ट्रंप ने भेजा एक और जंगी बेड़ा तो ईरान ने दिया तगड़ा जवाब- 'सेना तैयार, ट्रिगर पर उंगलियां...'

अमेरिका-ईरान के बीच टेंशन चरम पर पहुंच गई है. तेहरान ने अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन का जोरदार जवाब देने की धमकी वाली ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनकी सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं और देश पर किसी भी हमले का जोरदार जवाब देने के लिए ट्रिगर पर उंगलियां रखी हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान विवादित परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ डील करने के बावजूद बड़े पैमाने पर अमेरिकी हमले की धमकी दी थी, जिसका जवाब ईरान तुरंत और अभूतपूर्व तरीके से देने की बात कह रहा है.
 
अमेरिका-ईरान में तनाव बहुत बढ़ गया है तो? पहले ट्रंप जी ने ईरान विवादित परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका से डील करने की बात कही, फिर बाद में बड़े पैमाने पर हमले की धमकी दी... तो अब ईरान तो तुरंत जवाब देने की बात कर रहा है!

मैं समझ नहीं पाया कि अमेरिकी और ईरान के बीच इतना तनाव बढ़ गया? पहले अमेरिकी और ईरान के बीच सौहार्द था, तो फिर क्या बदलाव आया?

तो अब ईरान विदेश मंत्री अराघची जी ने कहा है कि उनकी सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं... तो क्या यह मतलब है कि ईरान को अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए?
 
अमेरिका-ईरान की इस टेंशन में हमारे विश्वासक्ष मित्रों को भी घायल हुआ जाना चाहिए. क्या ईरान की सरकार खुद नहीं देख रही है कि अमेरिका से यह लड़ने की तैयारी करते समय, हमारा देश और हमारे लोगों पर भारी पड़ेगा? आइए हम ईरान के राष्ट्रपति को शांति की बात कहें और इस विवाद में अपनी सैन्य शक्तियों को बहाल न करें। हमारा देश खुशहाल रहना चाहता है और सभी देशों के साथ प्रेम-करुणा के संबंध बनाना चाहता है।
 
अमेरिकी-ईरान की ये समस्या भारतीय अर्थव्यवस्था पर लगने वाली बढ़ती आर्थिक चुनौतियों को तुलना में थोड़ी ही महत्वपूर्ण लगती है, लेकिन फिर भी यह सब देखकर हैरान हो जाता है कि दुनिया के इस तरह बड़े देशों में इतनी आसानी से हिंसा और धमकी की बात करना शुरू हो जाती है। मैंने भी बचपन में जब येलो फोन था, और नेटवर्किंग की तादद थी, तब दुनिया में इतनी चीजें बदल जाती थीं, लेकिन लगता है कि कुछ चीजें कभी नहीं बदलती। 📱
 
मुझे ये बहुत चिंताजनक लग रहा है 🤕, लेकिन फिर भी मैंने सोचा है कि शांति हमेशा सबसे अच्छा विकल्प होता है। अगर ईरान और अमेरिका अपने मतभेदों को हल करने की कोशिश करें तो दोनों देशों के लोग बहुत सुधर सकते हैं 🙏. हमें आशा रखनी चाहिए कि दोनों देशों ने शांति के माध्यम से अपने समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।
 
America ki baat sunkar maine socha hai, yahaan par kuch bhi galat nahi hai. Ek aur ek logon ko milakar sab kuch samajh mein aane ka prayaas karna chahiye. Yeh sab kuch hawa mein futaana hai, lekin humein khudko dhyaan rakhna chahiye ki yeh kya hai jise humein padta hai... 🤔 America ki senaon ko dhमकane ke liye ek jawab dena thoda bhi zaroori nahi hai. Ye sab kuch Iran ki senaon ko aage badhne ka mauka dene wala hai, jo ki sachmein bura hai. Maine socha hai yeh America ki baat sun kar, ek dusre logon se baat karna chahiye, taki humein yah samajh mein aaye ki yeh sab kya hai aur isse kaise nikalna hoga... 🤷‍♂️
 
