Sunetra Pawar: अजित पवार के बेटे पार्थ और जय से मिलने के बाद डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के घर पहुंचे शरद पवार

शरद पवार ने आज दिवंगत अजीत पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सुनेत्रा पवार के घर पहुंचे। यह एक ऐसा समय है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में दोनों गुटों के बीच संभावित पुनर्मिलन की अटकलें तेज हैं।

इस दौरान, शरद पवार परिवार के कई सदस्य अपने साथ रहे। इससे पहले, यह खबर सामने आई थी कि शरद पवार ने अजीत पवार के दोनों बेटों, पार्थ और जय पवार को एक बंद कमरे में मिलने का मौका दिया।

सुनेत्रा पवार, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की डिप्टी सीएम हैं, शरद पवार ने अपने घर पहुंचे तुरंत उनके साथ बैठकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद, वह उन्हें कुछ समय बिताने के लिए छोड़ दिया।

इस मौके पर शरद पवार ने अजीत पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी विरासत हमेशा आगे बढ़ेगी।
 
ज़रूरी है कि सुनेत्रा पवार और शरद पवार दोनों एक ही माहौल में आते हैं तो यह एक अच्छा संकेत है। लेकिन, यह बात जरूर ध्यान में रखनी चाहिए कि अजीत पवार के घर उनके परिवार के कई सदस्य रहे, तो यह सब कुछ शांति और सम्मान के साथ चलना चाहिए। 🙏

इस समय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में दोनों गुटों के बीच संभावित पुनर्मिलन की अटकलें तेज हैं, लेकिन यह सब कुछ ठीक से समझने के लिए समय लगेगा। शरद पवार ने अजीत पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी विरासत हमेशा आगे बढ़ेगी, यह अच्छा संदेश है। 👍
 
बेटा, यह तो बहुत अच्छी बात है कि शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के घर जाकर अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी। यह एक ऐसा समय है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में बहुत सारे गलतफहमियों को टाला जा सकता है। और शरद पवार ने अजीत पवार को विरासत की बात कही, यह तो बहुत अच्छा संदेश है। क्या हमें राजनीति में इतने गलतफहमियों को टालने के लिए निंदनीय किसी व्यक्ति को भी निकाल देना चाहिए? शायद नहीं।
 
अरे दोस्त, यह एक बहुत दुखद समय है, जिसमें हमें अपने प्यारे अजीत पवार से अलविदा कहना पड़ रहा है। मैंने उनकी फोटो देखी, वह तो बहुत ही गर्व की बात हैं। शरद पवार ने उनकी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जाना एक बहुत सुंदर गुजारा, और मुझे लगता है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में अब फिर से ठीक-ठाक होने की उम्मीद है। 🙏🏼
 
अरे, जानकर अच्छा लगा कि शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के घर जाकर दिवंगत अजीत पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की 😔। यह एक दिलचस्प समय है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में कुछ और भी होने का एहसास है। शरद पवार परिवार के लोगों से जुड़कर दिखाया जा रहा है, तो यह अच्छा है 🤗। लगता है कि अजीत पवार की विरासत हमेशा आगे बढ़ेगी, इसीलिए शरद पवार ने उनकी श्रद्धांजलि में कहा 😊
 
भाई, यह तो एक बहुत ही दिलचस्प मोड़ है। शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के घर जाकर अजीत पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कदम उठाया, लेकिन अभी तक यह तय नहीं हुआ कि वे दोनों गुट क्या निकालेंगे। मुझे लगता है कि शरद पवार परिवार को बहुत जरूरी लग रहा होगा कि उन्हें अजीत पवार की विरासत आगे बढ़ाए जाए। शायद वे समझ गए होंगे कि अगर वे अपने बीच में फटकर गिरने से बच सकते हैं, तो यह देश के लिए बड़ी चोट नहीं पहुँचाएगी। 🤞
 
🌼 यह एक बहुत बड़ा कदम है शरद पवार द्वारा सुनेत्रा पवार के घर पहुंचने का, मेरे लिए यह बेहद उम्मीदनाक है कि शायद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद फिर से एकजुटता आ जाएगी। शरद पवार ने अजीत पवार को श्रद्धांजलि देने से यह दर्शाता है कि वे उनकी यादों को कभी नहीं भूलेंगे। मुझे उम्मीद है कि अब राजनीतिक विभाजन के बावजूद भी पार्टी के सदस्य एक दूसरे से अच्छा संबंध बनाए रख सकेंगे।
 
