रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) ने यौन हिंसा और पीड़ितों के अधिकारों संहिता (पोस्को) आरोपी यश दयाल को टीम में राखी नहीं लगाई, बल्कि उन्हें टीम में रहने की अनुमति भी नहीं दी। यह निर्णय विराट कोहली से जुड़े पोस्टर पर उनके चेहरे को छुपा हुआ दिखाया गया था।
इस निर्णय से करोड़ों यश के प्रशंसक और फैंस बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। उन्होंने आरसीबी के इस निर्णय पर सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना की।
वीडियो स्रोत में लिखा गया है कि यश दिनाल को पोस्को आरोपी बनाया गया है, लेकिन आरसीबी ने उन्हें टीम में राखी नहीं लगाई। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
एक सूत्र के अनुसार, आरसीबी ने यश दयाल को टीम में रखने से पहले उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर विचार किया था। इसके बाद उन्होंने अपने फैसले पर चलाया था।
दूसरी ओर, यह भी कहा गया है कि यश दयाल को टीम में रखने से टीम की प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्हें अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के मामले में अदालत में खड़ा होने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
इस निर्णय से प्रशंसकों और फैंस की नाराजगी को समझने की कोशिश करनी चाहिए। उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनकी पसंद को महत्व नहीं दिया गया है।
इस निर्णय से करोड़ों यश के प्रशंसक और फैंस बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। उन्होंने आरसीबी के इस निर्णय पर सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना की।
वीडियो स्रोत में लिखा गया है कि यश दिनाल को पोस्को आरोपी बनाया गया है, लेकिन आरसीबी ने उन्हें टीम में राखी नहीं लगाई। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
एक सूत्र के अनुसार, आरसीबी ने यश दयाल को टीम में रखने से पहले उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर विचार किया था। इसके बाद उन्होंने अपने फैसले पर चलाया था।
दूसरी ओर, यह भी कहा गया है कि यश दयाल को टीम में रखने से टीम की प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्हें अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के मामले में अदालत में खड़ा होने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
इस निर्णय से प्रशंसकों और फैंस की नाराजगी को समझने की कोशिश करनी चाहिए। उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनकी पसंद को महत्व नहीं दिया गया है।