बने डिलीवरी एजेंट का झूठ
साइबर एक्सपर्ट से जानें
स्कैम में फंसते हैं लोग, ठगी से कैसे बचे
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम: यह एक ऐसा साइबर फ्रॉड है, जहां ठग खुद को डिलीवरी या पार्सल कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को कॉल करते हैं। इसमें वे कहते हैं कि आपकी पार्सल कन्फर्म करने या डिलीवरी रीशेड्यूल के बहाने एक खास कोड डायल करने को कहते हैं।
जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, उसके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव हो जाती है। इससे आपकी OTP व जरूरी कॉल्स ठगों के नंबर पर फॉरवर्ड होने लगती हैं। इससे उन्हें आपके बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच मिल सकती है।
इस स्कैम को लेकर इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर यानी I4C ने एक अलर्ट जारी किया है। I4C ने लोगों को इस स्कैम से सतर्क रहने की सलाह दी है।
साइबर ठग कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम को अंजाम देते हैं
वे पहले कूरियर या डिलीवरी एजेंट बनकर आपको कॉल करते हैं और पार्सल को लेकर बात करते हैं। भरोसा जीतने के बाद वे एक SMS भेजते हैं, जिसमें *21*, *61*, *67* या *401* से शुरू होने वाला एक USSD कोड होता है। वे कहते हैं कि इस कोड को डायल करने से पार्सल कन्फर्म या डिलीवरी रीशेड्यूल होगी।
असल में यह कोड ठग के मोबाइल नंबर से जुड़ा होता है। जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, आपके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग अपने आप एक्टिव हो जाती है।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के खतरे
इसका सबसे बड़ा खतरा यह है कि बैंक से आने वाली कॉल, ट्रांजैक्शन OTP और वॉट्सएप, टेलीग्राम जैसे एप्स की वेरिफिकेशन कॉल सीधे साइबर अपराधियों के फोन पर जाने लगती हैं। इससे ठग बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कब्जा कर सकते हैं।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
इस स्कैम से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी अनजान कॉलर पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई कूरियर या डिलीवरी के नाम पर आपसे कोई कोड डायल करने को कहे तो उसे साफ मना कर दें।
याद रखें, कोई भी असली कंपनी आपसे इस तरह का कोड डायल करने को नहीं कहती है। साथ ही अपने फोन की सेटिंग्स और कॉल फॉरवर्डिंग ऑप्शन की जानकारी रखें, ताकि गलती से कुछ हो भी जाए तो आप तुरंत उसे बंद कर सकें।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम में आसानी से क्यों फंसते हैं लोग?
इस स्कैम में ठग बहुत भरोसेमंद तरीके से बात करते हैं। डिलीवरी या पार्सल का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि कॉल सही है। साथ ही जल्दबाजी का दबाव बनाया जाता है, इससे व्यक्ति बिना सोचे-समझे बताए गए कोड डायल कर देता है और ठगी का शिकार हो जाता है।
अगर कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का शिकार हो जाएं तो तुरंत
##002# डायल करके अपने फोन से सभी तरह की कॉल फॉरवर्डिंग बंद करें। तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इस बारे में बताएं, जिससे वह आपके नाम पर किसी तरह के धोखे में न आएं।
इस स्कैम से बचने के लिए 8 सेफ्टी टिप्स
साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम: यह एक ऐसा साइबर फ्रॉड है, जहां ठग खुद को डिलीवरी या पार्सल कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को कॉल करते हैं। इसमें वे कहते हैं कि आपकी पार्सल कन्फर्म करने या डिलीवरी रीशेड्यूल के बहाने एक खास कोड डायल करने को कहते हैं।
जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, उसके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव हो जाती है। इससे आपकी OTP व जरूरी कॉल्स ठगों के नंबर पर फॉरवर्ड होने लगती हैं।
इस स्कैम को लेकर I4C ने एक अलर्ट जारी किया है। I4C ने लोगों को इस स्कैम से सतर्क रहने की सलाह दी है।
साइबर ठग कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम को अंजाम देते हैं। वे पहले कूरियर या डिलीवरी एजेंट बनकर आपको कॉल करते हैं और पार्सल को लेकर बात करते हैं।
भरोसा जीतने के बाद वे एक SMS भेजते हैं, जिसमें *21*, *61*, *67* या *401* से शुरू होने वाला एक USSD कोड होता है। वे कहते हैं कि इस कोड को डायल करने से पार्सल कन्फर्म या डिलीवरी रीशेड्यूल होगी।
असल में यह कोड ठग के मोबाइल नंबर से जुड़ा होता है। जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, आपके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग अपने आप एक्टिव हो जाती।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के खतरों में सबसे बड़ा खतरा यह है कि बैंक से आने वाली कॉल, ट्रांजैक्शन OTP और वॉट्सएप, टेलीग्राम जैसे एप्स की वेरिफिकेशन कॉल सीधे साइबर अपराधियों के फोन पर जाने लगती हैं। इससे ठग बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कब्जा कर सकते हैं।
इस स्कैम से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी अनजान कॉलर पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई कूरियर या डिलीवरी के नाम पर आपसे कोई कोड डायल करने को कहे तो उसे साफ मना कर दें।
याद रखें, कोई भी असली कंपनी आपसे इस तरह का कोड डायल करने को नहीं कहती है। साथ ही अपने फोन की सेटिंग्स और कॉल फॉरवर्डिंग ऑप्शन की जानकारी रखें, ताकि गलती से कुछ हो भी जाए तो आप तुरंत उसे बंद कर सकें।