ਬੁਖ਼ਾਰ ਹੋ ਗਈ ਹੈ, ਨਾ ਤੇਜ਼ੀ ਲਾਉਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਮੌਕਾ ਵੀ ਮਿਲਿਆ... 🤔

ਸੁਨੇਤਰਾ ਪਵਾਰ ਜੀ ਭਾਰਤੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਦੇ ਸਮੂਹ 'ਚ ਕਿਹੜਾ ਟਾਇਰ ਗੁੱਲ ਗੁੱਲ ਭਰੇਗਾ, ਇਹ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮੈਨੂੰ ਟੀ.ਵੀ.' ਦੇ ਸਕ੍ਰੀਨ 'ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਹੁੰਦੇ... 😂

ਅਜੇ ਵੀ ਅਜੀਤ ਪਵਾਰ ਜੀ ਦੀ ਮੌਤ ਦਾ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਘਬਰਾਹਟ ਭੀ ਨਹੀਂ ਆ ਸਕਦੀ... ਉਹ ਅੱਜ ਤਕ ਮੈਂ 'ਚ ਹਨ, ਮੇਰੇ ਵਿੱਚ ਉਹ ਪਛਤਾਨੇ ਲਈ ਹੀ ਸੁਰਖ਼ਰੂ... 💕
 
शरद पवार की यह जानकर मिली बहुत अच्छी, क्योंकि वह सोच कर भी थोड़ा दुखी रहता है कि कैसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी इस तरह टूट गई। लेकिन अब तो ऐसा लगता है कि दोनों गुटों के बीच पुनर्मिलन की संभावना है, जिससे partido की एकता और मजबूती मिलेगी।
 
😊 बात करते हैं तो सुनेत्रा पवार और शरद पवार, दोनों एक ही परिवार से जुड़े हुए हैं। तो क्या जरूरी है कि वे एक दूसरे के घर में श्रद्धांजलि देने जाएं? 🤔 लेकिन फिर भी, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वे अपने आपसी रिश्तों को मजबूत बनाएं। 😊

अब, जब शरद पवार परिवार के कई सदस्य उसके साथ रहे, तो यह एक अच्छा दृश्य है। लेकिन क्या जरूरी है कि वे सभी एक ही कमरे में मिल जाएं? 🤷‍♂️ कुछ लोगों को शांत और आरामदायक वातावरण पसंद आता है, जबकि अन्य लोग अधिक ऊर्जावान और सक्रिय होते हैं। तो एक अच्छा समाधान यह है कि वे अलग-अलग कमरों में बैठकर बात करें। 🤝

और आखिरकार, शरद पवार ने अजीत पवार को श्रद्धांजलि देने से पहले कुछ समय उनके साथ बिताने का मौका दिया। यह एक अच्छी आदत है! 🙏 हमेशा अपने प्रियजनों के साथ समय बिताना और उनकी यादों में खो जाना बहुत जरूरी है। 😊
 
शरद पवार की बातें सुनकर मुझे लगता है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में कुछ बदलाव आ सकते हैं… 🤔 परन्तु अभी भी बहुत कुछ अटखल्लुकी है, तो नहीं? 😏 मुझे लगता है कि सुनेत्रा पवार ने अपने पिताजी के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि देने से पहले अजीत पवार के बेटों को भी मिलने का मौका दिया, तो यह एक अच्छा संकेत है कि सब कुछ ठीक चल रहा है। 🤞
 
मुझे लगा कि यह समय है जब हम सब एक साथ मिलकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को फिर से मजबूत बनाने की कोशिश करें। शरद पवार जी ने दिवंगत अजीत पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सुनेत्रा पवार के घर पहुंचा। यह एक अच्छा संकेत है कि राजनीतिक परिस्थितियों में फिर से पुनर्मिलन की संभावना है। 🤝🏽

लेकिन, इस समय हमें एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि पार्टी में फिर से शांति और समझ की आवश्यकता है। हमें अपने नेताओं को एक दूसरे के साथ सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। 🤝🏽

और, मुझे लगता है कि इस समय हमें राजनीतिक पारिवारों की जटिलताओं को समझने की जरूरत है। शरद पवार परिवार के कई सदस्य अपने साथ रहे, इससे पहले अजीत पवार के दोनों बेटों, पार्थ और जय पवार को एक बंद कमरे में मिलने का मौका दिया। यह तो एक अच्छा संकेत है कि वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। 👪

इसलिए, उम्मीदें हैं कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी फिर से एक मजबूत और एकता वाली इकाई बन जाएगी। 🌈
 
