सेंट्रल विस्टा जैसी बनेगी ओडिशा विधानसभा, 3600 करोड़ बजट: 100 साल की तैयारी, 300 विधायकों के लिए जगह, लेकिन क्यों हो रहा विवाद

बीजेपी और बीजू जनता दल को दोनों विपक्ष में सीट बढ़ने की बात कह कर, विधानसभा भवन बनाने के लिए 3,623 करोड़ रुपये खर्च होगे। इस बिल्डिंग में राज्य सचिवालय और लोक सेवा भवन एक जगह हो जाएंगे, जबकि नए भवन में विधायकों की सीटें बढ़कर 300 हो सकती हैं।
 
🤔 ये तो बहुत बड़ी बात है, नियोजन और बजट से देखा जाए, लेकिन यह सोच कर कि विपक्ष में सीट बढ़ाने का प्लान तय करने के लिए 3,623 करोड़ रुपये खर्च होना, तो भी मुझे लगता है कि बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। नियोजन और बजट से देखा जाए तो यह बिल्डिंग बहुत अच्छी होगी, लेकिन यह वाकई इतनी महंगी होने का क्या मतलब है? और नए भवन में 300 सीटें बढ़ जाएं, तो यह विधायकों के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन इससे पहले कि हम इस पर कोई निर्णय लें, तो सबसे जरूरी बात यह है कि हम सुनिश्चित करें कि नई बिल्डिंग में सभी आवश्यकताएं पूरी हों और यह भविष्य के लिए तैयार हो।
 
मुझे लगता है कि ये विशेष रूप से हमारे देश की जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जहां पर नियमितता और सुविधा सबसे जरूरी है। 3,623 करोड़ रुपये की लागत पर इस भवन का निर्माण करना एक बड़ा प्रयास है, लेकिन मुझे लगता है कि यह हमारे विपक्षियों और हमारे अपने बीच की सीमाओं को कम करने में मदद कर सकता है। विधायकों की सीटों में वृद्धि भी एक अच्छा संकेत है कि हमारे देश की जनता अधिक आवाज़ उठाने और अपनी जरूरतों को पूरा करने का अवसर चाहती है। 🏢💪
 
मैंने देखा है कि बीजेपी और बीजू जनता दल के बीच विरोधाभास हो रहा है। अगर वे दोनों विपक्ष में सीट बढ़ाते हैं, तो यह अच्छी बात नहीं लगती। लेकिन यह बिल्डिंग बनाने की सोच बहुत आकर्षक है 🤔। 3,623 करोड़ रुपये का खर्च जैसा कि कहा गया है, तो यह एक बड़ी संख्या है। लेकिन मैंने सोचा है कि इससे पहले हमें विधायकों की सीट बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। अगर हमारे राज्य सचिवालय और लोक सेवा भवन एक जगह पर हो जाएंगे, तो यह अच्छा होगा। लेकिन नए भवन में 300 सीटें बढ़ जानी हैं? यह तो बहुत बड़ा निर्णय है और इससे पहले हमें विचार करना चाहिए कि हमारे देश में ऐसी संख्या कितनी आवश्यक है। 🤷‍♂️
 
भविष्य के निर्माण के लिए हमें अपने माध्यमिक उद्देश्य से दूर जाना चाहिए 🤔 यह राजनीति और भवन बनाने की बात कोई बड़ा मामला नहीं है, लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि सच्चाई में जीने वाला सब फायदा नहीं करता। यह सीट बढ़ने का मामला तभी महत्वपूर्ण होगा जब हमारी समाज की जरूरतों और भावनाओं को समझ कर, राजनीतिज्ञ इस बात पर ध्यान देंगे।
 
मुझे लगता है कि ये पूरा काम तय कर देना चाहिए, क्योंकि सरकार के लिए इतनी बड़ी सार्थकता क्या? विधायकों को और अधिक बैठने की जगह मिलेगी, लेकिन क्या यह वास्तव में जनता के हित में है? मुझे लगता है कि हमें विचार करना चाहिए कि क्या हम अपने पैसे और समय को सही तरीके से बर्बाद कर रहे हैं 🤔
 
