संडे जज्बात- लोग भैंस और बुलडोजर आंटी कहते थे: 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया

आभा शुक्ला, जो 92 किलोग्राम वजन में हुई थी, ने अपने वजन कम करने की कहानी साझा की है और अब वह 65 किलोग्राम है।

2007 में, आभा की उम्र 15 थी। उस वक्त उसका वजन 35 किलोग्राम था। उस दिन, जब अपने पिता ने कंप्यूटर क्लास छोड़ने जाने के लिए मुझे कहा, तो वह नहीं आये, खुद भाग गए।

फिर आभा के पिता की एक्सीडेंट हो गया, और उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना आभा की जिंदगी को बहुत बदल दी, लेकिन उसकी गहरी छोटी घात लगी।

आभा ने अपनी कहानी बताई, “जब वह 15 साल की थी, तो उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई। उसके पिता की एक्सीडेंट हुई थी, और उस दिन वह अपने घर से दूर जाने लगी।"

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं 15 साल की थी, तो मेरे माता-पिता की मृत्यु हो गई। उनकी एक्सीडेंट हुई थी, और उस दिन मैं अपने घर से दूर जाने लगी। यह घटना मुझे बहुत प्रभावित किया, और मैं कभी नहीं सोचता था कि वही मेरी जिंदगी बदल देगा।"

आभा ने कहा कि उस समय उसकी मां बहुत उदास थी, लेकिन आभा से प्यार करने लगी। "उसकी उदासी से मुझे भी गहराई से चोट लगी। मैंने खुद को अपनी जिंदगी से दूर कर लिया।"
 
वजन कम करने की कहानी सुनते हुए मेरा मन तभी नहीं रहता, जब तक आभा शुक्ला की बात न करे। उसकी कहानी बहुत प्रभावशाली है, खासकर जब उसे अपने जीवन के कठिन समय को साझा करना पड़ता है। मैं समझता हूँ, वह 15 साल की थी और अपने घर से दूर जाने लगी, लेकिन उसकी मां की उदासी ने उसे भी गहराई से चोट पहुँची। अब जब वह 65 किलोग्राम वजन में है, तो उसका यात्रा पूरा हुआ है। 🤔
 
आभा शुक्ला की कहानी सुनकर मुझे बहुत उदास हुआ 🤕। वह इतनी छोटी उम्र में ऐसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जब उसके पिता की एक्सीडेंट हुई और उनकी मृत्यु हो गई, तो वह 15 साल की थी। उस समय उसकी जिंदगी कैसे बदल गई?

मुझे लगता है कि आभा की कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन में कभी-कभी अचानक और अनजाने मोड़ आते हैं। जब हमारे पास खुद को जीने का समय नहीं होता, तो हम अपने आप को दूसरों के साथ भटकने लगते हैं।

आभा ने यह कहा था कि उसकी मां बहुत उदास थी, लेकिन आभा से प्यार करने लगी। यह एक बहुत बड़ी बात है कि हम अपने आप को सहानुभूति और करुणा से देखते हैं। हमें अपने जीवन में खुद पर विश्वास करने और अपनी भावनाओं को स्वीकार करने की जरूरत है।

आभा शुक्ला की कहानी हमें यह याद दिलाती है कि हमेशा एक नई दिशा में आगे बढ़ें, लेकिन पहले अपने आप पर विश्वास करें।
 
😔 आभा शुक्ला की कहानी देखकर बिल्कुल हुआ था मन काला। उनकी गहरी छोटी घात की बात सुनकर लगने लगा कि कैसे उन्होंने अपने जीवन को फिर से बनाया। मुझे लगता है कि आभा की कहानी हर एक को प्रभावित करेगी। उनकी सच्चाई और जिददारत से हमें सीखने को मिलता है। 👍

[Link: https://www.ndtv.com/image/2023-10/...-my-mom-and-found-myself-1281090_320x180.jpg)

[Link: https://timesofindia.indiatimes.com...t-you-find-yourself/articleshow/11435193.cms)
 