अजीत पवार जी की गायबी, यह दिनों से खत्म नहीं हो रहा, लेकिन आज शरद पवार जी ने श्रद्धांजलि देने का मौका मिला। सुनेत्रा पवार जी भी उनके घर पहुंची, उनके साथ बैठकर श्रद्धांजलि दी। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा संकेत है, अब दोनों गुटों के बीच फिर से तालमेल बनाने की उम्मीदें हो सकती हैं।
 
अरे, यह तो बहुत रोचक है कि शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के घर पहुंचकर अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी... लेकिन हमारे फोरम पर तो ऐसा नहीं होता, जहां हम अपने परिवार के सदस्यों को भी नहीं बुला सकते। यहाँ हमें सिर्फ अपने विचारों और राय लिखने का मौका मिलता है, न कि खासकर ऐसे ऐलानात्मक मुद्दों पर।
 
अरे, आज सुनेत्रा पवार ने दिल दिया है... शरद पवार जी को अजीत पवार को श्रद्धांजलि देने की बात तो हमें खुशी हुई। लेकिन मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मौका भी है। दिवंगत अजीत पवार जी को याद करना जरूरी है, लेकिन सुनेत्रा पवार जी की जगह शरद पवार जी ने मिलने का मौका दिया तो यह अच्छा नहीं लग रहा है। क्या यह एक नई रणनीति है? 🤔

मुझे लगता है कि सुनेत्रा पवार जी को अजीत पवार जी के घर जाने की जरूरत थी। वहां से हमें उनके बारे में और भी जानकारी मिल सकती है। लेकिन शरद पवार जी ने तो एक बंद कमरे में ही मिलने का मौका दिया। यह कैसे चलेगा? 🤷‍♂️

लेकिन, यही नहीं... मुझे लगता है कि शरद पवार जी ने अच्छे सोचकर काम किया है। वह अजीत पवार जी को श्रद्धांजलि देने के लिए तो जरूरी था, लेकिन उनके बेटों पार्थ और जय पवार को एक साथ मिलने का भी मौका दिया। यह अच्छा दिखता है। 👍
 
🤔 बात तो ये है कि शरद पवार ने अजीत पवार को श्रद्धांजलि देने जाने से पहले उसके घर पर तो वह अपनी बहन सुनेत्रा पवार के साथ रहा। यह कोई अच्छा संकेत है या नहीं? 🤷‍♂️ मुझे लगता है कि यह एक ऐसा समय है जब हमें अपने नेताओं और उनके परिवारों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। 👍
 
मुझे लगता है कि शरद पवार के दोनों गुटों के बीच संभावित पुनर्मिलन की अटकलें तेज होने में कुछ अच्छा भी हो सकता है, लेकिन फिर देखते हैं कि इसका मतलब क्या होगा।

मुझे अजीत पवार से बहुत करीबी संबंध था, और वह एक बहुत बड़ा नेता थे। मुझे लगता है कि उनकी विरासत हमेशा आगे बढ़ेगी, लेकिन यह भी सच हो सकता है कि उनकी विरासत कभी नहीं बढ़ सकती।

मैंने आज दिवंगत अजीत पवार से मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वह नहीं आया, और अब वह श्रद्धांजलि अर्पित करना है। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा काम है, लेकिन फिर देखते हैं कि इसका मतलब क्या होगा।
 
मुझे याद आता है कि मैंने अपनी दादी नानी से सुनाई थी कि जब वो बच्चियां थीं, तो उन्हें खेतों में बिना कपड़े पहनकर खिलौनों के साथ जंगल जाना था। वो खुशी से कहती थीं कि वह प्रकृति के साथ एक हैं। मुझे लगता है कि शरद पवार ने उसी तरह अपने बेटों को एक दूसरे के साथ मिलने का मौका दिया, ताकि वो भी खुश और जंगल की तरह खुलकर खिलौने खेल सकें। 🌳
 
अरे, यह तो बहुत दिलचस्प है कि शरद पवार ने सुनेत्रा के घर गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी, लेकिन इसके पीछे क्या सच्चाई है? क्या वास्तव में वह दोनों एक-दूसरे को मिलने की इज़ाज़ नहीं दे रहे थे, बल्कि उसे साबित करना चाहते थे कि वह अभी भी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं? और तभी राष्ट्रवादी पार्टी में यह पुनर्मिलन होने की बात, यानी कि वह दो गुट एक साथ आ गए हैं, लेकिन क्या वास्तव में यह सच है? 🤔
 
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