श्रीनगर में एयर पॉल्यूशन 7 साल में सबसे खराब: सांस लेना 4 सिगरेट पीने जैसा; दिल्ली में AQI 390, यह खतरनाक स्तर पर

श्रीनगर में शीर्ष बमुश्किल एयर पॉल्यूशन, दिल्ली में खतरनाक स्तर पर, क्या सरकार धीमी आहुत हो रही है?

श्रीनगर में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सांस लेना 4 सिगरेट पीने जैसा है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI-308 रिकॉर्ड हुआ।

इस स्तर पर हवा में पार्टिकल मैटर यानी PM2.5 और PM10 हैं जो सबसे ज्यादा शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे हेल्थ क्रैश होता है और लोगों की लाइफ साइकिल कम हो जाती है।

दिल्ली में एयर पॉल्यूशन भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शहर का AQI 390 रिकॉर्ड किया गया। जहांगीरपुरी में AQI 390 रहा, जो खतरनाक स्तर पर है। इससे लोगों की सेहत बहुत प्रभावित होती है और वे ब्रेन स्ट्रोक, अस्थमा और फेफड़ों का कैंसर से लड़ते रहते हैं।

श्रीनगर में एयर पॉल्यूशन सबसे खराब 7 साल में पहली बार रिकॉर्ड हुआ। इससे यह पता चलता है कि सरकार धीमी आहुत हो रही है।

इस तरह की स्थिति दिल्ली और अन्य शहरों में भी बढ़ रही है, जहां एयर पॉल्यूशन खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और लोगों की सेहत बहुत प्रभावित होती है।
 
यह तो सरकार के दफ्तर में बैठे लोगों को पता नहीं है कि हमारे शहरों में हवा तो तो इतनी खराब है कि सिगरेट पीने जैसा है। श्रीनगर में 4 सिगरेट पीने जैसी हवा तो दिल्ली में भी ऐसी ही है। लेकिन हमारे दिल्ली के नेता बोलते रहते हैं कि हमारा शहर सबसे साफ है और दूसरे शहरों से आगे है। यह बात तो बोलकर नहीं चलती, चलने को है! श्रीनगर में ऐसी हवा है कि सांस लेना दर्दनाक हो जाने लगेगा, लेकिन वहाँ के नेता ऐसा कुछ नहीं कर रहे हैं।
 
शहर में एयर पॉल्यूशन इतनी बढ़ गई है कि यह हमारे बच्चों को नुकसान पहुंचा रही है। मैंने अपने बेटे को तो सांस लेने में भी परेशानी होने की नहीं देखी है, वह तो 6वीं कक्षा में है और उसकी सेहत खराब है। श्रीनगर में एयर पॉल्यूशन सबसे खराब 7 साल में पहली बार रिकॉर्ड हुआ, इससे यह पता चलता है कि सरकार धीमी आहुत हो रही है, हमें इसके लिए कुछ नहीं करना पड़ता। 🤔

शहर में तेजी से बढ़ रही प्रदूषण की समस्या से बच्चों की शिक्षा पर भी असर पड़ रहा है। मेरा बेटा हाल ही में एक परीक्षा में कम दिखाई दिया, और लोग कहते हैं कि यह प्रदूषणने उसकी सेहत पर असर डाला। 🤕

मुझे लगता है कि सरकार इस समस्या को ध्यान नहीं दे रही है, जिसके परिणामस्वरूप हमारे बच्चों की सेहत और शिक्षा पर भी असर पड़ रहा है। 🤷‍♀️
 
मुझे तो लगता है कि सरकार ने एयर पॉल्यूशन को बहुत कम लेन-देन में रखा है, बाकी सब धूम्रपान करने वालों और औद्योगिक क्षेत्रों पर ही भरोसा कर रही है। श्रीनगर जैसे शहर में इतनी खराब हवा कैसे बन सकती है?

मेरे ख्याल में एयर पॉल्यूशन से निपटने के लिए सरकार को अपने नीतियों में बदलाव करना होगा, और औद्योगिक क्षेत्रों में नई निगरानी शुरू करनी होगी। तो वहीं पर हां, इससे हमें फिर से वायु प्रदूषण को कम करने का मौका मिलेगा।

कुछ लोग कह रहे हैं कि सरकार हमेशा चोरी होती है, लेकिन इस बार तो यह एक दुश्मन है जिसे हमें हराना है। तो चलिए सब मिलकर सांस लेने के लिए अपने घरों को बंद कर देते हैं और फिर से शांत वातावरण बनाते हैं। 💔
 
मैंने हाल ही में श्रीनगर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन जब मुझे पता चला कि वहाँ हवा इतनी खराब है कि सांस लेना 4 सिगरेट पीने जैसा है, तो मैं उस पर विचार नहीं कर सका। मेरी पत्नी को अस्थमा है, और वह इस तरह की ठीक से हवा में ना आने से बहुत परेशान होती। मुझे लगता है कि सरकार द्वारा श्रीनगर जैसे शहरों में हवा की गुणवत्ता में सुधार करने के प्रयासों की कमी हो रही है।
 
