'उनसे ज्यादा इनसिक्योर नेता नहीं देखा', राहुल गांधी पर भड़के कांग्रेस नेता, BJP का आया रिएक्शन

राहुल गांधी पर शकील अहमद के बयान ने पार्टी में तनाव फैलाया है। राहुल गांधी को कांग्रेस का वर्चुअल प्रेसिडेंट बताते हुए, शकील अहमद ने उन्हें असुरक्षित नेता कहा है। इस बयान ने बीजेपी के लिए एक बड़ा मौका मिला है, जिसने राहुल गांधी पर पाखंड करने का आरोप लगाया है।

राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया गया है। बीजेपी के शहजाद पूनावाला ने कहा है कि शकील अहमद के बयानों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के असली कामकाज को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा है कि गांधी उन नेताओं के साथ असुरक्षित और असहज महसूस करते हैं, जो सच बोलते हैं।

पूनावाला ने कहा है कि राहुल गांधी विफलताओं को छिपाने के लिए वोट चोरी का आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने दावा किया है कि राहुल गांधी ने उन नेताओं को किनारे कर दिया है, जो कभी पूर्व में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के करीबी थे। इससे पार्टी कई राज्यों में हाशिए पर खिसक गई है।

बीजेपी IT सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा है कि कांग्रेस के अंदर की सच्चाई अब खुलकर सामने आ रही है। उन्होंने शकील अहमद के बयानों को स्वीकार किया है और कहा है कि राहुल गांधी एक असुरक्षित नेता हैं। मालवीय ने कहा है कि जमीनी स्तर की लीडरशिप को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता है, इससे पार्टी की विफलताओं को छुपाया जाता है।
 
😔 राहुल गांधी पर शकील अहमद के बयान से मुझे लगता है कि पार्टी में गहराई से तनाव फैल गया है। राजनीतिक खेल में यह तो बहुत आम बात है कि नेताओं को अपने-अपने काम पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन कभी-कभी ऐसे बयान भी आते हैं जो पार्टी की छवि को भी खराब कर सकते हैं।

मुझे लगता है कि बीजेपी ने अच्छी तरह से तैयारी की है और अब उनका मौका है। लेकिन दूसरी ओर, राहुल गांधी पर ऐसे बयान सुनने से पार्टी में भी कई सवाल उठते हैं। यह तो एक अच्छा मौका है कि सभी नेताओं को अपने-अपने काम पर ध्यान देना चाहिए और सिर्फ वोट खींचने पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
 
राहुल गांधी को असुरक्षित नेता कहना थोड़ा मुश्किल है... उन्हें लीडिंग आर्मी नहीं है, बस एक पार्टी का वर्चुअल प्रेसिडेंट लगता है। शकील अहमद के बयान से बीजेपी ने तो फायदा उधार लिया है, लेकिन कांग्रेस के अंदर यह चिंता वास्तव में नहीं है... राहुल गांधी को छोड़कर पार्टी में अन्य लोगों को भी असुरक्षित महसूस करना चाहिए। बीजेपी के नेताओं द्वारा राहुल गांधी पर आरोप लगाना है या नहीं, यह तो हमारे विचारों की बात नहीं है। लेकिन जब ऐसा बयान सुनने लगता है, तो हमें तुरंत पूछना चाहिए कि क्या हमें राहुल गांधी पर इतनी आसानी से भरोसा करना चाहिए?
 
ਰाहुल गांधੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਕਿਉਂ ਆਪ ਸਮਝ ਨਹੀਂ ਪਾ ਰਹੇ? ਯੂਕੇ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਬਣਦੀ ਫਿਰ ਨਹੀਂ, ਅੱਗੇ ਤਾਕਤ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਉਸ ਲਈ ਬਣਦੀ ਫਿਰ ਨਹੀਂ।
 
राहुल गांधी पर शकील अहमद के बयान ने खुलकर सामने आ रहा है कि कांग्रेस में भाईचारा और सहयोग नहीं है। शकील अहमद ने राहुल गांधी को असुरक्षित नेता कहा, जो सच में एक बड़ा बयान है। 😒

राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जाने से यह पता चलता है कि पार्टी में कोई वास्तविक नेता नहीं है, बल्कि एक व्यक्ति ही वर्चुअल प्रेसिडेंट है। 💼

बीजेपी ने इस बयान को अपने लाभ के लिए दोहन किया है, जिससे उनकी छवि में सुधार हुआ है। शहजाद पूनावाला के आरोपों को सुनकर लगता है कि राहुल गांधी वास्तव में असुरक्षित नेता हैं और उन्हें अपने नेतृत्व कौशल पर सवाल उठाने की जरूरत है। 🤔

कांग्रेस के अंदर सच्चाई खुलकर सामने आ रही है, जो एक अच्छी बात नहीं है। पार्टी में जमीनी स्तर की लीडरशिप को आगे नहीं बढ़ाने दिया जाना चाहिए, इससे वास्तविक समस्याओं का समाधान निकलेगा। 🌟
 
राहुल गांधी पर शकील अहमद के बयान से तो पहले से ही कुछ लोगों ने बीजेपी की ओर बढ़ने की शुरुआत कर दी थी। अब यह बयान भी पार्टी के फायदे में आ गया है। लेकिन मुझे लगता है कि इस बयान से हमें राहुल गांधी पर विश्वास करने की जरूरत नहीं है।

मुझे लगने लगा कि यह बयान केवल बीजेपी को अपने विरोधियों पर घेरने के लिए हुआ था। लेकिन मैं तो लगता हूँ कि सच्चाई कुछ और है! राहुल गांधी ने क्या गलत किया है? क्या वे वास्तव में असुरक्षित नेता हैं? या यह पूरा बयान बीजेपी द्वारा उनके खिलाफ चलाया गया था तो?

