शहबाज ने फिर उगला जहर, इस्लामाबाद धमाके लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार, कितना गिरेंगे पाक PM?

भारत को इस्लामाबाद धमाके लिए ठहराया जिम्मेदार, पाक PM पर संकट!

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अदालत के बाहर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं. इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली.

इस हमले का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, ‘ये हमले भारत की ओर से प्रायोजित आतंकवाद की कड़ी हैं, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान को अस्थिर करना है.’

लेकिन, दावों के बिना शरीफ ने यह नहीं बताया कि वह इस हमले में भारत की गद्दारी की कितनी ठीक से पहचान कर पाए. क्या वो भारत के इस क्रिये को सही साबित कर सकेगा? ये सवाल हमेशा पाकिस्तान के लिए पूछने को मिल रहा है।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस धमाके की निंदा करते हुए इसे आत्मघाती हमला बताया, जो जिला न्यायिक परिसर के पास हुआ. वहीं, गृह मंत्री मोसिन नकवी ने कहा कि यह विस्फोट दोपहर 12:39 बजे (07:39 GMT) हुआ और उन्होंने पुष्टि की कि यह एक आत्मघाती हमला था.
 
ये तो पक्का कि पाकिस्तान से हर काम खेला जाता है 🤦‍♂️, यह आत्मघाती हमला भी उनकी खास छाप की तरह आया होगा। लेकिन, सरकार द्वारा इन हमलों में भारतीय हाथों की कोई भूमिका नहीं बताई गई तो कैसे? और अगर ये हमला पाकिस्तान की गलती थी, तो फिर शहबाज शरीफ ने सही साबित करने की कोशिश क्यों नहीं की? यह सवाल सरकार पर उठना चाहिए, न कि उनकी खुद की दूसरी। और मेरे लिए यह बात बिल्कुल सही है कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आत्मघाती हमला बताया, परंतु जो सच्चाई क्या है, वो हमें पता चलने दे, नहीं तो यह सिर्फ एक झूठी बात बन जाएगी।
 
क्या इस धमाके से हमें पता चलेगा कि वास्तव में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इसे कैसे तैयार किया, या फिर यह हमला उनकी ग्रुप के बीच में ही हुआ? क्योंकि अगर वास्तव में इसकी जिम्मेदारी TTP पर है, तो हमें पता चलना चाहिए कि उन्होंने हमले की तैयारी कैसे की, और उनके अंदर से कौन ले रहा था। 😕

और ये सवाल भी है कि पाकिस्तानी सरकार ने तो यह हमला अपनी बेगुनाही बताया, लेकिन अगर हम देखें तो इस हमले को आतंकवादी गतिविधियों का एक और उदाहरण मानते हैं, तो फिर उन्हें तो पता भी नहीं चला कि उनकी सरकार ने अपने अंदर ही घुसपैठ का शिकार किया। 🤔

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्यों हम इस तरह के हमलों से दूर रहते हैं? और क्या हमारी सरकार ने अपने विदेश मामलों पर अच्छी तरह से तैयारी नहीं की? 🤔
 
ये तो पाकिस्तान की हदें पर ही गया है! वो लगातार हमारे खिलाफ बोलते रहते हैं और फिर से उनका देश आतंकवाद का केंद्र बन गया है। शायद वह भारतीय सैनिकों को भेजने की बजाय अपने स्वयं के लोगों को आत्मघाती हमले करने के लिए प्रेरित करते हैं?

क्या वास्तव में उन्हें यह समझ नहीं आया है कि उनकी इस तरह की राजनीति सिर्फ और सिर्फ विदेशी आँखों को बेचती है? लोग कितने अजीब से समझदार होते हैं जब तक वह अपनी मुश्किलें दूसरों पर डाल देते हैं!
 
