साइबर लिटरेसी- फर्जी स्कीम में गंवाए 8 करोड़ रुपए: पैसे निवेश करते हुए सावधान, 6 गलतियां न करें, निवेश से पहले 8 फैक्ट चेक करें
अगर आपको पैसे इन्वेस्ट करने हैं तो उसका सही तरीका क्या है?
सबसे पहले तो किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें, रिस्क समझें और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स चेक करें।
निवेश करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि आपका पैसा सुरक्षित रहे और संतुलित रिटर्न मिले। इसके लिए सही तरीका यह है कि केवल भरोसेमंद और रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए ही निवेश किया जाए।
निवेश करते समय सबसे बड़ा खतरा लालच के चक्कर में फेक कंपनी में पैसे इन्वेस्ट करने का है। ये हमेशा ध्यान रखें कि अनजान कॉल या ऑनलाइन ग्रुप के भरोसे पैसे लगाने से सिर्फ नुकसान ही होगी।
निवेश के लिए हमेशा ऑफिशियल तरीके चुनें। बैंक में निवेश कर रहे हैं तो ब्रांच जाकर संपर्क करें। अगर शेयर बाजार में इन्वेस्ट कर रहे हैं तो सेबी अप्रूव्ड भरोसेमंद एप के जरिए ही करें। वॉट्सएप, टेलीग्राम पर आए निवेश से जुड़े मैसेज पर भरोसा न करें।
जैसे ही लगे कि आपके साथ ठगी हो रही है, तो बिना देर किए अपने बैंक को तुरंत सूचना दें और ट्रांजैक्शन रोकने की रिक्वेस्ट करें। इसके बाद साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
अगर आपको पैसे इन्वेस्ट करने हैं तो उसका सही तरीका क्या है?
सबसे पहले तो किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें, रिस्क समझें और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स चेक करें।
निवेश करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि आपका पैसा सुरक्षित रहे और संतुलित रिटर्न मिले। इसके लिए सही तरीका यह है कि केवल भरोसेमंद और रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए ही निवेश किया जाए।
निवेश करते समय सबसे बड़ा खतरा लालच के चक्कर में फेक कंपनी में पैसे इन्वेस्ट करने का है। ये हमेशा ध्यान रखें कि अनजान कॉल या ऑनलाइन ग्रुप के भरोसे पैसे लगाने से सिर्फ नुकसान ही होगी।
निवेश के लिए हमेशा ऑफिशियल तरीके चुनें। बैंक में निवेश कर रहे हैं तो ब्रांच जाकर संपर्क करें। अगर शेयर बाजार में इन्वेस्ट कर रहे हैं तो सेबी अप्रूव्ड भरोसेमंद एप के जरिए ही करें। वॉट्सएप, टेलीग्राम पर आए निवेश से जुड़े मैसेज पर भरोसा न करें।
जैसे ही लगे कि आपके साथ ठगी हो रही है, तो बिना देर किए अपने बैंक को तुरंत सूचना दें और ट्रांजैक्शन रोकने की रिक्वेस्ट करें। इसके बाद साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।