'संविधान को पवित्र मानते हैं PM मोदी', कांग्रेस से नाराजगी की अटकलों के बीच शशि थरूर का बड़ा बय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संविधान को पवित्र बताया गया है: शशि थरूर ने बड़ा बयान
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही रोचक है... प्रधानमंत्री जी द्वारा संविधान को पवित्र बताने का बयान। लेकिन मैं थोड़ा सोचता हुआ हूँ... क्या हमें लगता है कि संविधान वास्तव में पवित्र है? या फिर यह एक राजनीतिक बयान है? मुझे लगता है कि संविधान जो भी कह रहा है, वह हमारे देश की सच्चाई को बता रहा है।

मैं शशि थरूर जी की बात से सहमत हूँ... हमें अपने संविधान और प्रणाली के बारे में अधिक चर्चा करनी चाहिए। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि यह बयान थोड़ा सीमित है। हमें इसके पीछे की सच्चाई को समझने की जरूरत है, और अपने देश को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। 😊
 
भाई, यह तो बहुत ही रोचक बात है प्रधानमंत्री जी ने संविधान को पवित्र बताया है। मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात है, लेकिन फिर भी मुझे थोड़ा संदेह है। शायद हमें अपने संविधान को और अधिक जानने की जरूरत है, ताकि हम समझ सकें कि यह वास्तव में कैसे पवित्र है।

मैंने पढ़ा है कि संविधान बनाते समय बहुत सारे लोगों ने अपना blood kiya tha, तो क्या यही पवित्रता है? मुझे लगता है कि हमें अपने संविधान को और अधिक समझने की जरूरत है, ताकि हम इसका सही महत्व समझ सकें।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी गलती है कि हम अपने संविधान को पवित्र मानते हैं। ये तो कुछ राजनीतिक लोगों की राजनीति है। लेकिन मेरी बात तो यह है कि हमें अपने संविधान को एक ऐसा दस्तावेज़ मानنا चाहिए जिसमें हमारे समाज के मूल्यों और नियमों को लिखा हो। पवित्रता की बात तो बहुत भावनात्मक होती है, लेकिन वास्तविकता तो यह है कि हमारा संविधान एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसमें हमारे समाज की समस्याओं और अनुभवों को दर्शाया गया है।
 
मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही रोचक बात है। लेकिन मैं सोचता हूँ कि शायद प्रधानमंत्री जी ने संविधान को पवित्र बताया तो क्यों नहीं? देश के इतिहास में हमने बहुत सारे बदलाव देखे हैं और संविधान में भी बहुत सारे बदलाव आ रहे हैं। शायद यह एक राजनीतिक बयान है ताकि विपक्षी दलों को परेशान न करें। लेकिन मुझे लगता है कि अगर हम सच्चाई खोजते हैं तो प्रधानमंत्री जी ने संविधान को पवित्र बताते समय कुछ और भी बताया जो हमें नहीं सुन रहे हैं। मुझे लगता है कि हमें और जानने की जरूरत है। 🤔
 
मुझे लगता है कि यह बात बहुत ही रोचक है... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संविधान को पवित्र बताया है, लेकिन मेरे लिए यह तो एक बहुत बड़ा सवाल उठाता है... क्या हमारा संविधान वास्तव में पवित्र है? या यह बस एक राजनीतिक बयान था जिस पर सरकार ने टिप्पणी करना चाहती थी?

मुझे लगता है कि हमारा संविधान बहुत ही समृद्ध और विविधता को बढ़ावा देने वाला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमें इसे पवित्र मानने की जरूरत है। हमें इसे संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों को समझना चाहिए, न कि बस एक बयान पर टिप्पणी करना।
 
अरे, देखो तो PM मोदी ने संविधान को पवित्र बताया है, यह तो बहुत ही अच्छा बात है। लेकिन क्या हमें लगता है कि संविधान वास्तव में पवित्र है? ये सवाल शशि थरूर जी ने उठाया है, और मुझे लगता है कि वह सही बात कह रहे हैं। क्योंकि हमारे देश में बहुत सारे लोग संविधान को समझ नहीं पा रहे हैं, और इसके परिवर्तन करने के लिए संघीय संसद में बहुत सारी जंगें लड़ी गई हैं। तो यह कहना कि संविधान पवित्र है, थोड़ा भ्रामक लग सकता है। हमें संविधान को समझना चाहिए और इसके बदलाव करने के लिए आवाज उठानी चाहिए। 🤔💡
 
मुझे यह बात बहुत परेशान करती है, जैसे हमारे संविधान को किसी काम के लिए पवित्र बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक बार फिर से ऐसा बयान दिया है जैसे वे हमारी संविधान की स्थिरता और समृद्धि पर विश्वास करते हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि यह भी एक तरह से झूठ है। क्योंकि हमारे देश में कई चुनौतियां हैं, जैसे गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य... और हमारी सरकार द्वारा इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। तो पवित्रता का कौन सा महत्व है? 🤔
 
