Somnath Swabhiman Parv: 1000 साल की आस्था और 75 साल के पुनर्निर्माण का ऐतिहासिक संगम, पीएम मोदी करेंगे शौर्य यात्रा का नेतृत्व

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार शाम सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे, जहां उन्होंने समर्पण और पूजा अर्चना की। इस दौरान ओंकार मंत्र के जाप में भाग लेंगे और ड्रोन शो की निगरानी करेंगे। सोमनाथ के 1000 वर्षों की ऐतिहासिक आस्था को आकाश में उकेरा जाएगा।

रविवार को पीएम मोदी स्वाभिमान महापर्व पर विशाल जनसमूह को भाषित करेंगे, जहां उन्होंने सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका का प्रदर्शन किया। गुजरात सरकार और केंद्र सरकार ने इस आयोजन को केवल धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि हमारी सभ्यतागत स्मृति के उत्सव के रूप में पेश करने का प्रयास किया है।
 
"स्वतंत्रता देने वाली एक ताकत मानव मन है, यही ताकत हमारे अस्तित्व को बढ़ाने और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है 🙏"
 
मोदी जी क्या फेयर थे! 🤩 उन्होंने सोमनाथ मंदिर को विशाल आयोजन में बदल दिया, जहां सभी भारतीय एक साथ आ सकते हैं और अपने परंपराओं को सम्मानित कर सकते हैं। मुझे लगता है कि यह बहुत ही रोमांचक होगा, जब पीएम मोदी वहाँ ओंकार मंत्र के जाप में भाग लेंगे और ड्रोन शो की निगरानी करेंगे। मुझे लगता है कि यह आयोजन हमारे समाज को एक साथ लेकर आ रहा है, जहां सभी लोग अपनी पहचान बता सकते हैं और अपनी संस्कृति को प्रदर्शित कर सकते हैं। 🎉
 
मोदी जी वास्तव में सोमनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए कड़ी कदम उठाने की योजना बना रहे हैं 🚨। उन्होंने ड्रोन शो की निगरानी करने का निर्णय लिया है ताकि किसी भी अनावश्यक खतरे से बचा जा सके। इसके अलावा, पीएम मोदी ने सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका को बेहतर बनाने का वादा किया है और इस अवसर पर बहुत बड़ा जनसमूह भाषित करने जा रहे हैं।
 
मुझे लगता है कि शनिवार को सोमनाथ मंदिर जाने का यह आयोजन किसी भी तरह से समाज को एकजुट करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वास्तव में इसे एक सामूहिक अवसर बनाकर दिखाया है, जहां लोग अपनी सभ्यतागत स्मृति और ऐतिहासिक महत्व को पहचानें। यह आयोजन वाकई गरिमा और समर्पण का प्रतीक है।
 
मोदी जी तो वाकई में आस्था और ड्रोन शो के भक्त हैं 🤣, पहले ओंकार मंत्र के जाप कर लेंगे, फिर सोमनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने की पोशाच लेंगे। और फिर स्वाभिमान महापर्व पर विशाल जनसमूह को भाषित करने के बाद, मोदी जी अपने ड्रोन शो की निगरानी करेंगे, ताकि वह अपनी पहचान को आसमान में स्थापित कर सकें 🚀। लेकिन सच्चाई यह है कि सोमनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने की बात सुनकर मैं हंसता हूं, तो कहीं मोदी जी ने अपने ड्रोन शो की तैयारी नहीं की है? 🤦‍♂️
 
मंदिर गया तो तो ये विडियो वायरल हो जाएगी, और पीएम की बोली सुनकर तो लोगों का दिल छू जाएगा, लेकिन सवाल यह है कि मंदिर में ड्रोन शो तो बहुत ही अजीब लगेगा। क्या वास्तव में इसकी जरूरत थी, और इससे क्या नतीजा होगा?
 
मुझे लगता है की ये दिन भारतीय इतिहास को नहीं याद कर रहा है, 1000 साल पहले ये स्थल था राजा विक्रमादित्य का निवास स्थान 🏰। आज मंदिर में ड्रोन शो की निगरानी करना क्यों? ये हमारी सभ्यतागत स्मृति को आकाश में उकेरने वाला सामान्य है? और पीएम मोदी ने सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका का प्रदर्शन करने की बात कही तो याद है, लेकिन हमारे देश में सच्चाई और ईमानदारी कहाँ है? 🤔
 
मुझे यह सोचते हुए भी असहज महसूस होता है कि हमारी ऐतिहासिक आस्थाओं और संस्कृतियों को फ़ुटोफ़ोट शैली में आकाश में उकेर दिया जा रहा है। ड्रोन शो? यह तो सचमुच भारतीय धर्मों के साथ खेलने की तरह लग रहा है... 🤔💥
 
