प्रयागराज के शंकराचार्य सरस्वती अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या पर्व पर हुए विवाद और उनके सवालों का जवाब दिया। जैसा कि हमने पहले बताया, उन्होंने प्रशासन से कहा है कि वह गंगा स्नान कराएगी, तभी हमारे शिविर में प्रवेश करेंगे।
उन्होंने कहा, 'हम ज्यादातर लोग पालकी में स्नान करते रहते हैं, और यह स्नान करने का तरीका तब भी जारी रहेगा।'
मौनी अमावस्या पर्व पर शंकराचार्यों ने अपने शिविर में भाग लिया था, फिर पुलिस ने उन्हें बाहर खींच लिया और उन्हें मारपीट किया। इसके बाद गंगा स्नान कराने की अनुमति दी।
शंकराचार्य सरस्वती अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'हम गंगा स्नान परमिशन लेकर नहीं करेंगे।'
उन्होंने मीडिया को भ्रामक और झूठी जानकारी देने की आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों, डीएम, और गृह सचिव के खिलाफ भी शिकायतें कीं।
शंकराचार्यों ने कहा, 'हमें अपनी परंपरा को कलंकित करने का काम करेगा तो बर्दाश्त नहीं करेंगे।'
उन्होंने कहा, 'हम ज्यादातर लोग पालकी में स्नान करते रहते हैं, और यह स्नान करने का तरीका तब भी जारी रहेगा।'
मौनी अमावस्या पर्व पर शंकराचार्यों ने अपने शिविर में भाग लिया था, फिर पुलिस ने उन्हें बाहर खींच लिया और उन्हें मारपीट किया। इसके बाद गंगा स्नान कराने की अनुमति दी।
शंकराचार्य सरस्वती अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'हम गंगा स्नान परमिशन लेकर नहीं करेंगे।'
उन्होंने मीडिया को भ्रामक और झूठी जानकारी देने की आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों, डीएम, और गृह सचिव के खिलाफ भी शिकायतें कीं।
शंकराचार्यों ने कहा, 'हमें अपनी परंपरा को कलंकित करने का काम करेगा तो बर्दाश्त नहीं करेंगे।'