स्पॉटलाइट-जब शराब को जूस समझ बैठे सुप्रीम कोर्ट के जज: किस मामले में कोर्ट में पेश हुई शराब, क्या कोर्ट लगाएगा रोक, देखें वीडियो

सुप्रीम कोर्ट में एक अजीब मामले की सुनवाई हुई, जहां वकील ने व्हिस्की का टेट्रापैक पेश किया। यह देखकर जज चौंक गए और उन्होंने यह सवाल कि शराब टेट्रापैक में भी बिकती है या नहीं।

वहीं इसके पीछे का कारण यह था कि एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान व्हिस्की का टेट्रापैक पेश किया। जब जजों ने उससे पूछा कि शराब टेट्रापैक में भी बिकती है, तो वकील ने कहा, 'हाँ, यहां पर कई राज्यों में शराब की कीमतें अलग-अलग होती हैं।'

इस बात से जजों को आश्चर्य हुआ और उन्होंने सरकार से पूछा कि शराब की कीमतें निर्धारित कैसे की जाती हैं और शराब की बिक्री पर किसी भी नियंत्रण की आवश्यकता है या नहीं।
 
"शराब की कीमतों में हमेशा से ही कुछ अजीब होता रहता है।"

मेरा मन है कि शराब की बिक्री पर नियंत्रण लगाना जरूरी नहीं है, लेकिन इसके पीछे कानूनों और व्यवस्थाओं को ठीक से बनाए रखना चाहिए।

शायद सरकार में इस मामले पर एक नया दृष्टिकोण लेने की जरूरत है।
 
अरे, यह तो एक दिलचस्प मामला है! मुझे लगता है कि जजों ने इस पर सोचा ही नहीं कि व्हिस्की टेट्रापैक इतना प्रभावशाली हो सकता है 🤣। लेकिन सच में, यह देखने को मिला है कि सरकार कितनी चतुर है। शराब की कीमतें अलग-अलग राज्यों में भी अलग-अलग होती हैं, तो फिर इसका मतलब है कि कौन सी शराब बेचने वाला और किस प्रकार की शराब बेचता है, यह तो भी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
 
ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਜਗमगाहट ਦੇ ਬਾਰੇ ਚਿੰਤਾ ਹੈ। ਸुपਰੀਮ कੋਰਟ ਵਿੱਚ ਵਕੀਲ ਨੇ ਆਪਣੀ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਅਜਿਹਾ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਫਿਰ ਭੀ ਕਾਨੂੰਨ ਉਸ ਦੇ ਪ੍ਰਤੀ ਲਾਗੂ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ।
 
शराब टेट्रापैक में खुद को लेकर वकील तेजी से पीछे हट गया, चाहे वह अदालत में हो, या फिर एक सामान्य दुकान में। यही ऐसा लगता है कि सरकार ने शराब की बिक्री पर पूरी तरह से ध्यान नहीं रखा है, तो वकील अपने आप में शराब का उपयोग कर सकता है।
 
सचमुच मामले में शराब टेट्रापैक पर सरकार को बहुत तेजी से कानून बनानी चाहिए, तो हमेशा इसकी बिक्री पर नियंत्रण रखा जा सके। इससे राज्यों की व्यवस्थाओं में भी सही-सahi तालमेल आ जाएगा।
 
अरे, यह तो बहुत अजीब मामला है… क्यों व्हिस्की का टेट्रापैक सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया? क्या लोग ऐसे ही बिना सोचे-समझे शायद मांग करते हैं? 🤔

लेकिन फिर भी, यह सवाल लगता है कि शराब की कीमतें निर्धारित कैसे की जाती हैं और शराब की बिक्री पर किसी भी नियंत्रण की आवश्यकता है? शायद सरकार को अपने विचार साझा करने की जरूरत है...
 
मुझे लगा कि यह मामला थोड़ा अजीब लगा, लेकिन वाकई तो यह समझना कि शराब की कीमतें राज्यों के बीच इतनी अलग होती हैं... 🤔

कुछ दिनों पूर्व जब मैं अपने परिवार के साथ बाहर निकला, तो हमारे पड़ोसी जी व्हिस्की खरीदने गए और उन्हें कहीं से 500 रुपये में बेचा गया था। लेकिन जब हमने वहां से पूछा कि क्या यहाँ पर 500 रुपये में ही बेचा जाता है, तो उसने बताया कि शहर के बाहर कुछ दूरी पर जहां वेहिकुलेटर चालू नहीं थी, वहां पर 800-1000 रुपये तक खरीदा जाता है...