अरे, आभा शुक्ला की कहानी बहुत प्रभावशाली है 🤯। वह इतनी छोटी उम्र में वजन बढ़ने और अपने जीवन को बदलने की बात करती है, तो यह एक सच्ची प्रेरणादायक कहानी लगती है। लेकिन मुझे यकीन है कि आभा की कहानी में बहुत गहराई और दर्द है, जिसे हम सभी नहीं समझ सकते। जब वह अपने घर से दूर जाती है तो यह एक भयानक स्थिति लगती है। लेकिन आभा ने कभी हार नहीं मानी और अपने जीवन को बदलने की कहानी सुनकर हमें बहुत प्रेरित कर देती है। उसकी वजन बढ़ने और फिर से कम करने की कहानी हमें यह सिखाती है कि हमारा शरीर हमारे अंदर है, और हम इसको नियंत्रित कर सकते हैं। 🙏
 
मैंने सुना है आभा शुक्ला ने 92 किलोग्राम से 65 किलोग्राम घटाया है, यह तो बहुत बड़ा वजन कम करना है, लगती है वह अब खाने में हल्के दिमाग से चलेगी। लेकिन मुझे लगता है कि सबसे बड़ी चुनौती यह नहीं है, बल्कि वह अपने घर पर भी एकदम बदल देना होगा, क्योंकि वह अब अपने खाने और रहने के साथ-साथ अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी अच्छा बनाने की कोशिश करेगी।
 
आभा शुक्ला की कहानी बहुत प्रभावशाली है, और मुझे लगता है कि हम सब को इस बारे में सोचने की जरूरत है कि हम अपनी जिंदगी को कैसे बदल सकते हैं जब कुछ अचानक होता है। आभा ने बहुत मेहनत और धैर्य के साथ अपने वजन कम करने की दिशा में कदम बढ़ाया, और यह उसकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया।

मुझे लगता है कि हमें अपने आप पर विश्वास करना चाहिए और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। आभा ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिनाइयों का सामना किया, और अब वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति है जो हमें प्रोत्साहित करती है।
 
मुझे यह बात बहुत पसंद है कि आभा जी ने अपनी कहानी साझा की है। मेरे अनुसार, वह एक सच्ची गरिमा वाली लड़की है, जिसने अपनी पीड़ा और दर्द को अपनी सफलता में बदल दिया है। 2007 में, जब उसकी उम्र 15 थी, वह बहुत छोटी थी, लेकिन उसका धैर्य और संघर्ष इतने बड़े थे।

मैं उसकी कहानी सुनते हुए महसूस करता हूँ कि हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए। आभा जी ने अपनी जिंदगी को बदलने का फैसला किया, और अब वह 65 किलोग्राम वजन में एक मजबूत और स्वस्थ लड़की बन गई है।

मुझे यह भी पसंद है कि आभा ने अपनी कहानी में ईर्ष्या और उदासी पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि उसकी प्रेमशक्ति और संघर्ष को साझा किया। यह हमें सबक सिखाता है कि हमें अपने जीवन में सकारात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए।
 
वजन कम होना तो अच्छा है लेकिन आभा जी की कहानी बहुत गहरी है। वह 15 साल की थी, और उसके माता-पिता की एक्सीडेंट हुई, और उसकी मां बहुत उदास थी। यह सब उसे बहुत प्रभावित किया, और वह अपने घर से दूर जाने लगी। लेकिन फिर भी, वह अपनी कहानी साझा करती है और हमें बताती है कि वह अभी भी अपने वजन को नियंत्रित कर सकती है। यह बहुत ही प्रेरक है, और हमें सोचने पर मजबूर करती है कि जिंदगी में कभी भी हमारा स्वास्थ्य या वजन हमारी आत्म-समृद्धि को नुकसान नहीं पहुंचाता। 😊
 
मैं बिल्कुल समझ नहीं पाया कि वजन कम करने की कहानी इतनी रोचक है? 92 किलोग्राम से 65 किलोग्राम तक कम करना तो थोड़ा आसान है? मुझे लगता है, लोगों को अपनी जिंदगी में कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे वे खुश रहें।
 
