TOP News: ट्रंप नहीं लगाएंगे यूरोपीय देशों पर टैरिफ; नोएडा मौत मामले में अब चरित्र हनन की साजिश; सुर्खियां

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर यूरोपीय देशों पर लगाए गए टैरिफ को वापस लेने की घोषणा की है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वे किसी भी यूरोपीय देश पर ग्रीनलैंड के मुद्दे को लेकर टैरिफ नहीं लगाएंगे। इस फैसले से यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच आर्थिक समझौते में सुधार होने की संभावना बढ़ गई है।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन को एनडीए के साथ आने का न्योता दिया है। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि एनडीए और तृणमूल कांग्रेस के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

ईरान में प्रदर्शनकारियों की एकत्र होने से पहले उनकी मौतों की संख्या बढ़ गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यहां लगभग 50 लोग मारे गए हैं।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में गड्ढे में कार गिरने और डूबने से मरने वाले इंजीनियर युवराज मेहता की चरित्र हनन की साजिश शुरू हो गई है। इस पूरे मामले में सरकारी और स्थानीय व्यवस्था की घोर लापरवाही उजागर हुई है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी संजीव खिरवार को एमसीडी का नया आयुक्त नियुक्त किया है। यह वही संजीव खिरवार हैं जो मई 2022 में चर्चा में आए थे जब उन पर सार्वजनिक स्टेडियम को खाली करा करके कुत्ते के साथ घूमने का आरोप लगे थे।
 
तो अब अमेरिका ने यूरोपीय देशों पर टैरिफ वापस लेने का फैसला किया, तो अच्छी बात है 🤞। इससे आर्थिक समझौतों में सुधार होने की उम्मीद में हमेशा कुछ अच्छा होता है। लेकिन यूरोपीय देशों ने भी अपने-अपने तरीके से इस फैसले को प्रभावित करने की कोशिश की, तो अब देखिए क्या होता है।

केंद्र मंत्रियों के बीच चर्चाएं बढ़ रही हैं और एनडीए के साथ आने का न्योता भी दिया गया है, तो यह तो अच्छा है 🤝। लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाओं की घटाने से खेद है, जैसे कि युवराज मेहता की डूबने की घटना, इससे बहुत दुख होता है।

और तो और, ईरान में प्रदर्शनकारियों की एकत्र होने से पहले उनकी मौतों की संख्या बढ़ गई है, यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है 😔
 
मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप जी की इस बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए कि वह किसी भी यूरोपीय देश पर ग्रीनलैंड के मुद्दे को लेकर टैरिफ नहीं लगाएंगे। यह तो एक अच्छा फैसला है क्योंकि इससे आर्थिक समझौतों में सुधार होगा, लेकिन हमें उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वे सब सच होंगे। 🤔

और दूसरी बात, यह तो एक अच्छा निर्णय है कि केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एनडीए और तृणमूल कांग्रेस के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। इससे भारत को फायदा हो सकता है। 👍
 
मुझे लगता है कि यह अच्छी खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड पर यूरोपीय देशों पर लगाए गए टैरिफ को वापस लेने की घोषणा की है। मुझे लगता है कि यह फैसला हमें आर्थिक समझौतों में सुधार करने में मदद करेगा। 🙌
 
बिल्कुल सही यह फैसला अमेरिका की पहल की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के समझौतों से हमें आर्थिक रूप से अच्छा लाभ मिलेगा।

अरे, इससे पहले कि यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड पर टैरिफ लगाया, अमेरिकी और भारतीय सरकारों ने अपनी बातचीत शुरू कर दी थी। अब यह समझौता स्पष्ट हो गया है कि हमें कुछ नहीं करना पड़ेगा।

ईरान में प्रदर्शनकारियों की बहुत भीड़ लगने से पहले उनकी जान जानबूझकर लेने का यह काम तेजी से खराब हो रहा है। इस तरह के घटनाक्रम से हमें देशभर में शांति बनाए रखने के प्रयास करने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की हत्या एक बहुत बड़ा संदेश देता है कि हमारी सरकार और स्थानीय व्यवस्था को अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से समझने की जरूरत है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एमसीडी का नया आयुक्त संजीव खिरवार को नियुक्त किया है, जिसकी पूर्व स्थिति हमें बहुत परेशान कर रही थी।
 
ट्रंप के न्यू दिल्ली प्रस्थान के बाद से कई चीजें बदल गई हैं लेकिन मुझे यह लगता है कि टैरिफ बढ़ाने से यूरो-अमेरिका रिश्तों में कुछ नया शुरू हुआ है।

केरल में एनडीए और तृणमूल कांग्रेस की गठबंधन बातचीत को देखकर मुझे यह ध्यान आया है कि कैसे एक साथ आने से लोगों की जिंदगी में अच्छाई आ सकती है।

ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याओं को देखकर चिंतित हूँ। यह एक बहुत बड़ी समस्या है और इस पर सरकार से गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए।

नोएडा की गड्ढे में मरने वाले इंजीनियर युवराज मेहता के चरित्र हनन की बात जब सुनाई देती है तो मुझे बहुत दुख होता है। यह एक बड़ा अपराध है।

संजीव खिरवार को एमसीडी का नया आयुक्त नियुक्त करने पर मुझे यह लग रहा है कि क्या सरकार वास्तव में अपने अधिकारियों की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर काम कर रही है।
 
अमेरिका की इस बात से तो कहें कि वे अभी भी अपने आर्थिक मुद्दों पर ध्यान देने में असफल रहे, लेकिन अब वे ग्रीनलैंड पर टैरिफ वापस लेने का फैसला कर रहे हैं। यह तो एक अच्छा संकेत है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था में सुधार की दिशा में कुछ बदलाव आ रहा है।

लेकिन, इस पर भारत की प्रतिक्रिया क्या होगी? हमें पता चलेगा कि भारत कैसे इस मुद्दे पर अपनी स्थिति तय करेगा। और अगर अमेरिका ने टैरिफ वापस लेने का फैसला किया, तो यह भी देखने योग्य है कि यूरोपीय संघ कैसे इस मुद्दे पर अपनी बात रखेगा।

अब, ईरान की स्थिति से पूछें तो यह बहुत गंभीर है। 50 लोगों की मौतें होना एक बड़ा आपत्तिजनक हाल है, और यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है कि हम कैसे अपने देश को इस तरह के विदेशी मुद्दों से बचाएंगे।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुई गड्ढे में कार गिरने और डूबने की घटना तो एक बड़ी चिंता है। यह तो सरकारी लापरवाही का एक और उदाहरण है, जो हमें एक बार फिर से इस पर विचार करने पर मजबूर करती है कि हम अपने देश की सुरक्षा और सेवनीयता कैसे सुनिश्चित करेंगे।

अब, एमसीडी में नया आयुक्त नियुक्त करने की घोषणा, तो यह भारत के लिए एक अच्छा संकेत है कि हम अपने प्रशासनिक सेवा में सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं। लेकिन, यह भी देखने योग्य है कि इस आयुक्त ने कैसे हमारे देश को आगे बढ़ाएगा।
 
देखिए यह तो बहुत ही दिलचस्प बातें हैं जो सामने आई हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड पर यूरोपीय देशों पर लगाए गए टैरिफ को वापस लेने की घोषणा की तो यह अच्छी बात है। लगता है कि अब भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक समझौते में सुधार होने की शान कुछ ऐसी नहीं है।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एनडीए के साथ आने का न्योता दिया तो यह अच्छा है, लेकिन किसने पूर्व में ऐसा नहीं कहा था।

ईरान में प्रदर्शनकारियों की एकत्र होने से पहले उनकी मौतों की संख्या बढ़ गई तो यह बहुत ही दुखद बात है। जैसे बिगड़ते हुए युवाओं की गाड़ी में गिरने से मरने वाले युवराज मेहता की चरित्र हनन की साजिश शुरू हो गई तो यह सरकारी और स्थानीय व्यवस्था की लापरवाही की चोट लग रही है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एमसीडी का नया आयुक्त नियुक्त किया तो यह अच्छा है, लेकिन संजीव खिरवार के पास ऐसे आरोप लगे थे जैसे अगर उनके पैरों के अंदर धागा फंस गया तो भी उन्हें आयुक्त बनाया गया।
 
क्या ये वास्तव में एक अच्छा निर्णय है? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर यूरोपीय देशों पर लगाए गए टैरिफ को वापस लेने की घोषणा से पहले तो उन्हें पता था कि यह एक बड़ा मुद्दा है, फिर भी वे ऐसा करने में सहज नहीं हुए? 🤔

और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन से एनडीए के साथ आने का न्योता देने की बात, यह तो एक अच्छा निर्णय है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे पहले उन्हें अपने पार्टी के नेताओं से बात करनी चाहिए। 🤝

मैं ईरान में प्रदर्शनकारियों की एकत्र होने से पहले उनकी मौतों की संख्या बढ़ने को अच्छी तरह नहीं समझ पा रहा हूँ। यह तो एक बहुत बड़ा और गंभीर मुद्दा है। 🤕

और उत्तर प्रदेश के नोएडा में गड्ढे में कार गिरने और डूबने से मरने वाले इंजीनियर युवराज मेहता की चरित्र हनन की साजिश शुरू होने से तो नोएडा के लोगों को बहुत दुख होगा। 🚨

