पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में गाजा के लिए गठित शांति बोर्ड में शामिल होने पर हस्ताक्षर कर दिया है। इस फैसले ने पाकिस्तान में विपक्षी दलों को बहुत आक्रोशित किया है, जिन्होंने सरकार के इस फैसले को स्वीकार नहीं करने की घोषणा की है।
विपक्षी पार्टी के युवा नेताओं ने संसद में जमावड़ा बंद कर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय महत्व के फैसले हमेशा पूरी पारदर्शिता और सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ सलाह मशविरा करके लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में अपने देश की समृद्धि और शांति को खतरे में नहीं डाला है।
पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने संसद में शहबाज शरीफ के कसीदे पढ़कर कहा, 'गाजा और फिलिस्तीन में शांति के लिए हमारे मुस्लिम भाई देशों के साथ पाकिस्तान का केंद्रीय मंच पर होना एक राजनयिक जीत है।' उन्होंने इस फैसले को पाकिस्तान की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के रूप में देखा।
इस फैसले ने विपक्षी दलों को बहुत आक्रोशित किया है, जिन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले से अपने देश की समृद्धि और शांति को खतरे में डाला है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने पांच बार फोन किया था, लेकिन हमने साहस दिखाते हुए परमाणु परीक्षण किया।
पाकिस्तान के युवा नेताओं ने इस फैसले से अपनी निंदा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में अपने देश को खतरे में डाला है और इसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान की समृद्धि और शांति को खतरा है।
विपक्षी पार्टी के युवा नेताओं ने संसद में जमावड़ा बंद कर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय महत्व के फैसले हमेशा पूरी पारदर्शिता और सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ सलाह मशविरा करके लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में अपने देश की समृद्धि और शांति को खतरे में नहीं डाला है।
पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने संसद में शहबाज शरीफ के कसीदे पढ़कर कहा, 'गाजा और फिलिस्तीन में शांति के लिए हमारे मुस्लिम भाई देशों के साथ पाकिस्तान का केंद्रीय मंच पर होना एक राजनयिक जीत है।' उन्होंने इस फैसले को पाकिस्तान की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के रूप में देखा।
इस फैसले ने विपक्षी दलों को बहुत आक्रोशित किया है, जिन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले से अपने देश की समृद्धि और शांति को खतरे में डाला है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने पांच बार फोन किया था, लेकिन हमने साहस दिखाते हुए परमाणु परीक्षण किया।
पाकिस्तान के युवा नेताओं ने इस फैसले से अपनी निंदा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में अपने देश को खतरे में डाला है और इसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान की समृद्धि और शांति को खतरा है।