अगर भारत पर इस तरह से आरोप लगाए जा रहे हैं तो इससे हमें लगता है कि पाकिस्तान ने अपने खिलाफ चलने वाली चालों को खुलकर बाहर कर दिया है. 🤔 यह एक बड़ा मैच है कि क्या भारत इस आरोप से तालमेल बैठा सकता है और आगे क्या कदम उठाता है? पाकिस्तान ने भारत की गद्दारी को ठीक से पहचान लिया है, लेकिन यह सवाल अभी तक जवाब नहीं दिया गया है. मुझे लगता है कि भारत को इस पर ध्यान से विचार करना चाहिए और आगे क्या कदम उठाता है इसकी जांच करनी चाहिए. 🤝
 
मुझे ये बात बहुत दुखद लगती है... पाकिस्तान में ऐसा होना तो जरूर नहीं अच्छा है... लेकिन क्या हम इसकी जिम्मेदारी सिर्फ भारत पर ले लेते? क्या इसे पाकिस्तान की बुराई नहीं समझते? यह जानने की जरूरत है कि कैसे हमले की जिम्मेदारी दी गई और क्यों... 🤔

और भारत के लिए, हमें सोचना चाहिए कि हम क्या कर सकते हैं... आतंकवाद खत्म करने में हम सब की मदद करनी चाहिए, न कि इसे अपने दुश्मन को ठहराने की बात कहनी चाहिए... 🚫
 
तो यार, इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती हमले से पहले तो मैंने भी सोचा था कि यह पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका होगा, लेकिन आज पता चला कि यह हमला वास्तव में पाकिस्तान के शाहबाज शरीफ सरकार को दिल्ली पर हमला करने की बात साबित करेगा या नहीं? वह तो कह रहे हैं कि यह हमला भारत की ओर से प्रायोजित आतंकवाद है, लेकिन मुझे लगता है कि शाहबाज शरीफ सरकार को अपनी बातें साबित करने के लिए बहुत मुश्किल होगी।
 
आज भी ये सवाल उठता रहता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए हमें एक दूसरे पर दोष देने से कहां तक मदद मिलती है? यह हमला सिर्फ पाकिस्तान की समस्या नहीं है, बल्कि हमारी अपनी भी जिम्मेदारी है कि हम इसके खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट हों। 🤔

कोई भी हमला सिर्फ दूसरे की गलती पर ना रहे, इसके पीछे कुछ अपनी-अपनी जरूरतें और उद्देश्य हो सकते हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि आतंकवाद एक बड़ा समस्या नहीं बल्कि हमारी भूलबुलाहट का परिणाम है। 🌟
 
अमेरिका से कितनी दूर हम हैं! इस्लामाबाद में जो हाल हुआ उस पर पाकिस्तान सरकार तुरंत आरोप लगा रही है लेकिन क्या वास्तविकता बताई नहीं? यह तो एक बिल्कुल भी संभव न था कि ऐसा सिर्फ भारत के खिलाफ ही होगा और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आतंकवाद की तरह कोई सबूत नहीं दिखाया। 🤔
 
अरे, यह तो बहुत ही खतरनाक है! 🚨😱 पाकिस्तान ने फिर से आतंकवाद का राजनीति करना शुरू कर दिया है. 😒 मुझे लगता है कि पाकिस्तान में भी खुद को इस तरह के हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराने की जरूरत नहीं है. 🤔

क्या वास्तव में पाकिस्तान ने ये हमले की तयारी की थी? 👀 और क्या भारत को इसके लिए जवाब देने की जरूरत है? 🤷‍♂️ मुझे लगता है कि हमें यह सवाल पूछने से पहले अपने खुद के आतंकवादी समूहों को बुलाने की जरूरत नहीं है. 💡

पाकिस्तान ने फिर से भारत पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है, लेकिन मुझे लगता है कि वो अपने खुद के हाथों घेरे हुए हैं. 🤦‍♂️ हमें उनकी बात नहीं माननी चाहिए, बल्कि अपने खुद के आतंकवादी समूहों को साफ करने की जरूरत है. 💪
 
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