नैचुरोपैथी के समर्थन में सोनाली कपूर ने खोला अपना दिल, डॉक्टर्स इसके बारे में हैरान हैं। भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 8वें ओवर पर 7.60 प्रति ओवर की औसत से 109 रन चाहिए। लेकिन आज यह सवाल उठता है कि क्या ऑटोफैगी नैचुरोपैथी को एक नए आयाम देगी?
कपूर ने खोला अपना समर्थन, लेकिन कई डॉक्टरों ने इसे झूठे कहा। वे कहते हैं कि ऑटोफैगी सिर्फ पारंपरिक चिकित्सा को मान्यता देने के लिए एक नया रास्ता नहीं बना सकती। वहीं, कपूर ने यह तर्क दिया है कि नैचुरोपैथी में ऑटोफैगी का महत्व है।
ऑटोफैगी क्या है?
ऑटोफैगी एक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर के खुद के स्वास्थ्य लाभों को बढ़ावा देने के लिए ऑक्सीजन और अन्य गुणों वाले पदार्थों का उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया शरीर को मजबूत बनाने में मदद करती है और कई बीमारियों से लड़ने में सहायक होती है।
कपूर ने कहा है, 'नैचुरोपैथी एक समावेशी व्यवस्था है, जिसमें शरीर को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने के लिए कई तकनीकों का उपयोग किया जाता है।'
लेकिन कई डॉक्टरों ने इसका समर्थन नहीं किया है, वहीं, वे कहते हैं कि ऑटोफैगी सिर्फ एक दवा नहीं है, बल्कि यह शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए एक तरीका है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम का मैच जिन्ना में खेलने वाली है, वहीं इसके समर्थन में कई लोगों ने हिस्सा लिया है। यह सवाल उठता है कि क्या ऑटोफैगी भारतीय टीम को विकेट पर मजबूत बनाएगी?
कपूर ने खोला अपना समर्थन, लेकिन कई डॉक्टरों ने इसे झूठे कहा। वे कहते हैं कि ऑटोफैगी सिर्फ पारंपरिक चिकित्सा को मान्यता देने के लिए एक नया रास्ता नहीं बना सकती। वहीं, कपूर ने यह तर्क दिया है कि नैचुरोपैथी में ऑटोफैगी का महत्व है।
ऑटोफैगी क्या है?
ऑटोफैगी एक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर के खुद के स्वास्थ्य लाभों को बढ़ावा देने के लिए ऑक्सीजन और अन्य गुणों वाले पदार्थों का उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया शरीर को मजबूत बनाने में मदद करती है और कई बीमारियों से लड़ने में सहायक होती है।
कपूर ने कहा है, 'नैचुरोपैथी एक समावेशी व्यवस्था है, जिसमें शरीर को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने के लिए कई तकनीकों का उपयोग किया जाता है।'
लेकिन कई डॉक्टरों ने इसका समर्थन नहीं किया है, वहीं, वे कहते हैं कि ऑटोफैगी सिर्फ एक दवा नहीं है, बल्कि यह शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए एक तरीका है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम का मैच जिन्ना में खेलने वाली है, वहीं इसके समर्थन में कई लोगों ने हिस्सा लिया है। यह सवाल उठता है कि क्या ऑटोफैगी भारतीय टीम को विकेट पर मजबूत बनाएगी?