हमारे रास्तों पर इतनी हाव-भाव कैसे हो रहा है? और सबसे बड़ी बात, भोला नाथ घोष जी के छोटे बेटे सत्यजीत जी की मौत तो बहुत दुखद है, मेरे दिल खेद है उनके परिवार को। शांति और सावधानी, हमें अपने रास्तों पर तुरंत ध्यान रखना चाहिए। 🤗😔
 
मेरा दिल तो खराब हो गया जब मैंने इस खबर सुनी … 🤕 तो भोला नाथ घोष जी का बड़ा बेटा सत्यजीत और ड्राइवर साहनूर मोल्ला की जान गई … यह बहुत दुखद है … मैं उनकी शोकसंदेश से पहले से ही सोच रहा था कि आज कुछ ऐसा खराब होगा … मुझे लगता है कि ये दोनों लोग बहुत अच्छे लोग थे … और वे क्यों मर गए? मैं खुद भी कभी-कभार ड्राइवर की तरह चलता हूँ, तो मुझे ऐसा लग रहा था जैसे साहनूर मोल्ला ने अपने जीवन को बचाने की कोशिश की … 🚗😨
 
यह तो बहुत बड़ा विवाद हो रहा है यह दोनों हिस्सों के बीच। मुझे लगता है कि अगर सरकार ने अच्छी तरह से ये घटना जांच ली होती, तो अब भी इतनी सारी देर हो सकती। लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया, और अब यह घोष परिवार बहुत परेशान कर रही है। और फिर सरकार को अपने पास खिलौना दिखाकर मुकदमा ठीक करने का फैसला करना चाहिए, या तो या नहीं।
 
ਦੁਖਦਾਈ ਗੱਲ ਹੈ, तो ਮुझੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਵਿਚਾਰ ਕਰਨ ਦਾ ਸੌਪਣ। ਅੱਜ-ਕਲ੍ਹ ਭਾਰਤ-ਯਾਤਰਾ ਬਣ ਗਈ ਤੇ ਵਿਚਾਰ ਸਫ਼ੈਦ ਨਹੀਂ, ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਦਾ ਮਨੋਰੰਜਨ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਯਤ੍ਰ ਪੁਲਿਸ਼ ਭਰਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਗੱਲ 'ਤੇ ਮੈਂ ਚਿੰਨੌੰਨ ਕਰ ਰਹੀ ਹਾਂ, ਜੇ ਵਿਚਾਰ ਬਣਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪੁਲਿਸ ਭਰਦੀ ਨੂੰ ਯਾਤਰੀਆਂ ਦੇ ਕੋਈ ਬਿੱਲ ਮਿਲਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਸੀ।
 
मेरा मन खिल गया तो ये देखकर 😱 बासंती हाईवे पर हो रही जंग कैसे है? पेट्रोल पंप के पास ऐसे ही घटनाएं न लगातार होती देखना मन को परेशान कर देता है। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि ये घटनाओं से हमारे जीवन में सुरक्षा का महत्व और भी बढ़ जाएगा।
 
यह तो बहुत दुर्भाग्य है जैसे दुनिया में ऐसी बातें होती रहती हैं... क्योंकि भोला नाथ घोष जी और उनके परिवार के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका होगा। मुझे लगता है कि अगर हमारी दुनिया में सड़क सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया गया, तो ऐसी दुर्घटनाएं कम होतीं। जैसे बायरामारी पेट्रोल पंप के पास इतना ट्रक और कार आमने-सामने मिलना तो बहुत संदेह वाला है।
 
मैं तो इस दुर्भाग्य की घटना से बहुत दुखी हूँ, यह तो पूरी तरह से अचानक हुआ, कोई संकेत नहीं था कि ऐसा होने वाला है... मेरी राय में जो लोग ट्रक ड्राइवर को गले लगाते हैं या उनकी कार को पीछे से धमकाते हैं उन्हें जरूर सज़ा मिलनी चाहिए, और यहां पर भोला नाथ घोष की कार ड्राइवर साहनूर मोल्ला की मौत हो गई तो इसके लिए जरूर पूरी जिम्मेदारी को अपने पीछे खींचना चाहिए, और इस तरह के दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हमें सावधानी बरतनी चाहिए
 