मुझे बहुत खुशी हुई यह जानकारी, मैं तो हमेशा कहती रहती हूँ कि हमारा देश वास्तव में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण है और प्रधानमंत्री जी की बात मुझे बहुत पसंद आई, मैं उनकी नीतियों पर भरोसा करती हूँ और मुझे लगता है कि वे हमारे देश को आगे बढ़ाने के लिए बहुत अच्छे निर्णय लेंगे, मैं शशि थरूर जी की भी बात समझ नहीं पाई, लेकिन यह तो उनका अपना विचार है और हमें उनकी राय का सम्मान करना चाहिए, मुझे लगता है कि हमारे देश में बहुत से अच्छे लोग हैं जो हमारे देश को बेहतर बनाने के लिए काम करते हैं। 💖🇮🇳
 
मुझे लगता है कि यह बयान एक अच्छी बात है, लेकिन इसके पीछे कुछ और भी जानने योग्य है। मोदी जी ने हमेशा संविधान को बहुत महत्व दिया है, और अगर उन्होंने फिर से इस पर जोर दिया है, तो यह अच्छा संदेश है।

लेकिन, कभी-कभी ऐसे बयान सुनने लगते हैं कि सरकार की ओर से यह कहा जाता है कि हमारा संविधान हमारे लिए बहुत ही विशेष और पवित्र है। मुझे लगता है कि हमें यह भी समझना चाहिए कि संविधान एक ऐसा दस्तावेज़ है, जो हमारे देश के नियमों और मूल्यों को दर्शाता है।

मोदी जी के बयान से पहले भी कई बार सरकार ने संविधान को पवित्र बताया है, लेकिन यह सवाल उठता है कि सरकार क्या वास्तव में संविधान को पालन कर रही है? 🤔
 
बोलते हुए भी तो सही है, लेकिन सोचते समय भी इस तरह की बातें करना ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री जी की बात सुनने से हमें नशा नहीं आयेगा, बल्कि संविधान को पवित्र मानने से हमें सोचने पर मजबूर कर देगा। लेकिन इतना भी नहीं, अगर हमारे संविधान को पवित्र करने की बात सुनते हैं तो हम अपने देश के इतिहास को भूल जाएंगे।

क्योंकि संविधान एक राजनीतिक दस्तावेज है, इसीलिए हमें इसकी मूल प्रकृति को समझना चाहिए। अगर हम संविधान को पवित्र मानते हैं तो हमारे देश के इतिहास में इतने भेदभाव और असमानताएं आ जाएगी।

आजकल लोग संविधान को एक पवित्र दस्तावेज मानते हैं और इसका पालन नहीं करते, तो यह बिल्कुल सही नहीं। हमें संविधान को समझना चाहिए, उसके नियमों का पालन करना चाहिए, लेकिन उसे पवित्र नहीं मानना चाहिए।
 
ਮोदੀ ਜੀ ਦੇ ਕਹਿਣ 'ਤੇ ਸੰਵਿਧਾਨ ਪਵਿੱਤਰ ਹੈ, ਲੇਕਿਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ 'ਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਮਾਂ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਾਲੇ ਕੰਮ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। 🤔

ਉਨ੍ਹਾਂ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲਾਂ 'ਚ ਅਜਿਹੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਮੋਢੀਆਂ ਦੇ ਵੱਡੇ ਵੱਡੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ 'ਚ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਲੈਕਿਨ ਫਿਰ ਵੀ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਕੀਤੀਆਂ, ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਪਾਣੀ, ਭੋਜਨ, ਮਦਦਸ਼ੀਅਤ 'ਤੇ। 🌊

ਹੁਣ ਉਹ ਗੱਲ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਿਰਫ਼ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਨਹੀਂ। 🙏
 
मोदी जी की बात सुनकर मुझे लगता है कि वे बहुत ही समझदार हैं... 🤔 तो वे संविधान को पवित्र बताते हैं और हम सब उनके द्वारा किए गए कामों की सराहना करते हैं। लेकिन मेरी बात यह नहीं है कि मोदी जी को संविधान के बारे में कुछ नया सीखने की जरूरत नहीं है। हम सभी ने इससे सीखा है... 📚

लेकिन शशि थरूर जी का बयान पढ़कर मुझे लगा कि वे कुछ महत्वपूर्ण बात कह रहे हैं। तो मैं उनके द्वारा बताए गए संविधान के महत्व की प्रशंसा करता हूँ। हमें यह याद रखना चाहिए कि संविधान हमारा अधिनियम है जो हमारे लिए बनाया गया है। और मोदी जी भी इसे बहुत गंभीरता से लेते हैं... 👍
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही गंभीर बात है, लेकिन मैं नहीं समझ पाऊंगा कि क्यों संविधान को पवित्र बताया जाए। हमें अपने संविधान को इतना महत्व देना चाहिए कि इसे बदलने से पहले हम सोच लें। मुझे लगता है कि यह सिर्फ राजनीतिक बहस का हिस्सा है। क्या यह जरूरी है कि हमें अपने नेताओं से इतनी बात करनी चाहिए? मैं समझता हूँ कि देश को आगे बढ़ाने के लिए हमें रणनीति बनानी होती है, लेकिन इस तरह से नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमें अपने नेताओं से बात करनी चाहिए, लेकिन उनके बयानों पर इतनी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। 😐
 
