सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष बैंक खाते फ्रीज करने के नियमों पर सुनवाई रखी, जबकि साइबर अपराध की जांच में डिजिटल गिरफ्तारी का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में दायर हुआ है।
केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की मांग करती याचिका को सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ रखी गई है। यह मामला विशेष तौर पर बैंक खातों को फ्रीज करने के नियमों और डिजिटल गिरफ्तारी की जांच के दौरान उनकी प्रक्रियाओं से जुड़ा है।
इस याचिका में कहा गया है कि बिना कारणयुक्त आदेश के किसी भी बैंक खाते को फ्रीज न किया जाए और 24 घंटे के भीतर खाताधारक को इसकी सूचना दी जाए। वहीं, एसओपी बनाने की मांग की गई है।
इस मामले में रजिस्ट्री ने बताया है कि यह याचिका पहले से ही डिजिटल गिरफ्तारी से जुड़ा एक अलग मामले में विचाराधीन है, लेकिन अदालत ने कहा है कि इसकी प्रार्थना ‘बी’ और ‘सी’ पहले से ही दूसरे मामले में विचाराधीन हैं।
इस याचिका को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ रखे जाने से यह साफ होता है कि अदालत इस मामले पर गहन ध्यान देने की इच्छुक है।
इससे पहले, 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की प्रति केंद्र सरकार को देने और मामले को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया था।
केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की मांग करती याचिका को सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ रखी गई है। यह मामला विशेष तौर पर बैंक खातों को फ्रीज करने के नियमों और डिजिटल गिरफ्तारी की जांच के दौरान उनकी प्रक्रियाओं से जुड़ा है।
इस याचिका में कहा गया है कि बिना कारणयुक्त आदेश के किसी भी बैंक खाते को फ्रीज न किया जाए और 24 घंटे के भीतर खाताधारक को इसकी सूचना दी जाए। वहीं, एसओपी बनाने की मांग की गई है।
इस मामले में रजिस्ट्री ने बताया है कि यह याचिका पहले से ही डिजिटल गिरफ्तारी से जुड़ा एक अलग मामले में विचाराधीन है, लेकिन अदालत ने कहा है कि इसकी प्रार्थना ‘बी’ और ‘सी’ पहले से ही दूसरे मामले में विचाराधीन हैं।
इस याचिका को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ रखे जाने से यह साफ होता है कि अदालत इस मामले पर गहन ध्यान देने की इच्छुक है।
इससे पहले, 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की प्रति केंद्र सरकार को देने और मामले को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया था।