कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने गुरुवार को राज्यसभा में सरकार से एक महत्वपूर्ण सवाल पूछा था। उन्होंने कहा, "अगर वायु प्रदूषण से जितनी मौतें होती हैं तो हमें उनका अंदाजा लगाने के लिए कोई निश्चित आंकड़ा मौजूद नहीं है।"
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उच्च सदन को इस सवाल का उत्तर दिया। उन्होंने कहा, "वर्तमान में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है जिससे हम कह सकें कि वायु प्रदूषण से कितनी मौतें होती हैं।"
यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि वायु प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण लाखों लोग प्रतिदिन मरते हैं। सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है और इसके खिलाफ कदम उठाने होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) सकारात्मक नतीजे दिखा रहा है। यह कार्यक्रम 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है, जिनमें नॉन-अटेनमेंट और दस लाख से अधिक आबादी वाले शहर शामिल हैं।
वर्ष 2024-25 में 103 शहरों में पीएम-10 प्रदूषण स्तर में कमी दर्ज की गई है। इनमें 64 शहरों में 20 प्रतिशत से ज्यादा और 25 शहरों में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। इसके अलावा 22 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे हैं, जहां पीएम-10 स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उच्च सदन को इस सवाल का उत्तर दिया। उन्होंने कहा, "वर्तमान में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है जिससे हम कह सकें कि वायु प्रदूषण से कितनी मौतें होती हैं।"
यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि वायु प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण लाखों लोग प्रतिदिन मरते हैं। सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है और इसके खिलाफ कदम उठाने होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) सकारात्मक नतीजे दिखा रहा है। यह कार्यक्रम 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है, जिनमें नॉन-अटेनमेंट और दस लाख से अधिक आबादी वाले शहर शामिल हैं।
वर्ष 2024-25 में 103 शहरों में पीएम-10 प्रदूषण स्तर में कमी दर्ज की गई है। इनमें 64 शहरों में 20 प्रतिशत से ज्यादा और 25 शहरों में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। इसके अलावा 22 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे हैं, जहां पीएम-10 स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम है।