सुनेत्रा पवार ही बनेंगी डिप्टी सीएम, NCP के कद्दावर नेता ने कर दिया ऐलान; बताया इस दिन लेंगी शपथ

मुंबई, 31 जनवरी: शाम को राज्यसभा चुनावों के बाद संभावनाओं पर चर्चा करते हुए, सूर्य प्रसान्न ने बताया, यह फैसला जल्द ही मिल जाएगा। उन्होंने कहा, मुंबई सहित राज्यसभा चुनावों को अयशस्वी समाप्त करने पर हमें बहुत खुशी हुई।

कुछ भ्रष्टाचारी नेताओं ने इस चुनाव से लाभ उठाया, जिन्हें मुंबई में राज्यसभा की सदस्यता दिया गया। इन सभी मूल्यवान नेताओं को पार्टी ने भेजा है। वह अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्ष में रहकर, जाति-धारण और समाजवादी लोगों से अपने सहयोग को बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

दिल्ली में भाजपा नेताओं ने देशव्यापी विरोध यात्रा शुरू कर दी है। कई जगह पर भारी विरोध हुआ और कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
 
राज्यसभा चुनावों से हुआ यह फैसला मुझे खुशी दिलाता है, लेकिन मुझे लगता है कि भाजपा ने अपनी रणनीति पर विश्वास कर रही है। इन चुनावों में जो मूल्यवान नेताओं को पार्टी ने भेजा है, वह अब विपक्ष में अपने सहयोग को बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन मुझे लगता है कि दिल्ली में विरोध यात्रा और गिरफ्तारियों से उन्हें थोड़ा परेशानी हुई होगी।

मैं चाहता हूं भाजपा को अपनी रणनीति पर विश्वास करे और अपने नेताओं को सही दिशा में आगे बढ़ने दे। लेकिन एक बात तय है ki जिसने इन चुनावों में जीता है, वह अपनी स्थिति को अच्छी तरह से बनाए रखेगा।
 
मुझे लगा कि ये फैसला बहुत ही राजनीतिक था 🤔. जिस तरह से राज्यसभा चुनावों में बहुत भ्रष्टाचार दिखाई दिया, वो जरूर एक बड़ी समस्या है। लेकिन अगर ये नेताओं को उनके गलत कामों से सबक सीखने का मौका मिलेगा तो फायदेमंद होगा। मुझे लगता है कि भाजपा विपक्ष में रहकर उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। लेकिन अगर देशव्यापी विरोध यात्रा अच्छी तरह से चलेगी तो कुछ भी हो सकता है 🤷‍♂️.
 
मुझे लगता है कि यह चुनाव बहुत ही रोचक है और पार्टियों ने अपनी रणनीति बहुत अच्छी से बनाई है। लेकिन मुझे लगता है कि चुनाव के बाद कुछ भी फैसला लेने से पहले सभी नेताओं को एक साथ बैठना चाहिए और अपने मतभेदों को समझना चाहिए।
 
मुझे लगता है यह सब तो बहुत जटिल है 🤯, लेकिन अगर मैं सोचूँ तो देखूँगा कि चुनावों में भ्रष्टाचार होना तो बहुत बुरा है, लेकिन हमेशा ऐसे ही नेता आते हैं जो अपने दिलचस्प तरीकों से लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। मुंबई में राज्यसभा चुनावों को अयशस्वी समाप्त करने पर हमें खुशी हुई, लेकिन तभी तो यह भी सोचूँगा कि क्या वास्तव में उन्हें अपने फैसले में बहुत समझदारी दिखाई देगी। भाजपा नेताओं की देशव्यापी विरोध यात्रा शुरू करने की बात तो अच्छी है लेकिन अगर वे अपने काम में थोड़ा प्रयास करेंगे तो सभी को खुश दिखाने में सक्षम होंगे।
 
राज्यसभा चुनावों में जो हुआ, तो यह साबित करता है कि एकात्मवादी राजनीति में हमारे देश में बहुत भ्रष्टाचार की गतिविधियाँ चल रही हैं। मैंने अपने परिवार और दोस्तों को इस चुनाव से बाहर रहने की सलाह दी, क्योंकि यह राजनीतिक पार्टियों में विभाजित करने और समाज को अलग-अलग वर्गों में बांटता है। 🙅‍♂️

मुझे लगता है कि इन चुनावों से हमारे देश की राजनीतिक प्रक्रिया और भी कमजोर हुई है, क्योंकि यह न केवल राजनीतिक पार्टियों में भ्रष्टाचार बढ़ाता है, बल्कि समाज में भी एकात्मवादी विचारधारा फैलता है।

मैं सोचता हूँ कि अगर हम अपने देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं, तो हमें राजनीतिक पार्टियों में सुधार करना होगा, न कि विभाजित करना।
 
सबसे बड़ी बात यह कि अब पार्टियां एक-दूसरे को जीतने के लिए संघर्ष करने के बजाय, अपने पुराने नेताओं को फिर से चुनाव में उतारने की कोशिश कर रही हैं। यह हमारे देश के भविष्य को कैसा दिखाएगा? 🤔

मुझे लगता है कि राज्यसभा चुनावों में जीतने वाले नेताओं को अपने प्रचार की लालच में इतना भ्रमित होना पड़ा कि वे अपने सहयोगियों से सहमति करने के बजाय, उन्हें गिराफत करने का फैसला करें। यह कैसा मॉडल है? 🚫

मुंबई में राज्यसभा चुनावों को अयशस्वी समाप्त करने पर मैं खुश हूं, लेकिन मुझे लगता है कि इससे हमारे देश को वास्तविक परिवर्तन नहीं मिलेगा। 👎
 
बिल्कुल, मुझे लगा कि यह चुनाव कितनी अजीब थी, ये कैसे हो सकता है कि भ्रष्टाचारी लोग फिर से राज्यसभा में बैठ गए? यह तो हमारे देश की तबक्कर है। और अब जब भाजपा विपक्ष में चल रही है, तो यह तो बहुत खतरनाक है कि उनके पास इतने बड़े नेता हैं जो जाति-धारण और समाजवादी लोगों से सहयोग करने का रुख कर रहे हैं। मुझे लगता है कि हमें बहुत सावधान रहना चाहिए और यह देखकर चिंतित रहना चाहिए कि क्या वास्तव में हमारी सरकार जो कुछ भी करती है, वह हमारे लिए अच्छा है या नहीं।
 
कब मिलेगी यह फैसला, जिसमें सारे चोर-फर्स्तों को अपना दम घटाएं ? 🤦‍♂️ मुंबई में राज्यसभा चुनावों को अयशस्वी समाप्त करने पर तो हमें खुशी हुई, लेकिन किसने इन सभी चोर-फर्स्तों को पार्टी में बुलाया ? 🤑 विरोध यात्रा शुरू कर दी है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब थोड़ा भड़कीला है। क्या कोई इसे सुधरने का प्रयास कर रहा है या बस खुद को और ज्यादा बड़ा बनाने की कोशिश कर रहा है ? 🤔
 
मुंबई में राज्यसभा चुनावों के बाद तो खुश हुए, लेकिन दिल्ली में भाजपा नेताओं की विरोध यात्रा के बारे में सोचते हैं... 🤔 कुछ ऐसा नहीं लग रहा जैसे भारतीय जनता पार्टी अपनी पकड़ खोने को तैयार हो।
 
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