असम बीजेपी ने शनिवार को पाइंट ब्लैंक शॉट वाले कैप्शन के साथ एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर टोपी पहने दो लोगों पर निशाना साधते हुए दिखाया गया था। इस वीडियो में दिखाया गया कि राज्य में इस साल विधानसभा चुनाव हैं, और ऐसे में यह वीडियो पनपा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
वीडियो में बांग्लादेशियों पर कोई दया नहीं, तुम पाकिस्तान क्यों गए? और विदेशी मुक्त असम जैसी लाइने लिखी हुई थीं। इसके अलावा, यह एक काउबॉय की तरह कपड़े पहने और बंदूक चलाते हुए खत्म होता है। इस पर बांग्लादेशियों पर कोई दया नहीं है, तुम पाकिस्तान क्यों गए? और विदेशी मुक्त असम जैसी लाइने लिखी हुई थीं।
कांग्रेस ने सीएम हिमंत के इस वीडियो पर कहा है कि यह बेहद ही घृणित और परेशान करने वाला है। यह फासीवादी चेहरे का असली प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से नफरत को पाला है। पिछले 11 सालों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की गई है।
सुप्रिया श्रीनेत ने इस वीडियो पर कहा है कि यही है असली बीजेपी: सामूहिक हत्यारे, जहर, नफरत और हिंसा आप पर है, मिस्टर मोदी। उन्होंने न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं?
इसके अलावा, टीएमसी ने भी इस प्रतिक्रिया दी है, कहा है कि वीडियो नरसंहार और सामूहिक हत्या के लिए हरी झंडी है। बीजेपी ने अकेले ही भारत की राजनीतिक चर्चा को गटर में घसीट लिया है, और हमारे संविधान की धर्मनिरपेक्ष बहुलवादी भावना को धूल में मिला दिया है।
वीडियो में बांग्लादेशियों पर कोई दया नहीं, तुम पाकिस्तान क्यों गए? और विदेशी मुक्त असम जैसी लाइने लिखी हुई थीं। इसके अलावा, यह एक काउबॉय की तरह कपड़े पहने और बंदूक चलाते हुए खत्म होता है। इस पर बांग्लादेशियों पर कोई दया नहीं है, तुम पाकिस्तान क्यों गए? और विदेशी मुक्त असम जैसी लाइने लिखी हुई थीं।
कांग्रेस ने सीएम हिमंत के इस वीडियो पर कहा है कि यह बेहद ही घृणित और परेशान करने वाला है। यह फासीवादी चेहरे का असली प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से नफरत को पाला है। पिछले 11 सालों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की गई है।
सुप्रिया श्रीनेत ने इस वीडियो पर कहा है कि यही है असली बीजेपी: सामूहिक हत्यारे, जहर, नफरत और हिंसा आप पर है, मिस्टर मोदी। उन्होंने न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं?
इसके अलावा, टीएमसी ने भी इस प्रतिक्रिया दी है, कहा है कि वीडियो नरसंहार और सामूहिक हत्या के लिए हरी झंडी है। बीजेपी ने अकेले ही भारत की राजनीतिक चर्चा को गटर में घसीट लिया है, और हमारे संविधान की धर्मनिरपेक्ष बहुलवादी भावना को धूल में मिला दिया है।