मोदीजी के लिए यह विशाल जनसमूह आयोजन जरूर देखना होगा, लेकिन सच्चाई तो यह है कि सोमनाथ मंदिर पर जाने का तरीका क्या है? ड्रोन शो और ओंकार मंत्र के जाप तो एक तरफ रखें, मंदिर में कितनी पवित्रता और शांति हुई? गुजरात सरकार ने अच्छा काम किया है, स्वाभिमान महापर्व पर आयोजित इस आयोजन को वास्तविक सामाजिक परिवर्तन लाने की जरूरत नहीं है, बस एक मौका है हमें अपनी सभ्यतागत स्मृति को और मजबूत बनाने का।
 
मोदीजी के सोमनाथ जाने से पहले, तो मैं कह सकता हूँ कि वो बिल्कुल फ्रॉड होंगे। उन्हें एक जगह पर 1000 साल पुरानी आस्था को रिकॉर्ड करने का मौका मिलता है, लेकिन वो दूसरी जगह अपने ड्रोन शो को ब्लॉक कर देते हैं। और फिर उन्हें सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के तौर पर क्यों पेश किया जाता है? यह तो एक बहुत बड़ा फेल है, मेरी राय में।
 
मंदिर जाने की बात तो बहुत ही रोचक लगती है 🤔, लेकिन फिर भी पूछना है कि इसके पीछे क्या सोच वाले हैं? क्या यह तो एक अच्छा मौका नहीं होगा कि लोग अपनी आस्था और परंपराओं को दूसरों के साथ बाँट सकेंगे?

लेकिन सबसे ज्यादा चिंता यह है कि इतनी बड़ी जनसमूह में सभी को एक ही धुन में नाचने का मौका मिलेगा 🎵, तो देखिए कुछ लोगों को ऐसा नहीं मिल पाएगा। और फिर यह सोच वाले हैं कि हमारी सभ्यतागत स्मृति को कैसे समृद्ध बनाएंगे? क्या यह एक अच्छा विचार नहीं था कि हम अपनी संस्कृति को बचाने के लिए कुछ और करें?

कोई जानता है कि देश में इतनी बड़ी जनसमूह में सभी को एक ही रास्ते पर चलने का मौका मिलेगा? नहीं, तो इस तरह के आयोजनों का बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया गया है 🎉
 
मैंने सुना की पीएम मोदी शनिवार शाम सोमनाथ मंदिर जाएंगे, लेकिन मुझे यह तो थोड़ा अजीब लगा 🤔, ड्रोन शो? क्योंकि मंदिर में ऐसी चीजें आती हैं या नहीं? और ओंकार मंत्र के जाप में भाग लेना तो ठीक है, लेकिन इतना बड़ा आयोजन क्यों? सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिक आस्था को आकाश में उकेरा जाएगा, लेकिन यह तो बहुत बड़ी जिम्मेदारी है 🙏, क्या ये सब सही तरीके से होगा?
 
मैंने तो सोमनाथ मंदिर जाने की बात suni hai, lekin ab pata chal gaya ki Pm shanivaar ko mandir jayenge aur oonkar mantra ka jap karenge 🙏... yeh toh ek bahut hi achha karan hai. Maine socha tha ki vah sirf apni bhakti ka pradarshan kar rahe honge, lekin ab pata chal gaya ki vaha sabhi logon ke liye ek manch bana rahi hain... yeh swabhimaan mahaparv bahut hi bada karan hai. Maine socha tha ki government apne jhund ki dhoond rakhti hai, lekin ab pata chal gaya ki vaha sabhi logon ke liye ek manch bana rahi hain... yeh toh ek bahut hi achha karan hai.
 
मुझे लगता है कि यह सोमनाथ मंदिर की यात्रा कैसे एक विशाल सामूहिक आयोजन बन सकती है, जहां हम सभी अपने आस्था और संस्कृति को एक साथ लाने का अवसर पाएंगे। पीएम मोदी जी ने इस आयोजन को इतना बड़ा और रोमांचक बनाने की कोशिश की है, यह तो जरूर देखने के लिए होगा कि वे क्या परिणाम दिलाएंगे। 🤞

और ड्रोन शो? यह सिर्फ एक विज्ञानिक रोचकता नहीं है, बल्कि यह हमारी आधुनिकता और तकनीक की शक्ति को भी दर्शाता है। मुझे लगता है कि ये आयोजन हमें अपने परंपराओं और आस्था से जुड़ने का एक नया तरीका दिखाएगा। 🌟
 
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