मुझे लगता है कि यह मामला सरकार को सोचने पर मजबूर कर रहा है और सरकार द्वारा शराब की बिक्री पर नियंत्रण कैसे किया जाए इस बात पर ध्यान देना चाहिए...
 
ये तो देख लीजिए, सुप्रीम कोर्ट में इतना अजीब मामला हो गया है कि शराब टेट्रापैक की बात करने लगे! 🤯 क्या हमारे देश में अब ऐसा मामला सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया जा सकता है? लेकिन फिर भी, यह सवाल उठता है कि शराब की बिक्री पर सरकार की निगरानी कैसे होती है। मेरा मत है कि इसे एक राज्य स्तर पर ही समाधान किया जा सकता है, न कि केंद्रीय स्तर पर। और फिर भी, शराब की बिक्री पर किसी भी प्रकार की निगरानी नहीं करनी चाहिए, यह एक व्यक्तिगत अधिकार है। लेकिन जजों का सवाल ठीक था, इसे सरकार को जवाब देना चाहिए।
 
यह तो बहुत अजीब मामला है 😊। मुझे लगता है कि वकील ने शायद इस मामले में थोड़ी बातचीत के लिए व्हिस्की का टेट्रापैक लाया था। लेकिन फिर भी, यह सवाल सचमुच अजीब है। सरकार से पूछने की बात तो समझ में आती है, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि शराब की कीमतें और उसकी बिक्री पर नियंत्रण कैसे किया जाएगा।

मुझे लगता है कि इस मामले से हमें यह समझने को मिलेगा कि शराब की कीमतें और उसकी बिक्री कैसे नियंत्रित की जाती हैं। और शायद, इस मामले से हमें एक नई दिशा में चलने को भी मजबूर किया जाएगा।
 
यह तो बहुत अजीब सी स्थिति है। मुझे लगता है कि यह वकील थोड़ा चोटिल था, लेकिन फिर भी इसका मतलब यह निकला कि हमारे देश में शराब की बिक्री पर कोई नियम नहीं है, या फिर सरकार को अपने पास क्या करना है? 🤔

मैं सोचता हूँ कि अगर वह टेट्रापैक पेश करता तो शायद वह जजों को यह समझाने की कोशिश कर रहा था कि शराब की कीमतें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती हैं। लेकिन फिर भी, यह सवाल उठता है कि सरकार को इसका ध्यान देने की ज़रूरत है या नहीं। शायद इस पर एक नया मामला खुल जाएगा। 📝
 
अरे, यह तो बहुत अजीब है, क्या लोग पूरे देश में चालाकी से जजों के पास शराब पेश करते रहते हैं? 🤯 एक वकील कैसे इतना चलचला सकता है और सुप्रीम कोर्ट में अपनी कोशिशें कर सकता है? यह तो सरकार को जरूर ध्यान देने की जरूरत है, कि शराब की कीमतें निर्धारित करने का तरीका कैसे होता है और हमारे जजों को कैसे सूचित किया जाए। इसके अलावा, यह भी सवाल उठता है कि क्या शराब के टेट्रापैक में इतनी शक्तिशाली चीजें होती हैं कि, वह हमारे देश को ऐसी बड़ी समस्या में डालने के लिए पैदा कर रही है? 😏
 
मुझे लगता है कि यह मामला बहुत अजीब है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि व्हिस्की का टेट्रापैक सुप्रीम कोर्ट में आ सकता है! 🤣

मुझे लगता है कि वकील ने बहुत अच्छी तरह से अपना तर्क बनाया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार को अपने नियमों को बदलने की जरूरत नहीं है। मैं सोचता हूं कि शराब की कीमतें निर्धारित करने के लिए एक विशेष आयोग बनाना अच्छा हो सकता है।

और तो और, मुझे लगता है कि जजों को अब शराब के बारे में बहुत अधिक सोचने की जरूरत है। इससे हमें यह समझने में मदद मिल सकती है कि हमारे देश में शराब के बारे में क्या सोचा जाता है। 🤔
 
क्या यह सुनकर मजाक ही नहीं था?! व्हिस्की का टेट्रापैक सुप्रीम कोर्ट में दिखाने का मतलब है जजों ने भी अपना पेय हाथ में लिया! 🤣