केंद्रीय गृह मंत्रालय का एमसीडी का नया आयुक्त नियुक्त करने का फैसला, यह तो अच्छा है, लेकिन इससे पहले उन्हें अपने पिछले अनुभवों से सबक लेना चाहिए। 🙏
 
अरे वाह! ट्रंप ने ग्रीनलैंड को यूरोपीय देशों पर लगाए गए टैरिफ को वापस लेने की घोषणा की है... तो लगता है कि वह अब अपने खिलाड़ी को नहीं छोड़ेगा! 😂👍
 
क्या देखने को मिला है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर यूरोपीय देशों पर लगाए गए टैरिफ को वापस लेने की घोषणा की है, इससे पहले उन्होंने कहा था कि वे किसी भी यूरोपीय देश पर ग्रीनलैंड के मुद्दे को लेकर टैरिफ नहीं लगाएंगे। यह फैसले से यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच आर्थिक समझौते में सुधार होने की संभावना बढ़ गई है, जिससे दोनों पक्षों को आर्थिक लाभ होगा।

लेकिन इस फैसले के पीछे क्या ताकत है? इसका जवाब यह है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ में आर्थिक रिश्तों में बदलाव आ गया है। अब दोनों पक्ष एक-दूसरे की जरूरतों को समझने लगे हैं और अपने बीच आर्थिक समझौते करने का प्रयास कर रहे हैं।

इस तरह की राजनीति में हमेशा न्याय की स्थिति बदलती रहती है, लेकिन इससे हिंदुस्तान पर भी कुछ सीखने को मिल सकता है।
 
अमेरिका की यह बात अच्छी तो है लेकिन ग्रीनलैंड पर टैरिफ वापस लेने से क्या फायदा होगा? यूरोपीय देशों ने पहले भी ऐसा ही किया था, लेकिन फिर कुछ वर्षों में वहीं से समस्याएं फिर से आ गईं।
 
मुझे लगता है कि दुनिया अब थोड़ा सा समझ में आने लगी है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ अजीब है। यह अच्छा है कि अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर टैरिफ उठाने को वापस लेने की घोषणा की है, खासकर जब यूरोपीय देशों ने पहले ऐसा नहीं किया। यह तो एक अच्छा संकेत है कि दुनिया में सुधार होने की कोशिश की जा रही है।
 
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर लगाए गए टैरिफ को वापस लेने की बात कही, लेकिन पहले तो उन्होंने खुद कहा था कि नहीं करेंगे। यह तो एक बड़ी मेंगली है! 😒 अब यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच आर्थिक समझौते में सुधार होने की बात भी नहीं होगी, बस टैरिफ वापस लेने की।

केंद्रीय मंत्री अठावले ने पिनरायी विजयन से एनडीए में आने का न्योता दिया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। यह तो एक बड़ा हेरफेर है! 🤥 क्यों नहीं कह रहे कि नहीं आ सकते?

ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौतें बढ़ गईं। ये तो एक बहुत बड़ी चोट है। 🚨 किसी भी तरह से इन लोगों को न्याय देना होगा।
 
अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाए गए, अब वापस ले रहे हैं... यह अच्छी बात हो सकती है, लेकिन क्या सच में किसी भी समस्या का समाधान कर पाएंगे? मेरा मन तो यह सोचता है कि सब कुछ ठीक से नहीं चल रहा था। और केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन को एनडीए के साथ आने का न्योता... लेकिन क्या यह सही राह है? केंद्र सरकार द्वारा अन्यायपूर्ण कार्रवाइयों को ठीक करने का प्रयास नहीं किया जाता तो सब कुछ बर्बाद हो सकता है।

ईरान में युवाओं की हत्याएं बढ़ रही हैं... यह बहुत दुखद है। लोगों ने अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए, लेकिन गैरकानूनी तरीके से नहीं। उत्तर प्रदेश के नोएडा में गड्ढे में कार गिरने और डूबने से मरने वाले इंजीनियर युवराज मेहता... यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों की जान जोखिम में नहीं आनी चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एमसीडी का नया आयुक्त संजीव खिरवार को नियुक्त किया... यह एक बड़ा सवाल है। क्या उनकी पिछली गलतियों को देखा गया था? लोगों की ईमानदारी और निष्पक्षता पर भरोसा नहीं हो सकता।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर लगाए गए टैरिफ को वापस लेने की बात कही, अब देखिए क्या होता है इसका परिणाम। इससे पहले उनका यह बयान था, अब यह सिर्फ एक बयान नहीं है। मुझे लगता है कि भारतीय नेताओं को भी अपने देश की राजनीति में बहुत सोच-विचार कर उन्होंने क्या पाया है, इससे पहले वे अपने देश की राजनीति में आगे बढ़े।
 
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