संडे जज्बात-पुलिस ने मेरे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधी: सिर कुर्सी में बांधकर उल्टा टांगा, मैं वकील बनकर केस खुद लड़ा- 12 साल बाद जीता

मैंने अपनी गिरफ्तारी को देखते हुए क्या महसूस किया: पुलिस ने मेरे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधकर मुझे उल्टा टांगा, मैं वकील बनकर केस खुद लड़ा
 
मैं समझ नहीं पा रहा हूँ, पुलिस ने यहाँ क्या गलत किया? जिन लोगों को गिरफ्तार कर liya gaya, unke khaamoshon ko dekhkar mujhe lagta hai ki wo sahi sawal nahi phooch raha hai.

कुछ logon kahein ki police corruption hai aur yeh mukadma ek example hai, lekin main sochta hoon ki koi bhi tarah se baat karne ke liye apne haq mein stand up karna jaroori hai. Maine dekha hai ki jinhonein gairikaniyata ka sangharsh kiya, unki awaaz sunni chahiye.

ek baar jab mujhe pata chala ki main usse judne vaale logon ke saath mila tha, to maine socha ki wahin kuch galat hai. Mujhe lagta hai ki yeh mukadma aur bhi jyaada gahra ban jayega, isliye meri baat sunni chahiye.
 
अरे, यह तो बहुत ही अजीब सी बात है! मैंने पढ़ा है कि पुलिस वालों ने आपको गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन फिर भी आप वकील बनकर उसका मामला खुद लड़ रहे हैं? यह तो बहुत ही अजीब सी बात है! मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा मजाक है, और आपको अपने पीछे में एक अच्छा वकील होना चाहिए। लेकिन फिर भी, मैं आपको गलत समझना नहीं चाहता, आप जैसी बातें कभी नहीं कर सकते।
 
मैंने पढ़ा है कि उनकी गिरफ्तारी को देखते हुए वे बहुत परेशान महसूस कर रहे होंगे, लेकिन मुझे लगता है कि वे अपने वकील के साथ अच्छे से काम कर रहे होंगे। अगर वे अपने अधिकारों की जानकारी नहीं रखते हैं तो उनके वकील ने उन्हें बहुत अच्छा सलाह देनी चाहिए। मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही सावधानी से चल रहा मामला होगा, और अगर वे अपने अधिकारों को जानते हैं तो वे आसानी से इस मामले से निकल जाएंगे। मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही अच्छा उदाहरण है कि कैसे वकील और गिरफ्तार लोगों के बीच सहयोग होता है। 🤝
 
अरे, यह तो बहुत ही दुखद बात hai 😔, पुलिस वालों ने प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधके से मानवता को कैसे समझा? 🤦‍♂️ एक वकील के रूप में मैंने देखा है कि जिंदगी में हर चीज़ का फैसला होता है, लेकिन पुलिस वालों का यह तरीका सिर्फ़ क्या है? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि सरकार को अपने कर्मियों को बेहतर शिक्षा देनी चाहिए ताकि वे जिम्मेदार लोग बन सकें और अपने काम में अधिक सम्मानजनक रहें। इससे हमारे देश की सुरक्षा भी बढ़ेगी 🚔

आज की पुलिस एक तरह की है जो किसी भी व्यक्ति को आरोप से बिना सुनने के गिरफ्तार कर लेती है। मुझे लगता है कि हमें अपने अधिकारों की जागरूकता बढ़ानी चाहिए ताकि पुलिस वालों को भी उनका सम्मान करना सीखे। 🙏
 
मुझे तो लगता है कि यह सब एक बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, लेकिन फिर भी मेरी राय में यह कुछ ऐसा है जिसने मैं सोचा, पुलिस की तरह तानाशाही नहीं करनी चाहिए। अगर कोई गलती करने वाला है, तो उसे सजा देनी चाहिए, लेकिन फिर भी पुलिस को यह नहीं करना चाहिए कि वह राजनीति में जाकर अपनी पार्टी के लिए लड़े। इसका मतलब यह नहीं है कि उस वकील ने गलत क्यों किया, लेकिन उसके पीछे कुछ और भी बातें थीं, जिन्हें हमें सोचना चाहिए।
 
वाह, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है 🤕। जब भी ऐसा कुछ होता है, तब तो पुलिस का रुख हमेशा हिंसक रहता है। कैसे कोई व्यक्ति अपनी गिरफ्तारी को देखकर खुश होगा, खासकर जब उनके शरीर पर ऐसी बातें की जाएं जिन्हें नहीं करना चाहिए।

मैं समझता हूं कि पुलिस की ताकत बहुत है लेकिन इतनी ताकत से काम करना भी जरूरी नहीं है। हमें अपने देश में यह बदलाव लाने की जरूरत है जिसमें हम सभी एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करें।

वकील बनने से पहले ये लड़ाई लड़ने की तैयारी करनी चाहिए, इससे हमें पता चलता है कि हम देश में क्या बदलाव लाने के लिए काम कर सकते हैं।
 
मैंने पढ़ा, पुलिस ने तो अपनी गड़बड़ी से मुझे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांध कर उल्टा टांग दिया। यह तो एक बड़ा मजाक है कि वे इतने गुंडों के साथ कैसे सेवा करती हैं? 🤣

मुझे लगता है कि पुलिस को अपनी मैनपावर पर भरोसा करना चाहिए, न कि उनकी बुद्धिमत्ता। मैंने भी देखा है, पुलिस वालों को पत्रकार या वकील बनने से पहले कैसे सीखना पड़ता है। 😂

लेकिन फिर, मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मौका भी है। मैंने अपने वकील बनने से पहले से ही अपने खिलाफ मामले बनाकर देख लिया। अब मुझे अपनी ओर से सब कुछ बदलने का मौका मिलेगा। 🙌
 
मेरी राय, यह तो बहुत ही विनाशकारी है! पुलिस कितनी चतुर होती है, यह सोचकर मुझे खुश नहीं होना चाहिए। लेकिन जब भी ऐसा होता है, तो हमें यह सीखना चाहिए कि हमारे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधना एक अच्छा विचार नहीं है।

क्योंकि जब तक हम अपने जीवन में ऐसी गलतियाँ नहीं करते, तब तक हम खुश और संतुष्ट नहीं रह सकते। लेकिन यह जरूरी है कि हम अपनी गलतियों से सीखें और आगे बढ़ें।

मैंने भी एक बार ऐसा ही हुआ था, मेरी कार चोरी हुई थी, तो पुलिस ने मुझे आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन फिर जब मैंने अपनी सच्चाई बताई और सबूत दिए, तो उन्होंने मेरा नाम साफ किया था।

इसलिए, मुझे लगता है कि हमें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। हमें कभी भी अपने जीवन में ईंट बांधने वालों से नहीं डरना चाहिए।
 
😔 जैसे ही मैंने पढ़ा कि पुलिस ने उनके प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधकर उन्हें उल्टा टांगा, तो मुझे बहुत दुख हुआ। यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। वह वकील बनकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ ऐसा क्यों किया। क्या उन्हें पता था कि वे क्या कर रहे हैं? यह तो बहुत शर्मिंदगी है। मुझे लगता है कि हमारी पुलिस को अपने अधिकारों की जागरूकता बढ़ानी चahiye, ताकि वे जानते हों कि कैसे उनके अधिकारों का उल्लंघन करना है। 😡
 
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