झारखंड के जमशेदपुर में रहने वाला एक अनाथ बच्चा, जिसकी कहानी सोशल मीडिया पर 'धूम' के नाम से जुड़ी हुई है, अब वह दुबई की ओर आकर्षित हो गया है. यहां उसके पास यूट्यूबर्स और लोगों का ध्यान भी लग गया है.
इस बच्चे को पहले कूड़ा बीनने के छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा करना पड़ता था. उसका नशे की लत भी थी, जिसके कारण उसके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था. वहीं, इसके अलावा उसको एक अन्य समस्या है - उसकी उम्र और असुरक्षित स्थिति.
इस बीच, गैर सरकारी संस्था का ध्यान 'धूम' की तरफ गया, जिसका इलाज शुरू कर दिया. संस्था के संचालकों ने बताया कि अगर वह 'धूम' को नहीं लेते तो उसकी आगे की जिंदगी खराब हो सकती थी.
अब, जब धूम को गैर सरकारी संस्था में इलाज किया गया है, और उसे दवाई भी दी जा रही है, तो वहां पर उसके पास यूट्यूबर्स और लोगों का ध्यान लग गया है.
इस बच्चे, जिसे 'धूम' के नाम से जाना जाता था, जब पहली बार इस बात की बात की, तो उसने बताया, ''यहां अच्छा लग रहा है. यहां अच्छा खाना मिल रहा है, दूध, रोटी, चावल, चोखा, पावरोटी और जूस भी.''
इसके अलावा, जब से धूम को लेकर वायरल होने लगा, तो उसे नशे की गिरफ्त में आने का डर था. वहीं, इसने बताया कि अब वह 'धूम' के गाने गाने का मन नहीं करता है और उसकी सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता रहेगा, खासकर जब उसे दुबई जाने का मौका मिलेगा.
इस बीच, गैर सरकारी संस्था के संचालकों ने बताया कि धूम तक पहुंचने के बाद उसकी हालत और भी खराब हो गई थी, जिसके लिए उसे इलाज किया गया.
अब, इस बच्चे को दुबई में भेजने की सोच रहे हैं ताकि वहां पर इसकी आगे की जिंदगी अच्छी हो.
इस बच्चे को पहले कूड़ा बीनने के छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा करना पड़ता था. उसका नशे की लत भी थी, जिसके कारण उसके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था. वहीं, इसके अलावा उसको एक अन्य समस्या है - उसकी उम्र और असुरक्षित स्थिति.
इस बीच, गैर सरकारी संस्था का ध्यान 'धूम' की तरफ गया, जिसका इलाज शुरू कर दिया. संस्था के संचालकों ने बताया कि अगर वह 'धूम' को नहीं लेते तो उसकी आगे की जिंदगी खराब हो सकती थी.
अब, जब धूम को गैर सरकारी संस्था में इलाज किया गया है, और उसे दवाई भी दी जा रही है, तो वहां पर उसके पास यूट्यूबर्स और लोगों का ध्यान लग गया है.
इस बच्चे, जिसे 'धूम' के नाम से जाना जाता था, जब पहली बार इस बात की बात की, तो उसने बताया, ''यहां अच्छा लग रहा है. यहां अच्छा खाना मिल रहा है, दूध, रोटी, चावल, चोखा, पावरोटी और जूस भी.''
इसके अलावा, जब से धूम को लेकर वायरल होने लगा, तो उसे नशे की गिरफ्त में आने का डर था. वहीं, इसने बताया कि अब वह 'धूम' के गाने गाने का मन नहीं करता है और उसकी सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता रहेगा, खासकर जब उसे दुबई जाने का मौका मिलेगा.
इस बीच, गैर सरकारी संस्था के संचालकों ने बताया कि धूम तक पहुंचने के बाद उसकी हालत और भी खराब हो गई थी, जिसके लिए उसे इलाज किया गया.
अब, इस बच्चे को दुबई में भेजने की सोच रहे हैं ताकि वहां पर इसकी आगे की जिंदगी अच्छी हो.