ऑस्ट्रेलिया ने भारत समेत चार देशों को 'हाई रिस्क' वाली कैटेगरी में डाल दिया है. अब भारतीय छात्रों को वीजा लेने के लिए बहुत अधिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सिम्पलीफाइड स्टूडेंट वीजा फ्रेमवर्क (एसएसवी) के तहत इन देशों को Evidence Level-2 से हटाकर Evidence Level-3 में डाल दिया है. इससे भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई करने की संभावना कम हो सकती है.
ऑस्ट्रेलिया में वीजा आवेदन करते समय अब भारतीय छात्रों पर अधिक जांच की जाएगी. उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जैसे कि बैंक स्टेटमेंट का मैन्युअल वेरिफिकेशन, अंग्रेजी भाषा के लिए अतिरिक्त प्रमाण, और अधिकारियों को संस्थानों से संपर्क करने का अधिकार होगा. इस कदम से ऑस्ट्रेलिया में फर्जी डिग्री धारकों के भंडाफोड़ की खबरों के बाद उठाया गया है.
ऑस्ट्रेलिया में अब तक 650,000 अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं, जिनमें से लगभग 140,000 छात्र अकेले भारत से हैं. ये चारों देश ऑस्ट्रेलिया में होने वाले कुल एडमिशन का लगभग एक तिहाई हिस्सा हैं।
ऑस्ट्रेलिया में वीजा आवेदन करते समय अब भारतीय छात्रों पर अधिक जांच की जाएगी. उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जैसे कि बैंक स्टेटमेंट का मैन्युअल वेरिफिकेशन, अंग्रेजी भाषा के लिए अतिरिक्त प्रमाण, और अधिकारियों को संस्थानों से संपर्क करने का अधिकार होगा. इस कदम से ऑस्ट्रेलिया में फर्जी डिग्री धारकों के भंडाफोड़ की खबरों के बाद उठाया गया है.
ऑस्ट्रेलिया में अब तक 650,000 अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं, जिनमें से लगभग 140,000 छात्र अकेले भारत से हैं. ये चारों देश ऑस्ट्रेलिया में होने वाले कुल एडमिशन का लगभग एक तिहाई हिस्सा हैं।