बिल्डिंग बनाने का इतना बड़ा खर्च तो क्या लोग बूढ़ी दादी से भी पूछेंगे? मुझे लगता है कि आर्थी तो फिर भी फंस जाएगा और हमारी जनता को छोड़कर सब कुछ अपने बच्चों के लिए खर्च कर देगा। विधायकों की सीटें बढ़ाने की बात है तो ठीक है, लेकिन 300 सीटें? यह तो एक बड़ी मुश्किल हो जाएगी। मैं सोचता हूँ कि अगर हमारे नेताओं अपनी प्रतिज्ञा पर ध्यान दें, तो हमारे देश की आर्थिक स्थिति बेहतर होती जाएगी।
 
अरे दोस्त, यह तो देखने को मिल रहा है कि कैसे राजनीति में जंग फिर से शुरू हो गई है। लेकिन मैं यह कह सकता हूँ कि यह पूरी तरह से हमारे लिए उपयुक्त नहीं होगा। अगर हमारी सरकार खुद को इस तरह की बातों में फंसने देती है, तो इसका मतलब यह है कि हमें अपने भविष्य को सही निर्देश में रखने में असफल हो रहे हैं।

हमें याद रखना चाहिए कि एक अच्छा भविष्य बनाने के लिए, हमें पहले अपने अंदर से बदलाव करना होगा। हमें अपनी दिलचस्पियों और रुचियों को समझना होगा, और फिर अपने जीवन को उसके अनुसार ढालें। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें अपने लक्ष्यों से हटना पड़े, बल्कि हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सही रास्ते अपनाने होंगे।

इस तरह की सरकार की योजनाओं की बात करने से हमें खुद पर विचार करना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि हमारे देश की भविष्य की राजनीति में क्या महत्वपूर्ण होगा। 🤔
 
ਬੀਜੇਪੀ ਅਤੇ ਬੀਜੂ जनतਾ ਡਲ ਦੋਨਾਂ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਅਜੇ ਹੌਲੀ ਹੋਲੀ ਸੀਟਾਂ ਮਿਲ ਗਈਆਂ ਹਨ, ਬਣੇ!
 
इस से तो लगता है की भारत विस्तारित होने वाला है... सभी पार्टियां अपनी-अपनी जगह पर बनाना चाहती हैं... लेकिन इतनी बड़ी मेहनत के लिए 3,623 करोड़ का खर्च हो सकता है तो यार यह सोच-समझकर कीजिए. राज्य सचिवालय और लोक सेवा भवन एक जगह पर चल सकते हैं... लेकिन विधायकों की बैठने की जगह बढ़ा देने में नहीं तो भला यार यह तो बजट में में थोड़ी भूल जाएगा।
 
🤣 🏢️ 3,623 करोड़ रुपये में बिल्डिंग बनाने का मतलब यह है कि भारतीय लोगों का पैसा सरकार को खिलवाड़ करने के लिए जा रहा है... 🤑️ meanwhile, हम लोग 3,623 करोड़ रुपये खर्च करके अपनी भविष्य की पीढ़ी को 300 सीटों का आनंद लेने देंगे... 😂
 
वाह वाह! ये तो बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है 🤯, जैसे ही हमारा राज्य भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुझे लगता है कि यह निर्माण एक अच्छा अवसर होगा नियोक्ताओं को नए विविध रूप से लाने के लिए, जिससे काम करने वाली लोगों की आय बढ़ जाएगी। और फिर भी हमें यह देखकर आश्चर्यचकित होना चाहिए कि इतनी बड़ी सीट बढ़ाने पर सरकार से पहले तो कोई सवाल नहीं पूछा गया। लेकिन मुझे लगता है कि यह एक अच्छा निर्णय होगा, अगर विधायकों की संख्या बढ़ जाए तो उनके बीच राजनीतिक बातचीत और चर्चाओं में भी उतार-छादाई कम होती है।
 
आजकल सभी नेताओं को पैसे की बात करने का शौक है 😂, तो फिर क्यों नहीं बनाईये दोनों ही कोई अच्छा और सुंदर भवन? भारतीय लोगों को यह जानकर खेद होगा कि विधानसभा में इतनी ज्यादा पैसे खर्च करने की बात कह रहे हैं। इससे पहले तो हमारे देश में बहुत ज्यादा खर्च होता था, फिर भी हमें अपने भवन को साफ और सुंदर बनाने की जरूरत नहीं थी। 🤷‍♂️
 
Back
Top