तिरुपति लड्डू- जानवर की चर्बी, मिलावटी घी से हवाला तक: मंदिर को 250 करोड़ का नुकसान, जगनमोहन के सांसद और मंदिर कमेटी पर सवाल

तिरुपति देवस्थान में चढ़ाया जाने वाला लड्डू प्रसाद पर अब सिटी इंट्रिगेशन की बात हो गई है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम टीडीई में 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया।
 
क्या ये सच है? तिरुमला टीडीई में जो लड्डू प्रसाद चढ़ाया गया, वाह! 68 लाख किलोग्राम घी तो भारत में कोई नहीं सोचता था 🤯। यह तो और भी गड़बड़ है कि प्रतिनिधियों ने इतनी बड़ी संख्या में घी लाया और फिर ये सब चढ़ाया। जानवर की तरह बोलते हैं और जानवर की तरह करते हैं।
 
बहुत अजीब बात है तिरुमला तिरुपति देवस्थान में से लड्डू प्रसाद को चढ़ाया जाना। मुझे लगता है की यह तो एक बड़ी झूठी कहानी है। 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी का इस्तेमाल करना तो पूरी तरह से अनचाहा है। हमें ऐसी बातों को भूलना चाहिए जो देश की छत पर उछल रहे हैं। लोगों को यकीन करना चाहिए की ये संस्थान हमारे देश के लिए कुछ अच्छा करने वाले हैं।
 
मैंने तिरुमला में जाने के बाद तो तिरुपति देवस्थान में लड्डू प्रसाद की बात सुनी थी। लेकिन अब यह बताया गया है कि उसे चढ़ाया गया है। तुमने कभी नहीं सोचा था कि उन्होंने इतनी ज्यादा मिलावटी घी का इस्तेमाल किया। 68 लाख किलोग्राम बिल्कुल भी नहीं चाहिए। यह तो एक बड़ा दुर्भाग्य है। मैं समझ नहीं पाता, कैसे इतनी ज्यादा घी का इस्तेमाल किया। शायद उन्हें ऐसा करने की जरूरत न थी।
 
बिल्कुल स्वीकार करते हैं तिरुमला देवस्थान में चढ़ाए जाने वाले लड्डू प्रसाद पर अब यह एक बड़ी चिंता की बात हो गई है 😳। 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी का इस्तेमाल करना तिरुमला देवस्थान टीडीई के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। ये तिरुपति देवस्थान की प्रतिष्ठा और स्वच्छता को भी प्रभावित करेगा। मुझे लगता है कि इस मामले में उच्च अधिकारियों को गहराई में जांच करनी चाहिए ताकि हमें यह पता चल सके कि इससे क्या नुकसान हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
 
तिरुमला मामले में हो रही स्टोरी बहुत ही दिलचस्प है 🤔। सबसे ज्यादा मुझे यह पता चलने से पसीना आया कि प्रसाद लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की नाक पर लगाया जाने वाला लड्डू प्रसाद में इतना अधिक घी मिल गया है। यह तो जरूर एक बड़ा मुद्दा है और सारे देवस्थानों की जगह-जगह ऐसी चीजों पर ध्यान नहीं देने पर जरूर ध्यान देना चाहिए।
 
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