प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिन सिंगूर की रैली में घुसपैठियों पर आरोप लगाया था। अब तृणमूल कांग्रेस ने इस बात पर सवाल उठाने शुरू कर दिया है कि क्या प्रधानमंत्री सच कह रहे हैं या फिर झूठ बोल रहे हैं।
टीएमसी के अनुसार, घुसपैठी आरोपों से जुड़े कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। पार्टी ने सवाल उठाया है कि अगर सीमा सुरक्षा केंद्र के अधीन है, तो फिर राज्य सरकार को ही कटघरे में क्यों खड़ा किया जा रहा है।
टीएमसी ने कहा है कि प्रधानमंत्री चुनावी माहौल में डर और भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए राज्य सरकार पर आरोप मढ़ रही है।
टीएमसी ने बंगाल में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर उठाए गए सवालों पर भी जवाब दिया। पार्टी ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में हालात बंगाल से कहीं ज्यादा गंभीर हैं।
टीएमसी ने कहा है कि चुनिंदा आंकड़ों के जरिए बंगाल की छवि खराब की जा रही है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए राज्य सरकार पर आरोप मढ़ रही है।
टीएमसी ने कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा बंगाल में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर उठाए गए सवालों पर भी जवाब देना जरूरी है।
टीएमसी के अनुसार, घुसपैठी आरोपों से जुड़े कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। पार्टी ने सवाल उठाया है कि अगर सीमा सुरक्षा केंद्र के अधीन है, तो फिर राज्य सरकार को ही कटघरे में क्यों खड़ा किया जा रहा है।
टीएमसी ने कहा है कि प्रधानमंत्री चुनावी माहौल में डर और भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए राज्य सरकार पर आरोप मढ़ रही है।
टीएमसी ने बंगाल में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर उठाए गए सवालों पर भी जवाब दिया। पार्टी ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में हालात बंगाल से कहीं ज्यादा गंभीर हैं।
टीएमसी ने कहा है कि चुनिंदा आंकड़ों के जरिए बंगाल की छवि खराब की जा रही है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए राज्य सरकार पर आरोप मढ़ रही है।
टीएमसी ने कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा बंगाल में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर उठाए गए सवालों पर भी जवाब देना जरूरी है।