यह तो बहुत गंभीर में में आ गया है.. अमेरिका-ईरान की यह दुनिया में फंसना नज़रत में खराब नहीं लग रहा है। मुझे लगता है कि दोनों पक्षों को खुद पर विश्वास करना चाहिए, लेकिन जब तक वे अपनी सुरक्षा को खतरे में नहीं डालते, तब तक यह सब तो एक बड़ा खेल है। ईरान की बात करते हुए, मुझे लगता है कि उनकी दूसरी सेना और नागरिकों की रक्षा करने के लिए तैयार रहना चाहिए। अमेरिका भी अपनी सुरक्षा को समझता है, यह तो ठीक है। लेकिन इतने बड़े हमले की बात करते समय, मुझे लगता है कि दोनों पक्षों को थोड़ा सोच-समझकर आगे बढ़ना चाहिए।
 
ये तो देखिए, ईरान ने अमेरिका से कहा है कि अगर वे हमला करेंगे तो हम उनके गैस टैंकों को फोड़ देंगे... तो क्या अब अमेरिकी लड़के सोचेंगे कि ईरान में जाने के लिए कोई फायदा है? 🤣 किसान भी बिना रुककर खेत में नहीं जाता, ना?! 😂
 
अमेरिका-ईरान की इस तरह से मुलाकात करने की बात मुझे खेद है, परन्तु अमेरिका और ईरान की दोनों तरफ बहुत बड़ा जोखिम है। यह एक ऐसी जगह पर पहुंच गया है जहां तो दोनों तरफ नशे से चलना पड़ेगा, फिर भी मैं ईरान की दोस्तों की बात करूँ। अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन का जवाब देने वाली ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनकी सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं और हमलों पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। यह बहुत ही खतरनाक है, फिर भी ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।

क्या यह वास्तव में अमेरिका और ईरान के बीच एक दुश्मनों की लड़ाई है? या बस दोनों तरफ बहुत बड़ा डील करने की बात कर रहे हैं? मुझे लगता है कि दोनों तरफ बहुत सारी गलतफहमी है।

[link to article about Iran-US tensions](https://www.toi.in/in-depth/iran-us-tensions-2023)
 
मुझे लगता है कि ईरान ने गलती कर ली, अमेरिकी से टकराना जरूरी नहीं था, लेकिन फिर भी ईरानी विदेश मंत्री की बातें बहुत बड़ी हो रही हैं, क्योंकि वे इज़राइल की तरह तेजी से खतरे की चाल चलना पसंद करते हैं 🤔

लेकिन फिर, अगर अमेरिका ईरान पर हमला करने जाता है, तो हमारे लिए यह बहुत बड़ी समस्या होगी, और हमें अपने सैन्य को पूरी तरह से तैयार रहना होगा, चाहे वो कुछ भी न हो। 🚨

लेकिन, इस बात पर मैं संदेह करता हूं कि ईरान की इतनी तेजी से खतरे की चाल चलने की क्षमता है, और हमें उन्हें बहुत ध्यान देना होगा, लेकिन कुछ ऐसा नहीं माना जा सकता है 🤷‍♂️

क्या ईरान ने सही रास्ता चुना? नहीं, तो फिर हमें इस स्थिति से निपटने के लिए अपनी सेनाओं को और भी ज्यादा तैयार करना होगा। 😬
 
मैंने देखा है कि अमेरिकी-ईरान के बीच तनाव को फैलाने वाले न्यूज चैनल्स कभी भी इस मुद्दे पर विश्लेषण नहीं करते। क्या यह सोचेंगे कि अगर ईरान ने जवाब दिया तो यह अमेरिकी द्वारा गलतफहमी है? 🤔 मैंने कभी नहीं देखा है कि कोई ऐसा मामला चुने जिसमें अमेरिका अपने देशवासियों को खतरे में डाले। लेकिन जब ईरान ने जवाब देने का फैसला किया तो सुर्खिए पर रह गया। यह बिल्कुल भांग की बात है।
 
अमेरिकी-ईरान के बीच यह तेज़ गति से घूमने वाला खेल तो बहुत मोहक लग रहा है... लेकिन जैसे ही ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सैन्य ऑपरेशन का जवाब देने की बात कह दी, तो मेरा मन सोचता है कि यह सब कब तक टिकेगा? अमेरिका और ईरान दोनों को समझने की जरूरत है कि अपने विवादों को लड़ने के लिए जानवरों की तरह बोलबाला न करना चाहिए... 🙏💥
 
तो यार, यह ईरानी मिनिस्टर की बातें बहुत ही खतरनाक लग रही हैं 🚨😬 अमेरिकी हमलों की बात कर रहे हैं तो फिर भी ईरानी विदेश मंत्री अपनी सेना को तैयार करने की बात कह रहे हैं... अरे क्या करेंगे, हमारे देश में सैनिकों की जिंदगी सबसे मुश्किल है 🤕