मेरा कहना है कि यह बहुत अच्छा है कि प्रधानमंत्री जी ने संविधान को इतनी महत्वपूर्ण बनाया है। लेकिन इसके साथ ही, हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि संविधान की शुद्धता और अखंडता पर ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर हमारा प्रधानमंत्री जी ने संविधान को पवित्र बताया है, तो इसका मतलब यह भी है कि हमें अपने देश की स्थिति और समाज में होने वाली असमानताओं पर ध्यान रखना चाहिए।
हमारे देश को कई समस्याएं जैसे कि बेरोजगारी, गरीबी, शिक्षा की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं में कमी, और कई अन्य मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। हमें अपने देश को एक मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। 🤔👍
 
नमस्कार यह सुनकर मुझे खेद हुई कि आज भी हमारे देश के लोग एक दूसरे को मतभेदों में डालने में लगे रहते हैं 🤔. प्रधानमंत्री जी ने संविधान को पवित्र बताया है, तो यह तो हमारे देश की मजबूती की बात है। लेकिन फिर भी शशि थरूर जी ने इतना बयान करने की जरूरत नहीं थी। सरकार और विपक्ष दोनों एक साथ मिलकर देश को आगे बढ़ाने की कोशिश करें, यही हमें सबसे अच्छा परिणाम देगा।
 
मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जी की बात अच्छी है... संविधान हमारी देश की सबसे बड़ी ताकत है, और इसको पवित्र मानना ठीक है। लेकिन शशि थरूर जी का बयान बहुत ही रोचक है... वे कह रहे हैं कि संविधान को पवित्र बनाने के लिए हमें अपने देश के इतिहास और उसके नागरिकों की भावनाओं को समझना होगा। मुझे लगता है कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। 🤔
 
मुझे यह बात बहुत पसंद आई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान को इतना गौरव सम्मान दिया है 🙏। उनके इस बयान ने मुझे याद कराया कि हमारे देश का संविधान हमारे लिए बहुत भारतीय है। मैंने सोचा कि अगर प्रधानमंत्री इतने भावुक हुए तो यही बात जरूर सच होगी। मोदीजी ने हमें यह याद दिलाया कि हमारा संविधान हमारी स्वतंत्रता, समानता और जीवन की शुरुआत के लिए एक पवित्र दस्तावेज है। मुझे लगता है कि अगर हमारे पास संविधान को इतना महत्व देने वाले नेताएं हैं तो फिर हमारा भविष्य कैसा होगा। मोदीजी ने हमें आश्वस्त कर दिया है कि हमारा संविधान हमेशा हमारे लिए एक शक्तिशाली आधार रहेगा।
 
मैं समझता हूँ कि लोगों की धारणाएँ संविधान के बारे में बहुत ही व्यक्तिपरक हो सकती हैं। लेकिन मेरी राय में, संविधान एक निरन्तर प्रगतिशील और समृद्धि का दरवाज़ा है, जिसे हमें नियमित रूप से अपडेट करना चाहिए। यह हमारे देश को एक ऐसा स्थान बनाता है जहाँ सभी धर्म, समुदाय और विचारधाराओं का स्वागत हो। मेरा मानना है कि अगर हम संविधान को एक पवित्र दस्तावेज़ के रूप में देखें, तो यह हमें उनकी व्याख्या में बहुत सीमाबद्ध बना सकता है।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही रोचक बात है कि प्रधानमंत्री जी संविधान को पवित्र बता रहे हैं। लेकिन मैं सोचता हूँ कि यह तो एक बहुत ही विशेष मुद्दा है। संविधान हमारे देश की सबसे महत्वपूर्ण विरासत है, और इसे पवित्र बनाकर बिल्कुल सही कहा जा सकता है। लेकिन मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही सख्त शब्दों में कहने की जरूरत नहीं थी।

मैंने पढ़ा है कि प्रधानमंत्री जी ने यह बयान दिया था कि संविधान हमारे देश की सबसे बड़ी विरासत है, और इसे सम्मानित करना चाहिए। मुझे लगता है कि यह बहुत ही सही कहा गया है, लेकिन फिर भी मैं सोचता हूँ कि इसके पीछे की बातें तो थोड़ी गहराई से जानने की जरूरत थी।

मुझे लगता है कि इस तरह के बयान से हमारे देश की राजनीति में एक बहुत ही सकारात्मक ऊर्जा आ सकती है।
 
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