लेकिन हाँ, इस बात पर मुझे लगता है कि शराब की कीमतें राज्यों में अलग-अलग होने से सरकार को थोड़ा चिंता होगी। तो शायद वे अपने नए बजट में शराब पर एक नई दर तय कर लेंगे। या फिर जजों ने उनकी प्रतिभा और अनुभव की कमी को देखकर सोचा कि 'कौन जानता है कि शराब की कीमतें कहां होती हैं?' 😂
 
मैंने देखा था कि पान की कीमतें मुंबई और दिल्ली में अलग-अलग होती हैं। कभी-कभार तो मुंबई में बेची जाती है और किसी अन्य शहर से भी आया हो।

अरे, राजधानी में निकलने वाली बिल्लियों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार कितनी मेहनत कर रही है?
 
अरे, यह तो मजाक है, सुप्रीम कोर्ट में व्हिस्की का टेट्रापैक लाने का मतलब है कि हमारे देश में शराब की नियमन कैसे काम कर रही है? 😂

लेकिन गंभीरता से बात करते हुए, यह सवाल जरूर उठना चाहिए कि शराब की कीमतें राज्यों में अलग-अलग होती हैं और इसके पीछे क्या तर्क है? क्या हमारी सरकार ने वास्तव में शराब के बिक्री पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश नहीं की है? 🤔

और यह सवाल भी उठना चाहिए कि जब वकील ने कहा कि कई राज्यों में शराब की कीमतें अलग-अलग होती हैं, तो इसका मतलब है कि हमारे देश में शराब की बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण नहीं है? यह तो बहुत ही चिंताजनक बात है। 😬
 
ये तो क्या चाल है! एक वकील व्हिस्की टेट्रापैक लेकर सुप्रीम कोर्ट में आ गया, लगता है उसने सोचा था कि यह मजाक होगा। लेकिन जजों ने उसका खेल समझ लिया और उससे सवाल पूछा। तो अब सरकार की जानकारी कैसे चाहिए? शराब टेट्रापैक में भी बिकती है या नहीं, यह तो पता चल गया है। इसके बाद से व्हिस्की के बारे में कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकार को उसकी जानकारी लेनी चाहिए। 🤦‍♂️
 
मुझे लगा कि यह मामला थोड़ा अजीब है 🤔, लेकिन जब सोचते हैं तो यह एक अच्छा सवाल है कि शराब टेट्रापैक में भी बिकती है? इससे पता चलता है कि हमारे देश में शराब की नियमन में अभी भी बहुत सारी चुनौतियाँ हैं 🙄। मुझे लगता है कि सरकार से इस पर और चर्चा करनी चाहिए, ताकि हमें पता चल सके कि शराब की बिक्री पर किसी भी नियंत्रण की आवश्यकता है? 🤝
 
वाह, तो सुप्रीम कोर्ट में व्हिस्की का टेट्रापैक पेश करने वाला वकील क्या सोच रहा था ? यह देखकर मैं भी आश्चर्यचकित हुआ 😮। लेकिन फिर सोचते हुए तो यह अच्छा है कि किसी निर्णय में शराब नहीं आने देना चाहिए, परंतु टेट्रापैक कैसे पेश किया गया ? क्या वहाँ कोई गलतफहमी थी या फिर सोच रहा था कि यह मामला तो बहुत ही अनोखा है जैसे किसी फिल्म में 😂

मुझे लगता है कि वकील ने यह सब इसलिए किया था कि व्हिस्की की बिक्री पर राज्यों के बीच बहुत बड़ी अंतर होती है, और इससे सरकार को भी स्पष्टीकरण मिलेगा। तो फिर शराब की कीमतें निर्धारित करने का तरीका और उसके पीछे की राज्यों की दुकानों की बिक्री कैसे होती है ? यह बहुत ही रोचक मामला बन गया है 🤔
 
अरे, यह सुनकर मजाक हो गया है कि क्या वकील ने व्हिस्की का टेट्रापैक पेश करने में सफल रहेगा 🤣। लेकिन चिंता यह है कि अगर शराब की कीमतें राज्यों में अलग-अलग होती हैं, तो इससे एक बार फिर से दुकानों पर छापामार शासन शुरू हो जाएगा, और कैसे नियंत्रित किया जाएगा।
 
Back
Top