ज़रूर, यह तो बहुत दुखद समाचार है। मैंने भी अपनी कंपनी की कार में एक बार ऐसा ही दुर्घटना हो गई थी, और मुझे बस्ता लगा था। लेकिन मेरा संदेह यह है कि अगर पुलिस ने इस मामले की जाँच की तो उन्हें पता चलेगा कि क्या वास्तव में ट्रक और कार आमने-सामने से टक्कर मारते थे या फिर कोई बड़ी दुर्घटना हुई थी। शायद पुलिस ने इतनी तेजी से जाँच नहीं की हो।
 
मैंने देखा की बायरामारी पेट्रोल पंप के पास ऐसी ही गड़बड़ी हुई thi jisse dono logon ki maut ho gayi. Mere khayal se, pahle ghoshtan ka samadhan karna chahiye tha. Sabse pehle us ghosh ke saath jo kuchh galat hota hai wo isse hal karne ki zarurat hai. Phir sirf uske baad hi koi bhi decision li jati hai
 
बिल्कुल भी सही नहीं किया गया! जिस तरह हम सड़क पर बायपास कर लेते हैं वही पुलिस ने दुर्भाग्य की घटना को एक बड़ी चोरी में बदल दिया है। यह तो पूरी तरह से साफ नहीं है कि ट्रक और कार आमने-सामने से टक्कर मारते थे या ट्रक ने पीछे से मारा। ज्यादातर बार हम लोग बड़े ट्रucks देखकर ही डरते हैं क्योंकि उन्हें देखना भयंकर लगता है, लेकिन वे लोग और भी खतरनाक होते हैं जब वे ध्यान न रखकर सड़क पर चलते हैं।

मुझे लगता है कि पुलिस जैसी तेजी से बातें करने वाली लोगों को घटना का मूल कारण समझने में समय लग जाता है। हमें इनसानियत और सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि बिना किसी सबूत के।
 
मैंने सुना है यह बहुत दुखद घटना हुई। मुझे लगता है की पुलिस जैसे ही रिपोर्ट तैयार कर रही है, हमें भी अपने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देनी चाहिए। लेकिन याद रखना जरूरी है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हमें अपने समाज में सुरक्षा जागरूकता बढ़ानी होगी। मैं बायरामारी पेट्रोल पंप के पास सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए सुझाव देता हूं। हमें अपने यूट्यूब चैनल पर भी इस तरह की घटनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने की कोशिश करनी चाहिए।
 
बहुत दुखद खबर यह है... मेरे बड़े भाई की तरह खून बहते हुए कोई नहीं होता तो ठीक होता। संदेशखाली मामलों में लोग ज्यादा गंभीर नहीं लेते हैं। लेकिन यह तो एक अच्छे व्यक्ति की बहुत बड़ी भूल है। कार ड्राइवर और उनके बेटे की जान जानकर मुझे भी बहुत दुख हुआ। पुलिस ने कहा कि ट्रक और कार आमने-सामने से टक्कर मारती थी, लेकिन मैं कह सकता हूँ कि अगर वह ट्रक तुरंत रोकता तो यह घटना नहीं होती। nowadayssse... 🤕
 
अरे ये बहुत दुखद खबर है 🤕, मेरी भी कुछ बेटियाँ या पोतियाँ इस तरह की घटनाओं में शामिल होने का खतरा है। सुरक्षित पहुंच का विचार करना चाहिए तो अच्छा, यह दृश्य साफ नहीं है जैसे ट्रक और कार आमने-सामने ही टक्कर मारते हैं। लेकिन फिर भी, एक सवाल उठता है कि क्या पुलिस वालों ने अपने रिकॉर्ड सही से रखे? और दूसरा, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हमें अच्छी जागरूकता बनानी चाहिए।
 
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