साइबर एक्सपर्ट से जानें
स्कैम में फंसते हैं लोग, ठगी से कैसे बचे
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम: यह एक ऐसा साइबर फ्रॉड है, जहां ठग खुद को डिलीवरी या पार्सल कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को कॉल करते हैं। इसमें वे कहते हैं कि आपकी पार्सल कन्फर्म करने या डिलीवरी रीशेड्यूल के बहाने एक खास कोड डायल करने को कहते हैं।
जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, उसके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव हो जाती है। इससे आपकी OTP व जरूरी कॉल्स ठगों के नंबर पर फॉरवर्ड होने लगती हैं। इससे उन्हें आपके बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच मिल सकती है।
इस स्कैम को लेकर इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर यानी I4C ने एक अलर्ट जारी किया है। I4C ने लोगों को इस स्कैम से सतर्क रहने की सलाह दी है।
साइबर ठग कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम को अंजाम देते हैं
वे पहले कूरियर या डिलीवरी एजेंट बनकर आपको कॉल करते हैं और पार्सल को लेकर बात करते हैं। भरोसा जीतने के बाद वे एक SMS भेजते हैं, जिसमें *21*, *61*, *67* या *401* से शुरू होने वाला एक USSD कोड होता है। वे कहते हैं कि इस कोड को डायल करने से पार्सल कन्फर्म या डिलीवरी रीशेड्यूल होगी।
असल में यह कोड ठग के मोबाइल नंबर से जुड़ा होता है। जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, आपके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग अपने आप एक्टिव हो जाती है।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के खतरे
इसका सबसे बड़ा खतरा यह है कि बैंक से आने वाली कॉल, ट्रांजैक्शन OTP और वॉट्सएप, टेलीग्राम जैसे एप्स की वेरिफिकेशन कॉल सीधे साइबर अपराधियों के फोन पर जाने लगती हैं। इससे ठग बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कब्जा कर सकते हैं।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
इस स्कैम से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी अनजान कॉलर पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई कूरियर या डिलीवरी के नाम पर आपसे कोई कोड डायल करने को कहे तो उसे साफ मना कर दें।
याद रखें, कोई भी असली कंपनी आपसे इस तरह का कोड डायल करने को नहीं कहती है। साथ ही अपने फोन की सेटिंग्स और कॉल फॉरवर्डिंग ऑप्शन की जानकारी रखें, ताकि गलती से कुछ हो भी जाए तो आप तुरंत उसे बंद कर सकें।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम में आसानी से क्यों फंसते हैं लोग?
इस स्कैम में ठग बहुत भरोसेमंद तरीके से बात करते हैं। डिलीवरी या पार्सल का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि कॉल सही है। साथ ही जल्दबाजी का दबाव बनाया जाता है, इससे व्यक्ति बिना सोचे-समझे बताए गए कोड डायल कर देता है और ठगी का शिकार हो जाता है।
अगर कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का शिकार हो जाएं तो तुरंत
##002# डायल करके अपने फोन से सभी तरह की कॉल फॉरवर्डिंग बंद करें। तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इस बारे में बताएं, जिससे वह आपके नाम पर किसी तरह के धोखे में न आएं।
इस स्कैम से बचने के लिए 8 सेफ्टी टिप्स
साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम: यह एक ऐसा साइबर फ्रॉड है, जहां ठग खुद को डिलीवरी या पार्सल कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को कॉल करते हैं। इसमें वे कहते हैं कि आपकी पार्सल कन्फर्म करने या डिलीवरी रीशेड्यूल के बहाने एक खास कोड डायल करने को कहते हैं।
जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, उसके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव हो जाती है। इससे आपकी OTP व जरूरी कॉल्स ठगों के नंबर पर फॉरवर्ड होने लगती हैं।
इस स्कैम को लेकर I4C ने एक अलर्ट जारी किया है। I4C ने लोगों को इस स्कैम से सतर्क रहने की सलाह दी है।
साइबर ठग कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम को अंजाम देते हैं। वे पहले कूरियर या डिलीवरी एजेंट बनकर आपको कॉल करते हैं और पार्सल को लेकर बात करते हैं।
भरोसा जीतने के बाद वे एक SMS भेजते हैं, जिसमें *21*, *61*, *67* या *401* से शुरू होने वाला एक USSD कोड होता है। वे कहते हैं कि इस कोड को डायल करने से पार्सल कन्फर्म या डिलीवरी रीशेड्यूल होगी।
असल में यह कोड ठग के मोबाइल नंबर से जुड़ा होता है। जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, आपके फोन में कॉल फॉरवर्डिंग अपने आप एक्टिव हो जाती।
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के खतरों में सबसे बड़ा खतरा यह है कि बैंक से आने वाली कॉल, ट्रांजैक्शन OTP और वॉट्सएप, टेलीग्राम जैसे एप्स की वेरिफिकेशन कॉल सीधे साइबर अपराधियों के फोन पर जाने लगती हैं। इससे ठग बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कब्जा कर सकते हैं।
इस स्कैम से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी अनजान कॉलर पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई कूरियर या डिलीवरी के नाम पर आपसे कोई कोड डायल करने को कहे तो उसे साफ मना कर दें।
याद रखें, कोई भी असली कंपनी आपसे इस तरह का कोड डायल करने को नहीं कहती है। साथ ही अपने फोन की सेटिंग्स और कॉल फॉरवर्डिंग ऑप्शन की जानकारी रखें, ताकि गलती से कुछ हो भी जाए तो आप तुरंत उसे बंद कर सकें।