मुझे लगता है कि ईरानी सरकार को बहुत बड़ा चिंतन करना पड़ेगा... अमेरिकी हमलों से पहले हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए, और अगर कोई हमला होता है तो हमारी सेना भी बहुत तैयार है 💪

अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान विवादित परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ डील करने के बावजूद बड़े पैमाने पर अमेरिकी हमले की धमकी देते हैं तो फिर भी ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित रहना चाहिए 🤔
 
अमेरिकी-ईरान के इस विवाद में तो फंस गए तो फंस गये। ये दोनों देश हमेशा से ही झगड़े करते रहते हैं। पहले ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका से बातचीत करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की धमकी दी है। ईरान की जवाबत में अभूतपूर्व तरीके से जवाब देने की बात कह रहा है, लेकिन यह तो अमेरिकी सरकार को पकड़ सकता है और वो देश तेजी से टकराने की ओर बढ़ रहा है। 🚨💥
 
इससे पहले तो हमें ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची को जानता था, लेकिन उनकी भाषा कुछ और अलग है… 😒 वह तो फिलहाल बहुत बड़ा संदेह बन गया है। अमेरिका-ईरान विवाद में हमें अच्छाई-बुराई नहीं देखनी चाहिए, लेकिन यह बात जरूर ताजगी के साथ सुननी चाहिए। क्या ईरान को लगता है कि अमेरिका उसके खिलाफ इतना बड़ा हमला कर सकता है? 🤔
 
अरे, यह तो बहुत खतरनाक है... अमेरिका-ईरान में तो एक दूसरे के साथ खेल नहीं चलेगा, यह तो वास्तविकता होगी। अभी तक ईरान ने कई बार अमेरिकी हमलों से बचने के लिए बहुत ही शानदार तरीके अपनाए हैं। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विवादित परमाणु कार्यक्रम पर डील करने का फैसला किया है, तो ईरान उन्हें माफ नहीं करेगा, यह सुनिश्चित है। ईरान की सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं और अगर कोई हमला होगा, तो जोरदार जवाब देने के लिए तैयार हैं। यह तो बहुत खतरनाक है, हमें अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित होना चाहिए। मुझे खेद है लेकिन ऐसी खतरनाक स्थिति में रिलैक्स नहीं हो सकता, हमें ध्यान भी रखना चाहिए... 🤕
 
क्या भाई, ये अमेरिका-ईरान की मुश्किलें लोगों को अच्छी तरह से डरा रही हैं 🤯. मुझे लगता है कि ईरान ने बहुत सही बात कही है, भाई. अगर वे तुरंत जवाब देने की बात कर रहे हैं, तो मेरा मतलब यह नहीं है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। न, भाई, यह तो बहुत बड़ी गलतफहमी है। मुझे लगता है कि ईरान को अपनी सशस्त्र सेनाओं को और मजबूत बनाने का पलना चाहिए।
 
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है.. तो फिर भी ऐसा मानना ही नहीं चाहिए कि तेहरान की बोली सुननी चाहिए, याद रखना चाहिए कि ईरान को खुद काबू में रखने के लिए बहुत बड़ा जिम्मेदारी है.. अमेरिकी हमलों की धमकी सुनते हुए ईरान ने अपनी सेनाओं को तैयार करने का फैसला किया है, इससे उम्मीद नहीं हो सकती कि यह सब शांतिपूर्ण समाधान पर पहुंच जाएगा.
 
मुझे लगता है कि यह सब बहुत बड़ा खतरा हो सकता है, खासकर बच्चों के लिए. हमें अपने परिवार की सुरक्षा और शांति को सबसे प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि राजनीतिक मुद्दों पर बहस करना। मैं आशा करती हूं कि दोनों देशों के नेताओं ने अपनी बातें सोच-समझकर रखीं और एक-दूसरे के साथ समझौता कर लिया होगा, ताकि बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में खुशियाँ मिल सकें। 🤞
 
अमेरिका-ईरान के यह विवाद में एक बड़ा सवाल उठता है कि दोनों पक्षों को क्या मिली अपनी जिद्द? अमेरिकी तानाशाही और ईरान की आतंकवादी दुनिया में ये दोनों हाथ मिलाकर एक बड़ा विस्फोट निकल सकता है। लेकिन हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका और ईरान के बीच कई सालों से जारी इस संघर्ष में कई लोगों की जान जा रही है।
 
Back
Top