सालभर में 7 देशों पर हमले, आधी दुनिया पर नजर: ट्रम्प की 'सनक' एक सोची-समझी स्ट्रैटजी
डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल पूरे, इस दौरान उनकी नीतियों और कार्रवाइयों ने पूरे विश्व को हिला दिया है। उनकी सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि उन्होंने अपने राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल में 7 देशों पर हमले कर दिए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मडूज़ैवी को तो घर से उठवा लिया। यह हमले उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों और मित्रों को एक ही पल में समझदारी से देखने लगे।
उनकी एक अन्य महत्वपूर्ण नीति थी टैरिफ, जिसके तहत उन्होंने दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए। यह टैरिफ न केवल भारतीय व्यवसायों और खिलाड़ियों को मुश्किल में डाला, बल्कि पूरी दुनिया को इसके गहरे परिणामों से जूझना पड़ा। इससे न केवल हमारा आयात-निर्यात बाजार हानिरहित हुआ, बल्कि यह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा भी बन गया।
इसके अलावा, ट्रम्प ने राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया, उनकी चुनौतियों और संकटों को ठुकरा दिया। इससे उन्हें विश्व के सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में से एक बनने में आसानी हुई। उनकी यह 'सनक' ने पूरी दुनिया पर नजर रखी, जिसने उन्हें अपनी सोची-समझी स्ट्रैटजी के लिए प्रशंसा और आलोचना दोनों प्राप्त करी।
डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल पूरे, इस दौरान उनकी नीतियों और कार्रवाइयों ने पूरे विश्व को हिला दिया है। उनकी सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि उन्होंने अपने राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल में 7 देशों पर हमले कर दिए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मडूज़ैवी को तो घर से उठवा लिया। यह हमले उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों और मित्रों को एक ही पल में समझदारी से देखने लगे।
उनकी एक अन्य महत्वपूर्ण नीति थी टैरिफ, जिसके तहत उन्होंने दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए। यह टैरिफ न केवल भारतीय व्यवसायों और खिलाड़ियों को मुश्किल में डाला, बल्कि पूरी दुनिया को इसके गहरे परिणामों से जूझना पड़ा। इससे न केवल हमारा आयात-निर्यात बाजार हानिरहित हुआ, बल्कि यह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा भी बन गया।
इसके अलावा, ट्रम्प ने राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया, उनकी चुनौतियों और संकटों को ठुकरा दिया। इससे उन्हें विश्व के सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में से एक बनने में आसानी हुई। उनकी यह 'सनक' ने पूरी दुनिया पर नजर रखी, जिसने उन्हें अपनी सोची-समझी स्ट्रैटजी के लिए प्रशंसा और आलोचना दोनों प्राप्त करी।