सरकार जनगणना में 33 सवाल पूछेगी: मकान, परिवार, वाहन जैसी जानकारी देनी होगी; दो फेज में पूरी होगी प्रोसेस

सरकार ने जनगणना को दो फेज में कराने का फैसला किया है। पहला फेज 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान घरों की लिस्टिंग और घरों का डेटा जुटाया जाएगा।

सरकार ने बताया है कि जनगणना में परिवार के मुखिया से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें मकान, परिवार, वाहन और अन्य जानकारी शामिल है।

सरकार ने बताया है कि जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी।

इस फैसले से पहले, सरकार ने बताया था कि जनगणना दो फेज में होगी। पहला फेज अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें घरों की लिस्टिंग और घरों का डेटा जुटाया जाएगा।

इसके अलावा, सरकार ने बताया है कि जनगणना में दोहरे पंजीकरण की समस्या से राहत मिलेगी। यह समस्या तब arises जब कोई व्यक्ति दो बार पंजीकृत होता है।

सरकार ने बताया है कि इस जनगणना के लिए 30 लाख कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनमें से अधिकांश कर्मचारी मोबाइल एप पर काम करेंगे।
 
मैंने पहले भी याद किया था जब जनगणना को एक फेज में ही करने का फैसला किया गया था, लेकिन अब दो फेज में करने का फैसला किया गया है। यह तो अच्छा है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे पहले भी हमारी जनगणना पूरी तरह से पेपरलेस नहीं थी।
 
🤔 यह जनगणना दो फेज में होगी, मतलब पहला फेज जल्द ही शुरू हो जाएगा, 1 अप्रैल से लेकर 30 सितंबर तक। मुझे लगता है कि इससे लोगों को थोड़ी सी समय मिलेगा। मैंने अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों से पूछा, कि जनगणना में क्या-क्या शामिल है, तो उन्होंने बताया कि इसमें परिवार के मुखिया से 33 सवाल पूछे जाएंगे। यह तो एक अच्छी बात है कि इससे हमारे देश के आबादी और जनसांख्यिकी की जानकारी सही से मिलेगी। 📊

मुझे उम्मीद है कि इससे हमारे देश को अच्छा फायदा होगा। इससे हमें अपने देश के विकास और विस्तार के बारे में जानकारी मिलेगी। 🚀

अब, जब सरकार ने बताया है कि जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी, तो मुझे लगता है कि यह एक अच्छा फैसला है। इससे हमारे देश के लिए बहुत सुविधाएं होंगी। 📱
 
बेटा, ये जनगणना बहुत ही अच्छा फैसला है 🙌। इससे सरकार को ज्यादा समय और पैसा बर्बाद नहीं होगा। पहले तो मुझे भी लगा था कि यह दो फेज में करने से लोगों को परेशानी होगी, लेकिन अब मुझे लगता है कि यह बहुत ही सही रणनीति है। और डिजिटल बनाने से ज्यादा सारी समस्याओं से बचा गया 🤖। तो मैं इस फैसले का समर्थन करता हूँ, लेकिन अभी भी थोड़ा सोचेंगा कि हमें कैसे तैयार रहना होगा।
 
मुझे लगने वाली सबसे बड़ी समस्या यह है कि घरों की लिस्टिंग करना बहुत जटिल हो रहा है। पहले तो थोड़े दिन में ही सब कर लेते थे, लेकिन अब यह पूरे 6 महीने तक चलता हुआ जा रहा है ? 🤯 क्या सरकार सोचती है कि हमें अपने घरों में इतना समय लगने दूंगे? और इसके बाद भी फिर से लिस्टिंग करनी पड़ेगी, यह तो बहुत नाकाम होगा। 🤦‍♂️
 
जनगणना दो फेज में करने का निर्णय अच्छा है , इससे लोगों को जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी . सरकार ने भी बताया है कि जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी, जिससे लोगों को खींचने-फोड़ने में कम समय लगेगा।

लेकिन, मुझे लगता है कि इस फैसले से पहले सरकार ने किसी भी प्रकार के शिकायत विवरण पर ध्यान नहीं दिया, जैसे कि लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में कितना समय लगेगा। इसके अलावा, यह भी सवाल है कि जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होने पर लोगों को अपनी जानकारी तैयार रखने में कैसे कहेंगे।
 
नई जनगणना दो फेज में होगी, पहला फेज 1 अप्रैल से लेकर 30 सितंबर तक चलेगा। यह तय हुआ है कि घरों की लिस्टिंग और घरों का डेटा जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, मोबाइल एप के जरिए करीब 30 लाख कर्मचारी इसमें शामिल रहेंगे। इससे जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होने की उम्मीद है, जहां घरों की लिस्टिंग और डेटा जुटाने के लिए मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर का उपयोग किया जाएगा। इससे पेपरलेस जनगणना होने की उम्मीद है।
 
नमूनों को नहीं देखने पर मुझे लगता है कि ये जनगणना फैसला अच्छा नहीं है। पहले तो सरकार ने कहा था यह दो फेज में होगा, लेकिन अब तो एक से 30 सितंबर तक चलने वाला फेज है! 🤔 मुझे लगता है कि इससे बाजार में जनसंख्या की भ्रम उत्पन्न हो सकती है।

