'US प्रेसिडेंट ने 5 बार किया फोन, लेकिन हमने...', PAK संसद में शहबाज के मंत्री ने पढ़े कसीदे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में गाजा के लिए गठित शांति बोर्ड में शामिल होने पर हस्ताक्षर कर दिया है। इस फैसले ने पाकिस्तान में विपक्षी दलों को बहुत आक्रोशित किया है, जिन्होंने सरकार के इस फैसले को स्वीकार नहीं करने की घोषणा की है।

विपक्षी पार्टी के युवा नेताओं ने संसद में जमावड़ा बंद कर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय महत्व के फैसले हमेशा पूरी पारदर्शिता और सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ सलाह मशविरा करके लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में अपने देश की समृद्धि और शांति को खतरे में नहीं डाला है।

पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने संसद में शहबाज शरीफ के कसीदे पढ़कर कहा, 'गाजा और फिलिस्तीन में शांति के लिए हमारे मुस्लिम भाई देशों के साथ पाकिस्तान का केंद्रीय मंच पर होना एक राजनयिक जीत है।' उन्होंने इस फैसले को पाकिस्तान की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के रूप में देखा।

इस फैसले ने विपक्षी दलों को बहुत आक्रोशित किया है, जिन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले से अपने देश की समृद्धि और शांति को खतरे में डाला है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने पांच बार फोन किया था, लेकिन हमने साहस दिखाते हुए परमाणु परीक्षण किया।

पाकिस्तान के युवा नेताओं ने इस फैसले से अपनी निंदा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में अपने देश को खतरे में डाला है और इसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान की समृद्धि और शांति को खतरा है।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से फैसला किया, तो अमेरिकी पर देश का भरोसा कैसे हुआ? 🤔 यह बहुत अजीब लग रहा है कि अमेरिका ने अपना मंच पाकिस्तान पर रख दिया है, तो अब अमेरिकी राष्ट्रपति से बात करने के लिए कौन जाएगा? 📞
 
मुझे लगता है कि यह एक बड़ा फैसला है, लेकिन हमें अपने देश की स्थिति को समझने की जरूरत है 🤔। पाकिस्तान सरकार ने गाजा के शांति बोर्ड में शामिल होने पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जो एक बड़ा राजनयिक फैसला है। लेकिन हमें यह भी समझने की जरूरत है कि इस फैसले से पाकिस्तान की समृद्धि और शांति को खतरा नहीं है, बल्कि इससे पूरे विश्व में पाकिस्तान का एक नया दृष्टिकोण लेकर आने की संभावना है 💡
 
क्या ऐसा लगता है कि पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में गाजा के लिए शांति बोर्ड में शामिल होने पर इस तरह से विवाद पैदा किया है? 🤔

मेरा मत है कि पाकिस्तान सरकार ने बिल्कुल सही फैसला लिया है, और हमें अपने देश को एक साथ बनाए रखने के लिए इस तरह के राजनयिक संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। 🌟

लेकिन विपक्षी दलों ने पूरी तरह से सही किया है, और हमें अपने देश को खतरे में डालने से बचने के लिए सावधान रहना चाहिए। 😬
 
पाकिस्तान सरकार ने गाजा की समस्या पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मदद लेने की बात सुनकर मैं थोड़ा आश्चर्यचकित हो गया 🤔। पहले तो मुझे लगा कि पाकिस्तान सरकार ने अपने देश के लिए बेहतर कुछ नहीं करा है, लेकिन इस फैसले से लगता है कि वे अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बहुत परेशान हैं। मुझे लगता है कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले से अपने देश की समृद्धि और शांति को खतरे में डाला है, लेकिन यह भी सच है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की मदद करने के लिए बहुत साहस दिखाया है। 🤝
 
मैंने पढ़ा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ गाजा के लिए शांति बोर्ड में शामिल होने पर हस्ताक्षर कर दिया है। लेकिन क्या यह सही है? नहीं, क्योंकि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस तरह का फैसला लिया है, तो क्या पाकिस्तान सरकार में उसकी बात सुननी चाहिए? नहीं, क्योंकि अगर विपक्षी दलों की बात सुननी नहीं चाहती, तो क्या वे अपने देश की समृद्धि और शांति के लिए लड़ सकते हैं?

मुझे लगता है कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में अच्छा निर्णय लिया है, लेकिन क्या यह सही है? नहीं, क्योंकि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ने पांच बार फोन किया था, तो क्या पाकिस्तान सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए? नहीं, क्योंकि अगर विपक्षी दलों ने इस फैसले की निंदा की है, तो क्या वे अपने देश की समृद्धि और शांति के लिए लड़ सकते हैं? 🤔📚
 
😒 भारत में ऐसा नहीं होगा, तो फिर पाकिस्तान में क्यों कर रहे हैं? अमेरिका से हमेशा राजनयिक जीत ही जीतते रहते हैं, लेकिन देश की समृद्धि और शांति पर कोई ध्यान नहीं देते। शहबाज शरीफ को अपने निर्णय के बारे में सोच-समझकर फैसला करना चाहिए, न कि अमेरिका की दबाव में। और क्या यह पाकिस्तान की स्वतंत्रता और संप्रभुता को खतरे में डालने का एक तरीका है? 🤔
 
🤕 भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार 7.5% की वृद्धि दर से निपटने में सक्षम नहीं हो रही है ... 💸 पाकिस्तान सरकार की यह फैसले से हमें बहुत चिंतित रहना चाहिए क्योंकि गाजा और फिलिस्तीन में शांति सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में एक बोर्ड बनाया है। 🌎
 
मुझे लगता है कि अमेरिका और पाकिस्तान दोनों के बीच के संबंध बहुत जटिल हैं। मैंने एक बार अमेरिकी लोगों के साथ बातचीत की थी, वे बहुत अच्छे लोग थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार को अपने देश के लिए बहुत सोचते रहना चाहिए और अपने नागरिकों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में बहुत बड़ा गलतिया हुई है, खासकर जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में गाजा के लिए शांति बोर्ड में शामिल होने पर हस्ताक्षर कर दिया है। यह फैसला विपक्षी दलों को बहुत आक्रोशित कर रहा है और उनकी निंदा भी सही है।

मुझे लगता है कि पाकिस्तान सरकार ने अपने देश की समृद्धि और शांति को खतरे में डाला है, खासकर जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने पांच बार फोन किया था। यह फैसला पाकिस्तान की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के लिए नहीं बल्कि अपने देश को खतरे में डालने के लिए है।

मुझे लगता है कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में बहुत बड़ा गलतिया हुई है और उन्हें फिर से विचार करना चाहिए।
 
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