बात हुई तो श्रीनगर में हवा तो खराब हो गई है, 4 सिगरेट पीने जैसा सांस लेना! 🤯 यह AQI-308 रिकॉर्ड हुआ, तो यार गले लगाने की जरूरत नहीं है हवा में तूफान चल रहा है।

दिल्ली में भी खतरनाक स्तर पर एयर पॉल्यूशन पहुंच गया, 390 रिकॉर्ड, यह तो बहुत गंभीर है। जहांगीरपुरी में भी 390 के आसपास आ गया है, जैसे कहीं हवा में निकलने वाले धुएं से पूरा शहर फंस गया है।

श्रीनगर में एयर पॉल्यूशन सबसे खराब 7 साल में पहली बार रिकॉर्ड हुआ, तो यह पता चलता है कि सरकार धीमी आहुत हो रही है। लेकिन फिर भी, दिल्ली और अन्य शहरों में भी बढ़ रही है, जैसे कहीं हवा में निकलने वाले धुएं से पूरा शहर फंस गया है। 🤔
 
बात बनकर चली, सरकार दिल्ली में हवा की गुणवत्ता नियंत्रित करे तो श्रीनगर में भी ऐसा ही करे। 4 सिगरेट पीने जैसा सांस लेना कैसे सहज? 🤕
 
मुझे लगता है कि हमारे देश में एयर पॉल्यूशन की समस्या बहुत बड़ी हो गई है 😩। श्रीनगर और दिल्ली जैसे शहरों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि यह सांस लेने के लिए 4 सिगरेट पीने जैसा है। 🚭

मुझे लगता है कि सरकार को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत कदम उठाने चाहिए। हमें अपने शहरों की हवा को साफ करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाना चाहिए।

यहाँ एक छोटा सा डायग्राम है जिसमें श्रीनगर और दिल्ली जैसे शहरों में एयर पॉल्यूशन की समस्या को दर्शाया गया है।

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| हवा की गुणवत्ता |
| बहुत खराब है |
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|
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v
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| सांस लेने में दिक्कत |
| और सेहत पर प्रभाव |
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मुझे लगता है कि हमें अपने शहरों की हवा को साफ करने के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। 🌟
 
श्रीनगर और दिल्ली में हवा की गुणवत्ता तो बिल्कुल खराब है, यही नहीं आंधी वाले! 🌀 7 साल में पहली बार श्रीनगर में एयर पॉल्यूशन सबसे खराब रिकॉर्ड हुआ, और दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है! #श्रीनगरकिहरबुरी #दिल्लीकिहरबुरी #एयरपॉल्यूशनकिताबंद
 
शहरों में बिगड़ते हुए एयर पॉल्यूशन से तो हमारी लाइफ्सिकल कम होती जा रही है! 🤕 क्या सरकार देख रही है? 7 साल में पहली बार श्रीनगर में इतना खराब एयर पॉल्यूशन रिकॉर्ड, यह तो खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, दिल्ली और अन्य शहरों में भी ऐसी स्थिति बढ़ रही है... 🤦‍♂️
 
अरे यार, यह तो बहुत बड़ी चिंता की बात है 🤯। श्रीनगर और दिल्ली में हवा इतनी खराब है कि सांस लेना जैसे ही खतरनाक हो गया है। 😷 पार्टिकल मैटर PM2.5 और PM10 जैसे पदार्थ शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं और लोगों की लाइफ साइकिल कम हो जाती है 🤕। यह तो सरकार की धीमी आहुत होने का इशारा है। 🚫

दिल्ली में AQI 390 रिकॉर्ड हुआ, जो खतरनाक स्तर पर है। इससे लोगों की सेहत बहुत प्रभावित होती है और वे ब्रेन स्ट्रोक, अस्थमा और फेफड़ों का कैंसर से लड़ते रहते हैं। 😨

श्रीनगर में एयर पॉल्यूशन सबसे खराब 7 साल में पहली बार रिकॉर्ड हुआ। इससे यह पता चलता है कि सरकार धीमी आहुत हो रही है। 🤔

हमें ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सामूहिकता से लड़ना चाहिए और अपने शहरों को प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए सरकार और हम सभी की जिम्मेदारी है। 🌎
 
श्रीनगर में हवा इतनी खराब है कि तोहरा भी नहीं रह जाता। 4 सिगरेट पीने जैसा सांस लेना कितना खतरनाक है? सरकार चाहे तो धीमी आहुत क्यों हो रही है, यह सवाल उतना ही खतरनाक नहीं है। हमें ऐसे मौकों पर विचार करना चाहिए कि आगे कैसे बढ़ें। दिल्ली और अन्य शहरों में भी एयर पॉल्यूशन खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, यह तो बहुत बड़ा आहवान है। हमें सरकार से बात करनी चाहिए, कुछ जरूरी बदलाव करें।
 