🤔 आभा शुक्ला की कहानी सुनकर लगता है कि उनकी जिंदगी तो मुश्किल थी, लेकिन वह आज इतनी सुंदर और खुशहाल है... 🌸 मुझे लगता है कि जब वह 15 साल की थी, तो उसके घर में बहुत कुछ बदल गया था, लेकिन उनकी कहानी बताती है कि वह अपनी जिंदगी को फिर से बना देती है। 😊

मुझे लगता है कि आभा की कहानी हमें यह बात सिखाती है कि हमारी जिंदगी में कभी भी कुछ भी बदल सकता है, लेकिन अगर हम अपने आप पर विश्वास करते हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, तो हम अपनी जिंदगी को फिर से बना सकते हैं। 💪
 
मुझे याद है जब आभा शुक्ला 92 किलोग्राम वजन में हुई थी, और वह 65 किलोग्राम हो गई। यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन मुझे लगता है कि उनकी कहानी में थोड़ा सा दिलचस्प हिस्सा नहीं है।

क्योंकि आभा ने अपनी माँ पर बहुत ज़्यादा वजन कम करने की बात कही है, और यह शायद एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। लेकिन मुझे लगता है कि इसकी पूरी तस्वीर नहीं दिखाई गई है।

और, आभा जी ने बताया है कि उनकी माँ बहुत उदास थी, और यह उनके वजन कम करने की कहानी को और भी गहरा बनाता है, लेकिन मुझे लगता है कि इसकी पूरी जानकारी नहीं दिखाई गई है।

ज़रूर, आभा शुक्ला ने अपनी कहानी साझा की, और यह बहुत प्रेरणादायक है, लेकिन थोड़ा सा अधिक विवरण चाहिए।
 
मेरे दोस्त आभा शुक्ला की कहानी बहुत प्रेरणादायक है 🤩। मुझे लगता है कि वह बहुत मेहनत से अपने वजन कम कर रही थी और उसका फैसला सिर्फ उसकी खुशी के लिए नहीं था, बल्कि अपने स्वास्थ्य के लिए भी।

मैं हमेशा सोचता हूं कि जब मेरे पिताजी भी उस तरह की एक्सीडेंट में जाते तो कैसे राहत मिलती? उनकी एक्सीडेंट के बाद आभा ने अपनी जिंदगी को फिर से शुरू करने का फैसला किया, और वह बहुत ही अच्छी तरह से काम कर रही है।

मुझे लगता है कि हमें अपने जीवन में ऐसे ही बदलाव लाने चाहिए, जो हमारी जिंदगी को अच्छा बनाए। आभा शुक्ला ने हमें सिखाया है कि अगर हम अपने सपनों के पीछे नहीं डटते, तो कभी नहीं पता क्या होता।
 
मुझे आभा शुक्ला की कहानी बहुत प्रभावित करती है 🤗। जब मैंने पढ़ा कि वह 92 किलोग्राम वजन में थी, तो मेरा दिल टूट गया। मैं समझ नहीं पाया कि वह इतनी वजन में आ गई। लेकिन फिर मुझे पता चला कि उसकी जिंदगी में बहुत सारी चुनौतियाँ आईं, जैसे कि उसके पिता की एक्सीडेंट और उनकी मृत्यु। यह बहुत दुखद है, लेकिन वह इतनी मजबूत बन गई। मुझे लगता है कि हमेशा की तरह सिर्फ वजन कम करने पर ध्यान न दें, बल्कि जीवन की खुशियों और दर्दों को भी समझें। आभा शुक्ला की कहानी हमें यह सिखाती है कि कैसे जीवन में बदलाव लाने के लिए हमें अपने अंदर से मजबूत बनना चाहिए। 🙏
 
बिल्कुल सही है, आभा की कहानी तो हमेशा याद रहेगी, और हमें यह सिखाती है कि चोट लगने पर भी हमारी जिंदगी बदल सकती है। मैं सोचता हूँ कि अगर वह खुद उस दिन अपने घर पर होती, तो उसकी मृत्यु नहीं होती। और अगर उसकी मां उस समय सिर्फ उदास रहती, तो आभा भी अपने आप को फिर से शुरू करने में सक्षम होती। लेकिन यह तो हमेशा की तरह ही सच है कि जिंदगी खेल खेलती है।
 
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