साइबर लिटरेसी कॉलम में इस स्कैम की जांच करते हुए, हमने इसे समझने का फैसला किया कि कैसे स्टूडेंट्स इंटर्नशिप के नाम पर ठग स्कैम द्वारा ठगे जाते हैं और इससे बचने के लिए किन सावधानियों को बरतना चाहिए।
इंटर्नशिप स्कैम में ठग छात्रों की जल्दी इंटर्नशिप पाने की चाह और करियर के दबाव का फायदा उठाते हैं। वे फर्जी ऑफर्स दिखाकर छात्रों से पैसे और पर्सनल डिटेल्स मांगते हैं। शुरुआत में सब कुछ प्रोफेशनल और असली जैसा लगता है, लेकिन असल में न तो कोई असली कंपनी होती है और न ही कोई काम होता है। इसका मकसद सिर्फ ठगी करना और पर्सनल डेटा हासिल करना होता है।
स्कैमर्स आपके पर्सनल और फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल कई तरह की धोखाधड़ी के लिए कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपकी आइडेंटिटी और पैसा खतरे में पड़ता है, बल्कि आपके नाम पर बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड भी हो सकते हैं।
ऐसे स्कैम से बचने के लिए किसी भी ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी लें। हरेक डिटेल को वेरिफाई जरूर करें। एक छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
लिंक्डइन पर किसी जॉब या इंटर्नशिप ऑफर को सही मानने से पहले कंपनी की प्रोफाइल, वेबसाइट और ई-मेल आईडी जरूर जांचें। अगर ऑफर बिना इंटरव्यू दिया जा रहा हो, जल्दी जॉइन करने का दबाव बनाया जा रहा हो या किसी भी तरह की फीस मांगी जा रही हो, तो वह फर्जी हो सकता है। असली कंपनियां कभी भी नौकरी या इंटर्नशिप के लिए पैसे नहीं मांगती हैं।
ऐसे स्कैम से बचने के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। फर्जी ऑफर लेटर में अक्सर कंपनी का पूरा पता और सही लोगो नहीं होता है। इसमें अक्सर ऑफिशियल ई-मेल आईडी नहीं होती है। रोल, सैलरी, वर्क प्रोफाइल और जॉइनिंग प्रोसेस की जानकारी स्पष्ट नहीं होती है। प्रोफेशनल भाषा और सही फॉर्मेट का अभाव होता है। जल्दी जॉइन करने का दबाव बनाया जाता है।
कोई ऑथेंटिक कंपनी जॉब ट्रेनिंग के लिए पैसे नहीं मांगती, इसलिए अगर ऑफर में ट्रेनिंग, रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस की बात हो रही है तो साफ संकेत है कि वह फर्जी।
ऐसे स्कैम की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। अपने नजदीकी थाने में भी इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इंटर्नशिप स्कैम में ठग छात्रों की जल्दी इंटर्नशिप पाने की चाह और करियर के दबाव का फायदा उठाते हैं। वे फर्जी ऑफर्स दिखाकर छात्रों से पैसे और पर्सनल डिटेल्स मांगते हैं। शुरुआत में सब कुछ प्रोफेशनल और असली जैसा लगता है, लेकिन असल में न तो कोई असली कंपनी होती है और न ही कोई काम होता है। इसका मकसद सिर्फ ठगी करना और पर्सनल डेटा हासिल करना होता है।
स्कैमर्स आपके पर्सनल और फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल कई तरह की धोखाधड़ी के लिए कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपकी आइडेंटिटी और पैसा खतरे में पड़ता है, बल्कि आपके नाम पर बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड भी हो सकते हैं।
ऐसे स्कैम से बचने के लिए किसी भी ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी लें। हरेक डिटेल को वेरिफाई जरूर करें। एक छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
लिंक्डइन पर किसी जॉब या इंटर्नशिप ऑफर को सही मानने से पहले कंपनी की प्रोफाइल, वेबसाइट और ई-मेल आईडी जरूर जांचें। अगर ऑफर बिना इंटरव्यू दिया जा रहा हो, जल्दी जॉइन करने का दबाव बनाया जा रहा हो या किसी भी तरह की फीस मांगी जा रही हो, तो वह फर्जी हो सकता है। असली कंपनियां कभी भी नौकरी या इंटर्नशिप के लिए पैसे नहीं मांगती हैं।
ऐसे स्कैम से बचने के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। फर्जी ऑफर लेटर में अक्सर कंपनी का पूरा पता और सही लोगो नहीं होता है। इसमें अक्सर ऑफिशियल ई-मेल आईडी नहीं होती है। रोल, सैलरी, वर्क प्रोफाइल और जॉइनिंग प्रोसेस की जानकारी स्पष्ट नहीं होती है। प्रोफेशनल भाषा और सही फॉर्मेट का अभाव होता है। जल्दी जॉइन करने का दबाव बनाया जाता है।
कोई ऑथेंटिक कंपनी जॉब ट्रेनिंग के लिए पैसे नहीं मांगती, इसलिए अगर ऑफर में ट्रेनिंग, रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस की बात हो रही है तो साफ संकेत है कि वह फर्जी।
ऐसे स्कैम की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। अपने नजदीकी थाने में भी इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।