अगर ये ऐसी स्थिति बनी रहती है तो फिर शायद हमारे बच्चे किसी मुश्किल में पड़ जाएंगे। श्रीनगर और दिल्ली में हवा इतनी खराब है कि यहां रहने वालों को एयर पॉल्यूशन से लड़ना पड़ता है।
 
क्या ये कुछ नहीं हुआ, श्रीनगर में हवा तो भी इतनी खराब हो गई कि सांस लेना 4 सिगरेट पीने जैसा है! 😷 एयर पॉल्यूशन खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और लोगों की सेहत बहुत प्रभावित होती है। श्रीनगर में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि यहाँ रहना जाने वाला 7 साल में पहली बार रिकॉर्ड हुआ। 🤯

हमें पता है कि सरकार भी सब कुछ कर सकती है, लेकिन शायद उन्हें अपनी योजनाएं समझ में नहीं आ रही हैं। हमें एक साथ मिलकर इसके समाधान निकालने की जरूरत है। श्रीनगर और दिल्ली जैसे शहरों में एयर पॉल्यूशन खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, इसलिए हमें अपने घरों से छुटकारा पाने की जरूरत है।
 
मेरे दोस्त, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है! सरकार जैसी चीजें नहीं सुनकर चली जा रही है, यार? श्रीनगर और दिल्ली जैसे शहरों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई है कि यह तो एक अपराध है! AQI-308 और 390 रिकॉर्ड क्यों नहीं होते? क्या सरकार इस पर ध्यान दे रही है? मुझे लगता है कि हमें अपने नेताओं से बात करनी चाहिए, या फिर कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे उन्हें समझाया जाए। 🤔👀
 
श्रीनगर में एयर पॉल्यूशन तो दिल्ली की तुलना में भी ज्यादा खराब है, लेकिन सरकार ने ऐसी गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया। 🤕

मुझे लगता है कि सरकार पर एयर पॉल्यूशन से लड़ने के लिए अधिक रास्ते चाहिए, जैसे कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, वृक्षारोपण और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना। 🌳

शहरों में प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम की भी जरूरत है, ताकि हवा की गुणवत्ता को नियमित रूप से जांचा जा सके। और सरकार को हमेशा नई योजनाएं बनानी चाहिए, जिससे लोगों की सेहत और भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके। 💪
 
मुझे लगता है कि ये दोनों शहर में इतनी बुरी हवा फैल रही है, तो सरकार को तुरंत कुछ करना चाहिए। श्रीनगर में 4 सिगरेट पीने जैसी हवा लेना सुनकर बहुत डरावना है। और दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, इससे लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

शहरों में बढ़ती हवा के कारण लोगों की सेहत बहुत प्रभावित होती है, और यह एक बड़ा समस्या है। श्रीनगर में 7 साल बाद ऐसी बुरी हवा फैल रही है तो सरकार को तुरंत कुछ करना चाहिए।
 
बस ऐसे तो दिल्ली में भी श्रीनगर जैसी ही हवा की गुणवत्ता होनी चाहिए नहीं? सरकार क्यों धीमी आहुत हो रही है? पहले से ही यह खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, तो फिर कुछ भी बदलाव नहीं होगा! मुझे लगता है कि सरकार को तुरंत ऐसे नियम बनाने चाहिए जिससे हमारी हवा साफ और शुद्ध रहे।
 
मेरे दोस्त, यह बातें जानकर मुझे बहुत चिंता हो रही है। श्रीनगर और दिल्ली में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है तो सांस लेना पीना भी अच्छा नहीं लगता। मैंने अपने बच्चों को शीर्ष स्कूल में पढ़ने वाले दोस्तों से बात की थी, और वे बताया कि उनके पिता या माँ अपने घर पर ही बैठकर छोड़ते हैं क्योंकि वह एयर पॉल्यूशन से नहीं सो सकते।

मुझे लगता है कि सरकार द्वारा ली जा रही कदमों से निपटने में कुछ समस्या है। श्रीनगर और दिल्ली में इतनी खराब हवा कैसे बन गई, इसका जवाब मुझे नहीं मिलता। यह अच्छा होगा कि सरकार और राज्य प्रशासन इस पर जोर दें।

ज्यादा बात नहीं , बस ये सोचो और मुस्कुराए।
 
मैं दिल्ली और श्रीनगर में इतने खराब हवा की स्थिति से दुखी हूँ। मुझे लगता है कि सरकार हमेशा नई नीतियाँ बनाती रहती है लेकिन वास्तविकता पर ध्यान नहीं देती। श्रीनगर में 4 सिगरेट पीने जैसी हवा में सांस लेना बिल्कुल सही नहीं है। यह बहुत खतरनाक है और लोगों की जिंदगी को धमका रहा है।

मुझे लगता है कि हमें अपने शहरों को साफ रखने के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए। इससे पहले कि हवा प्रदूषण बढ़ जाए, हमें अपनी रोडवेज, बसें और वाहनों पर नियंत्रण करने की जरूरत है।
 
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