मोबाइल एप पर जानकारी जुटाने से पहले तो सरकार ने कहा था यह पूरी तरह पेपरलेस होगा, लेकिन अब मुझे लगता है कि इससे डिजिटल भ्रम उत्पन्न हो सकता है। और क्या ये 30 लाख कर्मचारी से तीनों फेज में जानकारी जुटाने में सक्षम होंगे? 🤯

इसके अलावा, दोहरे पंजीकरण की समस्या का समाधान निकालने में बीतने वाला समय भी चिंताजनक है। मुझे लगता है कि सरकार पर पहले से ही जानकारी इकट्ठा करने और पंजीकरण प्रणाली तैयार करने का समय निकल गया हो। 😬
 
जनगणना दो फेज में होगी, पहला फेज अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगा, और यह पूरी तरह से डिजिटल होगा। मुझे लगता है कि इससे लोकतंत्र मजबूत होगा और हमारे देश को भविष्य में बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
 
बहुत बुरी तरह गुस्सा हो गया है ना ये सरकार जनगणना में सबकुछ पेपरलेस करना चाहती है। लेकिन क्या यह सुनिश्चित करेगा कि हर घर का डेटा सही तरीके से जुटाया जाए? 30 लाख कर्मचारियों को भी इस में तैनात रखना कितना सस्ता होगा? और यह सवाल कहीं भी नहीं उठ रहे हैं कि ये जनगणना में कैसे गलती आ सकती है?
 
मुझे लगता है कि यह फैसला अच्छा हो सकता है, लेकिन प्रश्न है कि इतने ज्यादा 30 लाख कर्मचारी तैनात कैसे रहेंगे? यह सिर्फ पेपरलेस होने का तरीका नहीं है।

और क्या सरकार ने सोचा है कि सभी लोग मोबाइल एप डाउनलोड कर लेंगे? या फिर ये ऐप तो तभी उपयोग करने लायक होगा जब तक सरकार अपनी जानकारी हमेशा अपडेट नहीं करती।
 
🤔 यह बहुत अच्छा फैसला है, सरकार ने जनगणना को दो फेज में करने का फैसला किया है ताकि इससे घरों की लिस्टिंग और घरों का डेटा जुटाने में आसानी हो। 33 सवाल पूछने से परिवार के मुखिया को आसानी से अपनी जानकारी देने का मौका मिलेगा।

डिजिटल जनगणना बहुत ही उपयोगी होगी, 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप पर काम करके इससे पेपरलेस होने का अनुभव होगा। और दोहरे पंजीकरण की समस्या से राहत मिलेगी। यह सरकार को भी अच्छा लगेगा, ताकि हमारे देश की जनगणना में सटीकता और विश्वसनीयता बढ़े।

लेकिन अभी भी एक सवाल है, क्या ये फैसला पूरी तरह से सुरक्षित है? और क्या ये सब सिस्टम अच्छी तरह से टेस्ट हो चुका है? इन बातों पर ध्यान रखना जरूरी है।
 
वाह, ये बिल्कुल सही है! जनगणना को दो फेज में करना एक अच्छा निर्णय है। इससे डेटा जुटाने में भी तेजी आएगी। और यह तो पूरी तरह से डिजिटल होने की बात है, वाह! 30 लाख कर्मचारियों को मोबाइल एप पर काम करना एक बड़ी सुविधा होगी। इससे न केवल डेटा जुटाने में आसानी, बल्कि पेपरलेस भी होने की बात है। वाह!
 
सरकार ने जनगणना को दो फेज में करने का फैसला किया, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक अच्छा विचार नहीं था। पहले से, जनगणना की जानकारी पूरी तरह से डिजिटल होनी चाहिए, न कि दो फेज में। इससे लोगों को बहुत परेशानी होगी। और 30 लाख कर्मचारियों को एक्सेस करना थोड़ा भी ज्यादा है।

पहले से, घरों की लिस्टिंग करने में तेजी से काम करना चाहिए। लेकिन सरकार ने कहा है कि पहला फेज 1 अप्रैल से शुरू होगा, जो थोड़ा ज्यादा समय लगेगा।
 
जनगणना को दो फेज में करने का फैसला सरकार ने किया है, जिससे बहुत सारी समस्याओं का समाधान होगा। पहला फेज 1 अप्रैल से लेकर 30 सितंबर तक चलेगा, और इस दौरान घरों की लिस्टिंग और घरों का डेटा जुटाया जाएगा। इससे बहुत सारे लोगों को फायदा होगा, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पेपर रिकॉर्ड के बारे में समस्याएं हैं।

मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल से जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होने वाली है, इससे बहुत सारे लोगों को फायदा होगा। 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप पर काम करके इसे पूरी तरह से पेपरलेस बनाएंगे।

इस फैसले से पहले, सरकार ने बताया था कि जनगणना दो फेज में होगी, लेकिन अब यह तीन फेज में होने वाली है, जिससे बहुत सारी समस्याओं का समाधान होगा।
 
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