मैं अपने तीन बेटों को प्यार करती हूं, लेकिन मेरा सबसे बड़ा बेटा, मोहसिन, 10 नवंबर को दिल्ली बम ब्लास्ट में शहीद हो गया। उसे हमारे घर में एक छोटा सा कमरा था, जहां वह अपने बैट्री रिक्शा चलाते समय आराम करता था। उसकी पत्नी, नदीम, और वह दोनों दिल्ली में रहते थे, लेकिन जब वह गांव आ गए तो हमने उन्हें प्यार किया।
मैं अपने बेटे संजीदा को बहुत प्यार करती हूं। उसने हमेशा हमारे घर में शादी के दिनों में मदद की। जब मेरा बच्चा मरते थे, तो वह हमसे कहता था कि हमें उनकी याद साझा करनी चाहिए, लेकिन अब मुझे ऐसा नहीं होने दूंगा। मैंने कहा, "मोहसिन की शादी को लगभग 14 साल हो चुके थे। तीन साल पहले हमें बेटियों की शादी के लिए घर बेचना पड़ा। जैसे ही हम किराए के घर में शिफ्ट हुए उसकी पत्नी कहने लगी कि मैं तो दिल्ली जाउंगी।"
मैं अपने बेटे संजीदा को बहुत प्यार करती हूं। उसने हमेशा हमारे घर में शादी के दिनों में मदद की। जब मेरा बच्चा मरते थे, तो वह हमसे कहता था कि हमें उनकी याद साझा करनी चाहिए, लेकिन अब मुझे ऐसा नहीं होने दूंगा। मैंने कहा, "मोहसिन की शादी को लगभग 14 साल हो चुके थे। तीन साल पहले हमें बेटियों की शादी के लिए घर बेचना पड़ा। जैसे ही हम किराए के घर में शिफ्ट हुए उसकी पत्नी कहने लगी कि मैं तो दिल्ली जाउंगी।"