भारत-यूरोपीय समझौते में लग्जरी कार, शराब और चॉकलेट पर आयात शुल्क का तेज़ी से गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे इन उत्पादों की बेहद उच्च कीमतें कम होने वाली हैं। इस समझौते में, भारतीय कपड़ा उद्योग, कृषि उत्पाद और दवा कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में ज़ीरो ड्यूटी एक्सेस मिलेगी। इसका सीधा मतलब है कि भारतीय सामान अब यूरोप के 27 देशों में अपने प्रतिस्पर्धी और सस्ते रूप में उभरने वाला है।
इस समझौते में, फ्रांस, इटली और बेल्जियम जैसे देशों की वाइन, चीज़ और चॉकलेट पर आयात शुल्क को तेज़ी से कम करने की घोषणा की गई है। इससे इन उत्पादों की कीमतें गिरने लगेगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए फायदा होगा।
इस समझौते में, भारतीय कपड़ा उद्योग, कृषि उत्पाद और दवा कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में अपनी सामान्य जिस्म पर 'ज़ीरो ड्यूटी' एक्सेस मिलेगी। इससे भारतीय सामान अब यूरोप के 27 देशों में अपना प्रतिस्पर्धी और सस्ता रूप हासिल कर लेगा।
इस समझौते ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊंचाइयाँ उछाल देने की उम्मीदें जारी रखी हैं। इस समझौते में, भारतीय उद्योगों को यूरोपीय बाजारों में अपने उत्पादों को पहुँचाने का एक नया अवसर मिलेगा, जिससे निर्यात में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
इस समझौते में, फ्रांस, इटली और बेल्जियम जैसे देशों की वाइन, चीज़ और चॉकलेट पर आयात शुल्क को तेज़ी से कम करने की घोषणा की गई है। इससे इन उत्पादों की कीमतें गिरने लगेगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए फायदा होगा।
इस समझौते में, भारतीय कपड़ा उद्योग, कृषि उत्पाद और दवा कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में अपनी सामान्य जिस्म पर 'ज़ीरो ड्यूटी' एक्सेस मिलेगी। इससे भारतीय सामान अब यूरोप के 27 देशों में अपना प्रतिस्पर्धी और सस्ता रूप हासिल कर लेगा।
इस समझौते ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊंचाइयाँ उछाल देने की उम्मीदें जारी रखी हैं। इस समझौते में, भारतीय उद्योगों को यूरोपीय बाजारों में अपने उत्पादों को पहुँचाने का एक नया अवसर मिलेगा, जिससे निर्यात में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।