पाकिस्तान में रहने वाले तीन भाइयों को एक ऐसी दुर्लभ बीमारी है जिसमें सूरज डूबते ही उनका शरीर लकवाग्रस्त होने लगता है। यह बीमारी, जिसे 'सोलर किड्स' कहा जाता है, उन्हें गंभीर समस्याएं पैदा करती है।
इन तीन भाइयों को दुर्लभ रोग 'क्रोनिक एक्सेसी सिरोसिस' (सीएसी) है। इस बीमारी में, शरीर में लिवर के क्षेत्र में असामान्य गांठ विकसित होती है, जिसका नाम 'हेपेटोमास' होता है। यह गांठ शरीर को ऑक्सीजन प्रदान करने की क्षमता से बाधित करती है।
इस बीमारी का कारण, सूरज डूबते ही लकवाग्रस्त होना। जब सूरज नीचे चला, तो इन तीन भाइयों में इस रोग का प्रकोप हुआ। उनके शरीर में लिवर की गांठ विकसित हुई, जिसने उन्हें लकवाग्रस्त होने से युक्त कई समस्याएं पैदा कर दीं।
इन तीन भाइयों को एक गोली पर निर्भर होना पड़ा। उनके माता-पिता ने उन्हें इस रोग के लिए एक विशेष दवाई दी, जिसका सेवन करना इन्हें जिंदगी बंद कर देने वाला था। लेकिन अगर वह दवाई न लेते, तो उनकी मौत होने की संभावना थी।
इसलिए, इन तीन भाइयों ने अपनी जिंदगी इस दवाई पर टिका दी। अब उनकी जिंदगी इस दवाई पर आधारित है। अगर वे इस दवाई नहीं लेते, तो उनकी मौत की संभावना होती।
इन तीन भाइयों को दुर्लभ रोग 'क्रोनिक एक्सेसी सिरोसिस' (सीएसी) है। इस बीमारी में, शरीर में लिवर के क्षेत्र में असामान्य गांठ विकसित होती है, जिसका नाम 'हेपेटोमास' होता है। यह गांठ शरीर को ऑक्सीजन प्रदान करने की क्षमता से बाधित करती है।
इस बीमारी का कारण, सूरज डूबते ही लकवाग्रस्त होना। जब सूरज नीचे चला, तो इन तीन भाइयों में इस रोग का प्रकोप हुआ। उनके शरीर में लिवर की गांठ विकसित हुई, जिसने उन्हें लकवाग्रस्त होने से युक्त कई समस्याएं पैदा कर दीं।
इन तीन भाइयों को एक गोली पर निर्भर होना पड़ा। उनके माता-पिता ने उन्हें इस रोग के लिए एक विशेष दवाई दी, जिसका सेवन करना इन्हें जिंदगी बंद कर देने वाला था। लेकिन अगर वह दवाई न लेते, तो उनकी मौत होने की संभावना थी।
इसलिए, इन तीन भाइयों ने अपनी जिंदगी इस दवाई पर टिका दी। अब उनकी जिंदगी इस दवाई पर आधारित है। अगर वे इस दवाई नहीं लेते, तो उनकी मौत की संभावना होती।