सड़कों पर दरारें तो आम बात है, लेकिन यहां तो डल झील की दीवारों में भी चूहों ने छेद खोद लिए हैं। सड़क और दीवार के बीच गहरे पेड़ों के पन्हारे हुए पत्थरों से बनाए गए चूहों के द्वारा इन दरारों में खाने की जाना शुरू हो गया था।
चूंकि इस तरह की समस्या पहली बार नहीं हुई है, लेकिन यहां घाट 17 के पास स्थिति तो खास तौर पर चिंताजनक है। फरवरी 2025 में इसी तरह के कटाव के कारण फुटपाथ का एक हिस्सा गिर गया था, जबकि सितंबर 2025 में बुलेवार्ड रोड पर डल झील की दीवार का एक हिस्सा गिर गया था।
पर्यटकों के लिए ठीक है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय सीमेंट व अन्य मजबूत सामग्री का उपयोग करके पुनर्निर्माण करें। लेकिन पर्यटकों ने अपनी हरकतों से दीवारों को और भी कमजोर बना रहे हैं।
इस समस्या की मूल वजह यहां खाने के अस्थायी स्टॉल, ठेले और रेहड़ियां लगती हैं जहां पर वे खाने का कचरा और बचा खाना दीवारों के सहारे ही डाल देते हैं।
चूंकि इस तरह की समस्या पहली बार नहीं हुई है, लेकिन यहां घाट 17 के पास स्थिति तो खास तौर पर चिंताजनक है। फरवरी 2025 में इसी तरह के कटाव के कारण फुटपाथ का एक हिस्सा गिर गया था, जबकि सितंबर 2025 में बुलेवार्ड रोड पर डल झील की दीवार का एक हिस्सा गिर गया था।
पर्यटकों के लिए ठीक है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय सीमेंट व अन्य मजबूत सामग्री का उपयोग करके पुनर्निर्माण करें। लेकिन पर्यटकों ने अपनी हरकतों से दीवारों को और भी कमजोर बना रहे हैं।
इस समस्या की मूल वजह यहां खाने के अस्थायी स्टॉल, ठेले और रेहड़ियां लगती हैं जहां पर वे खाने का कचरा और बचा खाना दीवारों के सहारे ही डाल देते हैं।