प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संविधान को पवित्र मानते हैं इस बात पर कांग्रेस से नाराजगी के कारण शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है। शशि थरूर ने अपने बड़े बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान को अपनी पवित्र पुस्तक बताया है। उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का हवाला दिया है।
शशि थरूर ने कहा है कि भारतीय संविधान ने समय की कसौटी पर खुद को साबित किया है। उन्होंने कहा कि संविधान ने उस दौर को भी देखा है, जब एक ऐसी पार्टी सत्ता में आई, जिसके वैचारिक पूर्वज, आरएसएस, ने कभी खुले तौर पर संविधान को खारिज किया था। इसके बावजूद संविधान कायम रहा।
शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर पर अपने रुख को लेकर कहा है कि उन्होंने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिखे अपने एक कॉलम में कहा था कि उन्होंने साफ लिखा था कि इस हमले को बिना सजा दिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
शशि थरूर ने आगे कहा है कि उन्होंने संसद में कभी पार्टी की लाइन का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि आंतरिक मतभेदों पर संगठन के भीतर ही चर्चा होनी चाहिए, न कि सार्वजनिक मंच पर।
शशि थरूर ने कहा है कि भारतीय संविधान ने समय की कसौटी पर खुद को साबित किया है। उन्होंने कहा कि संविधान ने उस दौर को भी देखा है, जब एक ऐसी पार्टी सत्ता में आई, जिसके वैचारिक पूर्वज, आरएसएस, ने कभी खुले तौर पर संविधान को खारिज किया था। इसके बावजूद संविधान कायम रहा।
शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर पर अपने रुख को लेकर कहा है कि उन्होंने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिखे अपने एक कॉलम में कहा था कि उन्होंने साफ लिखा था कि इस हमले को बिना सजा दिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
शशि थरूर ने आगे कहा है कि उन्होंने संसद में कभी पार्टी की लाइन का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि आंतरिक मतभेदों पर संगठन के भीतर ही चर्चा होनी चाहिए, न कि सार्वजनिक मंच पर।