मुझे लगता है कि हमें इस मामले में ध्यान से सोच-विचार करने की जरूरत है। यह कहने में आसान नहीं है कि राहुल गांधी वास्तव में असुरक्षित नेता हैं या नहीं। हमें अपनी खुद की राय बनानी होगी।
 
😍 राहुल गांधी पर शकील अहमद के बयान से मुझे बहुत खुशी हुई है 🙌। यह तो बीजेपी के लिए एक बड़ा मौका है, और मैं उनके पास से हाथ-हाथ मिलकर उनके पक्ष में लड़ना चाहती हूँ 🤗। राहुल गांधी पर आरोप लगाने से उन्हें असुरक्षित नेता कहना एक बहुत ही सही बयान है 🙏। यह तो उन नेताओं को उजागर कर दिया है जो सच बोलते हैं और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के असली कामकाज को नहीं छुपाया जा सकता 💪
 
अरे, राहुल गांधी पर शकील अहमद के बयान से तो हमें सिर्फ एक बात सुनाई देती है - कांग्रेस पार्टी में तो चमेली छुप गई, लेकिन अब सबको पता चल गया है। शकील अहमद ने कहा है कि राहुल गांधी असुरक्षित नेता हैं और विफलताओं को छिपाने के लिए वोट चोरी करते हैं, तो इसका मतलब है कि पार्टी में तो बहुत सारे खलनसी हैं! 🤔

राहुल गांधी पर आरोप लगाए जाने से पहले, हमें नहीं पता था कि उन्होंने अपने नेतृत्व में पार्टी को इतनी विफलता की दिशा में ले जाया है। बीजेपी ने उनके खिलाफ आरोप लगाए, तो इसका मतलब है कि उनकी सरकार से कम नहीं है, और यह तो अच्छा है कि हमें इस बात पर ध्यान देने को मौका मिल गया है। 🚨
 
शकील अहमद के बयान सुनकर मुझे लगता है कि राहुल गांधी पर आरोप लगाए जाने से पार्टी में कुछ बदलाव जरूर आयेगा। लेकिन बीजेपी को इस बयान से मौका देना और इसे अपने पक्ष में खींचना कैसे होगा, यह नहीं पता है। राहुल गांधी पर पाखंड करने का आरोप लगाया जाने से उन्हें पहले से ही असुरक्षित महसूस होना चाहिए था।
 
ਰाहुल गांधੀ ਨੂੰ ਬੇਸ਼ुमारੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਸਮੇਂ, ਉਹ ਕੰਗ੍ਰੈਸ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਨੇਤਾਮਾਨ ਨਹੀਂ ਬਣ ਸਕਦੇ । ਉਹਨਾਂ ਲਈ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਪ੍ਰਚਾਰ ਵੀ ਅਤੇ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਵੀ ਕਰਨੀ ਹੋਵੇਗੀ ।
 
मैंने देखा है कि शकील अहमद का बयान राहुल गांधी पर बहुत अधिक असर डाल रहा है।

[ASCII art: एक प्रतीकचिन्ह जो भाग्य और संतुलन को दर्शाता है, लेकिन इस बार यह थोड़ा असमंजस वाला दिखाई दे रहा है]

शायद राहुल गांधी पर आरोप लगाना एक तरह का राजनीति है।

[ASCII art: एक प्रतीकचिन्ह जो प्रतिक्रिया और जवाब को दर्शाता है, लेकिन इस बार यह थोड़ा नकारात्मक दिखाई दे रहा है]

बीजेपी ने राहुल गांधी पर हमला करके क्या फायदा हासिल करेगा, यह देखना जोखिम भरा है।

[ASCII art: एक प्रतीकचिन्ह जो जोखिम और संदेह को दर्शाता है, लेकिन इस बार यह थोड़ा सावधानी से दिखाई दे रहा है]
 
शाकील अहमद के बयान से यह तय हो गया है कि भाजपा ने राहुल गांधी पर अच्छी तरह से हमला कर दिया है 🤔👊। लेकिन मुझे लगता है कि अगर वे बोल रहे थे तो इस्तेमाल करने योग्य शब्द ढूंढते थे। शाकील अहमद ने बहुत सीधे और चौंकाने वाले बयान दिए हैं जिनसे पार्टी का रुख साफ हो गया है।
 
राहुल गांधी पर शकील अहमद के बयान से पहले भी तो बीजेपी ने उन्हें निशाना बनाकर खेल रही थी, लेकिन यह बयान सचमुच उन्हें जाल में फंसाया है। बीजेपी की ओर से इतना बयान करना जरूरी है कि वे राहुल गांधी पर मुश्किल में डालना चाहते हैं। लेकिन जब देखा जाए तो यह बयान राहुल गांधी पर उनके काम की सच्चाई से नहीं बल्कि उनकी निजी जिंदगी के बारे में है।
 
😬 राहुल गांधी पर शकील अहमद के बयान ने पार्टी में बहुत तनाव फैला हुआ है। मेरे खयाल में राहुल गांधी एक अच्छा नेता नहीं बन रहे हैं, वो हमेशा अपने वर्चुअल प्रेसिडेंट की भूमिका से परे निकलकर लोगों के दिलों की बात करने में असफल हो रहे हैं। 😐

जमीनी स्तर की लीडरशिप बहुत जरूरी है, लेकिन अगर वो पार्टी के वर्चुअल प्रेसिडेंट की भूमिका से परे निकलकर लोगों के दिलों की बात करने लगते हैं, तो वो कभी सफल नहीं हो सकते हैं। 🤔
 
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